- शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट में दो भारतीय जहाजों पर ईरानी सेना ने गोलीबारी की, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ
- ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने की घोषणा की, लेकिन IRGC ने नाकेबंदी जारी रखी
- अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को कई बार बंद और खोला, जिससे जहाजों को कन्फ्यूजन हुआ
होर्मुज स्ट्रेट एक बार फिर बंद हो गया है. शनिवार को दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी हुई. गनीमत रही कि इसमें कोई नुकसान नहीं हुआ. कन्फ्यूजन के कारण गोलीबारी हुई क्योंकि शनिवार को पता ही नहीं था कि होर्मुज खुला है या नहीं. शुक्रवार को ही होर्मुज स्ट्रेट को खोला गया था. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों और नाकाबंदी के कारण इसे फिर बंद कर दिया गया.
भारतीय जहाजों पर हुई गोलीबारी के बाद भारत ने ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली को तलब किया और अपनी चिंता जताई.
हालांकि, इस घटना से अब सवाल उठने लगे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट को आखिर कौन कंट्रोल कर रहा है? एक तरफ ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि होर्मुज को खोल दिया है और सभी जहाज गुजर सकते हैं. लेकिन जिस तरह से गोलीबारी हुई, उससे तो लग रहा है कि ग्राउंड पर अभी भी फैसले ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) कर रही है.
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होर्मुज स्ट्रेट खुला है या बंद?
28 फरवरी को जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला किया था तो ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था. यहां से गुजरने वाले जहाजों पर हमला हुआ. 8 अप्रैल को दो हफ्ते के सीजफायर के बाद होर्मुज को खोला गया लेकिन 10 मिनट में ही बंद कर दिया.
इसके बाद गुरुवार रात को इजरायल-लेबनान में सीजफायर होने के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दिया. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने X पर पोस्ट किया कि लेबनान में सीजफायर लागू होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट को खोला जा रहा है.
लेकिन कन्फ्यूजन यहीं से पैदा हुआ. ईरान की न्यूज एजेंसी तस्नीम ने कहा कि अराघची के एक गलत और अधूरी पोस्ट ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के बारे में कन्फ्यूजन कर दिया है.
इस कन्फ्यूजन का खामियाजा वहां से गुजरने वाले जहाजों को भुगतना पड़ा. विदेश मंत्री कह रहे हैं कि होर्मुज खुल गया है लेकिन ऐसा लगता है कि IRGC ने अभी भी अपनी नाकेबंदी जारी रखी है.
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सरकार और IRGC में चल रहे मतभेद!
अमेरिका-इजरायल से जंग शुरू होने के बाद से ही कई बार ईरानी सरकार और IRGC के बीच मतभेद की खबरें सामने आई हैं. ऐसी भी खबरें थीं कि सरकार सीजफायर करना चाहती है लेकिन IRGC अपनी जिद पर अड़ी है.
लंदन के किंग्स कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर एंड्रियास क्रीग ने कहा कि ईरान युद्ध के बाद सरकार और IRGC के बीच कई बातों को लेकर टकराव सामने आए हैं. उन्होंने कहा, 'यहां कोई भी पूरी तरह से इंचार्ज नहीं है. होर्मुज की कमान IRGC के हाथों में है और वह अराघची के इस बयान से सहमत नहीं है कि यह खुला है.'
शनिवार को जिन दो भारतीय टैंकरों पर गोलीबारी हुई, उसमें एक सुपरटैंकर भी शामिल था जिसमें लगभग 20 लाख बैरल इराकी तेल ले जा रहा था. इन जहाजों पर जिस तरह से गोलीबारी हुई, वह दिखाता है कि होर्मुज पर अभी भी IRGC का ही कंट्रोल है.
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अराघची की पोस्ट और IRGC का पलटवार
विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि सीजफायर के दौरान होर्मुज जहाजों की आवाजाही के लिए खुला रहेगा. ईरान की ओर से आई इस खबर को बड़ी राहत के तौर पर देखा गया. तेल की कीमतों पर भी इसका असर दिखा.
इसके बाद ट्रंप ने भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि ईरान युद्ध को खत्म करने के लिए एक समझौता जल्द ही हो जाएगा.
हालांकि, अराघची के ऐलान के बाद होर्मुज स्ट्रेट बहुत समय तक खुला नहीं रहा. जो जहाज होर्मुज की ओर तेजी से बढ़ रहे थे, उन्हें वापस लौटना पड़ा.
कुछ ही घंटों बाद एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स से कहा कि होर्मुज से गुजरने के लिए IRGC के साथ 'कोऑर्डिनेशन' की जरूरत होगी. कई समाचार एजेंसियों ने अराघटी के इस ट्वीट को अधूरा और भ्रामक बताया. IRGC ने बाद में होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए कुछ शर्तें भी जोड़ दीं. IRGC ने कहा कि कोई भी सैन्य जहाज यहां से नहीं गुजरेगा.
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