- दुनिया की आबादी आठ अरब से अधिक हो चुकी है, लेकिन कुछ देशों में युवा आबादी तेजी से घट रही है
- तुर्की की आबादी आठ करोड़ से अधिक है, लेकिन जनसंख्या वृद्धि दर रिप्लेसमेंट लेवल से कम है
- तुर्की में बच्चों की आबादी का अनुपात वैश्विक औसत से कम होकर चौबीस दशमलव आठ प्रतिशत है
दुनिया की आबादी 8 अरब के पार पहुंच चुकी है. एक वर्ग इस बढ़ती जनसंख्या को लेकर चिंता जताता है तो वहीं कुछ देशों में तेजी से घट रही आबादी भी परेशानी की वजह है. जापान, इटली, रूस, साउथ कोरिया जैसे देशों में युवा आबादी तेजी से घट रही है. आम धारणा है कि मुस्लिम बहुल देशों की जनसंख्या वृद्धि दर अन्य मुल्कों के मुकाबले अधिक है, लेकिन तुर्की इस मामले में अपवाद नजर आ रहा है. दुनिया के बड़े इस्लामिक देशों में से एक तुर्की की आबादी की ग्रोथ अन्य मुल्कों के मुकाबले कम है. फिलहाल यहां की आबादी 8.6 करोड़ है, लेकिन जनसंख्या वृद्धि दर 1.42 ही है. यह रिप्लेसमेंट लेवल से काफी कम है, जो 2.1 मानी जाती है.
भारत की ग्रोथ भी इस मामले में बीते कुछ सालों में कम हुई है और फिलहाल रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे जाते हुए 1.9 ही है. तुर्की की बात करें तो फिलहाल उसकी आबादी 8 करोड़ के साथ दुनिया में 18वें नंबर है. विश्व की आबादी का एक फीसदी हिस्सा तुर्की में रहता है. फिर भी जनसंख्या वृद्धि दर की जो तस्वीर हमारे सामने है, वह आने वाले समय में परेशानी बढ़ाने वाली है. खासतौर पर असंतुलन को लेकर चिंता जताई जा रही है क्योंकि कुछ देशों में ग्रोथ वैश्विक दर से अधिक है, लेकिन कुछ मुल्कों की आबादी बढ़ने की बजाय निगेटिव ग्रोथ में जा रही है.
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विश्व के 194 देशों में तुर्की 18वें नंबर पर है. लेकिन जनसंख्या वृद्धि दर कम होने के चलते युवा आबादी में कमी देखी जा रही है. दुनिया में 0 से 17 वर्ष की आयु के बच्चों अथवा किशोरों की आबादी का अनुपात 29.3 फीसदी है, लेकिन तुर्की में यह 24.8 पर्सेंट ही रह गया है. यह वैश्विक औसत से कम है. हालांकि एक तथ्य यह भी है कि यूरोपियन यूनियन के देशों का औसत इससे भी कम है. इस मामले में बात करें तो सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में बच्चों की आबादी का अनुपात 56.2 फीसदी है. इसके बाद अफ्रीका के ही मुल्क नाइजर और सोमालिया का नंबर आता है.
साउथ कोरिया में बच्चों की सबसे कम आबादी, 8 में से 7 बड़ी आयु के लोग
बता दें कि बच्चों की आबादी में सबसे कम अनुपात साउथ कोरिया का है. इस मुल्क में बच्चो की आबादी महज 12.9 फीसदी ही है. यह आंकड़ा जापान और सिंगापुर से भी कम है. यूरोप की बात करें तो आयरलैंड में बच्चों का औसत सबसे अधिक 22.3 फीसदी है. इसके बाद स्वीडन और फ्रांस का नंबर आता है. यूरोप में बच्चों की सबसे कम आबादी वाला देश इटली है. यहां बच्चों की आबादी महज 14.6 फीसदी ही है. दिलचस्प तथ्य यह भी है कि एक तरफ तुर्की में जनसंख्या वृद्धि दर घटना से सरकार चिंतित है तो वहीं पाकिस्तान में इसे नियंत्रित करने के उपायों पर बात हो रही है.