- पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान के जनाज़े में पाकिस्तान और पीओके के बड़े आतंकी शामिल हुए
- हमजा बुरहान को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर मौत के घाट उतारा था
- जनाज़े में हिजबुल मुजाहिदीन के सैयद सलाहुद्दीन और अल-बद्र के बख्त ज़मीन खान समेत कई बड़े आतंकी मौजूद थे
पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (pok) में एक बार फिर आतंकियों की मौजूदगी और उनके नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. पुलवामा आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की मौत के बाद उसके जनाज़े में पाकिस्तान में बैठे कई बड़े वांटेड आतंकी शामिल हुए. इनमें हिजबुल मुजाहिदीन का सरगना सैयद सलाहुद्दीन और अल-बद्र का प्रमुख बख्त ज़मीन खान भी शामिल था. जनाज़े की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद पाकिस्तान एक बार फिर आतंकियों को पनाह देने के आरोपों में घिर गया है. जबकि पाकिस्तान हमेशा इन आरोपों से खुद का बचाव करता रहा है. लेकिन अब मुनीर की पोल खुल गई है.
हमजा बुरहान के जनाजे में बड़े आतंकी हुए शामिल
अरजुमंद गुलजार डार और कोडनेम डॉक्टर के नाम से मशहूर हमजा बुरहान को शुक्रवार को इस्लामाबाद में दफनाया गया. दरअसल एक दिन पहले पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में अज्ञात हमलावरों ने उसे गोली मार दी थी. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ दिखाई दिया कि उसके जनाज़े में बड़ी संख्या में हथियारबंद आतंकी शामिल हुए. इस दौरान वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे.
AK-47 जैसे हथियारों से आतंकियों की सिक्योरिटी
सबसे ज्यादा चर्चा अल-बद्र चीफ बख्त ज़मीन खान की सुरक्षा को लेकर हुई. वीडियो में उसके चारों तरफ AK-47 और आधुनिक हथियारों से लैस आतंकी तैनात दिखाई दिए. माना जा रहा है कि पाकिस्तान और पीओके में हाल के दिनों में आतंकियों की लगातार हो रही टारगेट किलिंग की वजह से यह हाई सिक्योरिटी रखी गई थी. पिछले कुछ सालों में कई वांटेड आतंकी रहस्यमयी परिस्थितियों में मारे जा चुके हैं, जिसके बाद आतंकियों में डर का माहौल पैदा हो गया है.
पुलवामा आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था बुरहान
हमजा बुरहान का नाम साल 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में सामने आया था. इसी हमले में CRPF के 40 से ज्यादा जवान शहीद हुए थे. जानकारी के मुताबिक, वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था. बाद में वह वैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान चला गया और वहां जाकर अल-बद्र आतंकी संगठन में शामिल हो गया.
बुरहान कश्मीर में युवाओं को बरगलाता था
भारत सरकार ने साल 2022 में उसे आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित किया था. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हमजा बुरहान कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की तरफ धकेलने, आतंकियों की भर्ती कराने और पाकिस्तान से आतंकी फंडिंग पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभा रहा था. जांच एजेंसियों का दावा है कि वह अल-बद्र के लिए नेटवर्क तैयार करने और नए लड़कों को आतंकी संगठनों से जोड़ने का काम करता था.
अज्ञात हमलावरों ने हमजा को मारी गोली
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से वह पीओके में छिपकर रह रहा था और अपनी पहचान छुपाने के लिए शिक्षक की नौकरी कर रहा था. स्थानीय पुलिस के मुताबिक, वह मुज़फ्फराबाद के एक प्राइवेट कॉलेज में प्रिंसिपल के तौर पर काम कर रहा था. गुरुवार सुबह जब वह कॉलेज परिसर से बाहर निकला तभी अज्ञात हमलावरों ने बेहद करीब से उस पर फायरिंग कर दी.
आतंकियों को लेकर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी बाइक पर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. हमजा बुरहान की हत्या के बाद पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के बीच हलचल बढ़ गई है. जिस तरह उसके जनाज़े में बड़े आतंकी सरगना खुलेआम शामिल हुए और भारी हथियारों के साथ दिखाई दिए, उसने पाकिस्तान की आतंकियों को लेकर भूमिका पर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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