OPEC से बाहर हुआ UAE, क्या खुल गया भारत में सस्ते तेल का रास्ता?

संयुक्त अरब अमीरात का ये फैसला ऐसे समय पर आया है जब मिडिल ईस्ट में हालात बहुत तनावपूर्ण हैं. ईरान और अमेरिका के बीच टकराव बना हुआ है. सबसे बड़ी परेशानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

खाड़ी क्षेत्र के अहम देश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने तेल पैदा करने वाले देशों के बड़े संगठन ओपेक (OPEC) और ओपेक प्लस (OPEC+) से बाहर निकलने का आधिकारिक फैसला कर लिया है. यूएई का ये फैसला ना केवल चौंकाने वाला है, बल्कि दशकों से चले आ रहे ग्लोबली तेल समीकरणों को पूरी तरह बदलने वाला हो सकता है.

59 साल पुराना साथ क्यों टूटा?

यूएई 1967 से ओपेक का मेंबर रहा है. एक्सपर्ट का कहना है कि ये फैसला अचानक नहीं हुआ. दरअसल यूएई चाहता है कि वो ज्यादा तेल निकाले, क्योंकि उसके पास ऐसा करने की क्षमता है. लेकिन ओपेक के नियम उसे तेल प्रोडक्शन बढ़ाने की इजाजत नहीं देते थे.

Advertisement

दूसरी ओर, ईरान के साथ चल रही टेंशन और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने हालात को और बिगाड़ दिया. ऐसे माहौल में यूएई का ये कदम तेल की ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स पर बड़ा असर डाल सकता है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में चल रही टेंशन

ये फैसला ऐसे समय पर आया है जब मिडिल ईस्ट में हालात बहुत तनावपूर्ण हैं. ईरान और अमेरिका के बीच टकराव बना हुआ है. सबसे बड़ी परेशानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है. इस रास्ते से दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल जाता है. मौजूदा टेंशन की वजह से यहां रुकावटें पैदा हो गई हैं, जिससे तेल ले जाने वाले जहाज आगे‑पीछे नहीं आ पा रहे हैं. इससे तेल की सप्लाई ठप हो गई है. 

Advertisement

भारत और दुनिया पर क्या होगा असर?

यूएई के इस फैसले से आने वाले समय में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में और भी ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. भारत जैसे बड़े तेल खरीदने वाले देशों के लिए ये खबर राहत भरी भी हो सकती है और परेशान करने वाली भी. मान लीजिए यूएई प्रोडक्शन बढ़ाता है तो तेल की कीमतें गिर सकती हैं, लेकिन ओपेक में फूट से बाजार में अस्थिरता का खतरा भी बढ़ गया है. ईरान-इजरायल, अमेरिका की जंग की वजह से हालात पहले ही चिंताजनक बने हुए हैं. 

क्या है OPEC?

OPEC ऐसे देशों का ग्रुप है जो तेल बनाते हैं. ये देश आपस में मिलकर तय करते हैं कि कितना तेल निकाला जाए, जिससे दुनिया में तेल की कीमतें और सप्लाई कंट्रोल में रहें.

ये भी पढ़ें-ATF प्राइस बढ़ने से कैंसिलेशन बढ़ने का खतरा, इन रूट्स एयरलाइंस कंपनियां घटा सकती हैं फ्लाइट्स 

ये भी पढ़ें- आईटी सेक्टर में हड़कंप! इंफोसिस टॉप 10 लिस्ट से बाहर, TCS दूसरे से छठे नंबर पर फिसली, क्या AI है वजह?

Featured Video Of The Day
गंगा एक्सप्रेसवे पर अगर नींद आ गई तो जगाने का भी इंतजाम, VIDEO में देखिए खास काम
Topics mentioned in this article