- पाकिस्तान सेंट्रल मुस्लिम लीग के उपाध्यक्ष हाफिज तल्हा सईद की बहावलपुर में बैठक का NDTV ने खुलासा किया.
- तल्हा सईद और सैफुल्लाह कसूरी के बीच हुई बैठक की खबर से पाकिस्तान में राजनीतिक और सामाजिक हलचल मची है.
- तल्हा सईद ने झूठा आरोप लगाते हुए अपनी मानवाधिकारों की रक्षा का दावा किया है.
आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद का बेटा और पाकिस्तान सेंट्रल मुस्लिम लीग (PCML) का उपाध्यक्ष हाफिज तल्हा सईद इन दिनों विशेषकर NDTV के एक बड़े खुलासे से सदमे में हैं. हाल ही में NDTV ने सबसे पहले यह खुलासा किया था कि बहावलपुर में हाफिज तल्हा सईद और सैफुल्लाह कसूरी के बीच एक सीक्रेट मीटिंग हुई है. इस खबर के सामने आते ही पाकिस्तान के गलियारों में खलबली मच गई है.
अब खुद को घिरता देख तल्हा सईद ने मानवाधिकारों का कार्ड खेलते हुए भारतीय मीडिया के झूठा बताने लगा है. NDTV की रिपोर्ट में बहावलपुर की उस बैठक का पर्दाफाश किया गया था, जिसमें तल्हा सईद और सैफुल्लाह कसूरी को साथ देखा गया. इस खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की एक बार फिर किरकिरी हुई है. अब इसी विवादित क्लिप और रिपोर्ट को लेकर तल्हा सईद ने अपना आधिकारिक बयान जारी किया है, जिसमें वह पूरी तरह रक्षात्मक और हताश नजर आ रहा है. तल्हा सईद ने कहा ये आरोप निराधार हैं, 'पाकिस्तान सेंट्रल मुस्लिम लीग' से कोई लेना-देना नहीं है.
दिलचस्प बात यह है कि आतंकियों की पैरवी करने वाला तल्हा सईद अब खुद के 'मौलिक मानवाधिकारों' की बात कर रहा है. उसने कहा कि उनके पास संवैधानिक अधिकार है. जिस आतंकी कॉन्फ्रेंस पहलगाम का मास्टरमाइंड भारत के ख़िलाफ़ ज़हर उगला वाटर फ़ोर्स बनाने की बात कर रहा, लड़कों को जिहाद के लिए उकसा रहा उस कार्यक्रम पर तल्हा सईद ने दावा किया कि बहावलपुर में आयोजित कार्यक्रम केवल "बुखारी के वार्षिक बाल समारोह" हो रहा था.
अपने बयान में हाफिज तल्हा सईद ने यह भी कहा कि वह इस मामले में 'मुकदमेबाजी' (litigation) का अधिकार रखते हैं और भारतीय मीडिया के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाएंगे.













