- इजरायल की सेना ने बताया कि लेबनान से दागी गई मिसाइलों में से एक को रास्ते में ही नष्ट कर दिया गया.
- उत्तरी इजरायल में हवाई हमले के सायरन बजने लगे और कई मिसाइलें खुले इलाकों में गिरी.
- हिजबुल्लाह ने ईरान का समर्थन करना अपना कर्तव्य बताया है लेकिन कोई कार्रवाई की पुष्टि नहीं की.
अमेरिका और इजरायल एक ओर ईरान पर लगातार हमले कर रहे हैं तो दूसरी ओर ईरान भी इजरायल और कुछ खाड़ी देशों मिसाइलों से हमला कर रहा है. हालांकि अब लेबनान की ओर से इजरायल पर मिसाइलें दागी गई हैं. इजरायल की सेना ने सोमवार को बताया कि लेबनान से दागे गए मिसाइलों के कारण उत्तरी इजरायल में हवाई हमले के सायरन बजने लगे. साथ ही सेना ने यह भी बताया कि उसने दागी गई मिसाइलों में से एक को रास्ते में ही नष्ट कर दिया गया.
इजरायली सेना ने टेलीग्राम पर पोस्ट किया, "उत्तरी इजरायल के कई इलाकों में सायरन बजने के बाद लेबनान से इजरायली क्षेत्र में घुसने वाली एक मिसाइल को इजरायली एयर फोर्स ने रोक लिया और कई मिसाइलें खुले इलाकों में गिरी."
ईरान के समर्थन को हिजबुल्लाह ने बताया कर्तव्य
लेबनानी आतंकी समूह हिजबुल्लाह ने रविवार को कहा कि इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद ईरान का समर्थन करना उसका "कर्तव्य" है.
हालांकि अमेरिका और इजरायल द्वारा शनिवार को शुरू किए गए हमलों के बाद से हिज्बुल्लाह ने किसी भी कार्रवाई की पुष्टि नहीं की है. इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या कर दी गई थी और इसके बाद जवाबी ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू हो गए थे.
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12 दिनों के संघर्ष में हिजबुल्लाह ने नहीं किया था हस्तक्षेप
इजरायल के साथ संघर्ष के कारण हिज्बुल्लाह कमज़ोर हो गया है. हिज्बुल्लाह ने अक्टूबर 2023 में फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास द्वारा इजरायल पर घातक हमले और फिर गाजा युद्ध के बाद हमास का समर्थन करने के लिए हमले किए थे.
इजरायल और हिज्बुल्लाह ने 2024 में एक युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, हालांकि इजरायल ने उन लक्ष्यों पर हमले जारी रखे हैं जिनके बारे में उसका कहना है कि वे लेबनानी समूह से जुड़े हैं.
पिछले साल जून में इजरायल और ईरान के बीच हुए 12 दिनों के संघर्ष के दौरान हिज्बुल्लाह ने हस्तक्षेप नहीं किया था.














