- तालिबान ने अफगानिस्तान में शरिया कानून लागू कर महिलाओं की शिक्षा और सार्वजनिक जीवन पर सख्त प्रतिबंध लगाए हैं
- 18 साल की लड़की ने तालिबानी गवर्नर की अदालत में पति से मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाकर तलाक की मांग की
- गवर्नर ने लड़की को तलाक न लेने के लिए मनाने की कोशिश की और महिलाओं को नासमझ बताकर हंसी उड़ाई
अफगानिस्तान पर दोबारा कब्जे के बाद शासन करते हुए तालिबान को 5 साल से ज्यादा वक्त गुजर चुका है. तालिबान सरकार ने इस्लामी शरिया कानून को पूरी तरह से लागू कर रखा है और महिलाओं के मानवाधिकार को ताक पर रख दिया गया है. पहले तालिबान ने लड़कियों के लिए 6th क्लास से आगे की शिक्षा पर रोक लगा दी और बाद में महिलाओं की उच्च शिक्षा पर भी बैन लगा दिया. महिलाओं को न जिम और पार्क जैसी सार्वजनिक जगहों पर जाने की अनुमति है, न उन्हें किसी तरह के खेलों में हिस्सा लेने दिया जाता है. वे पुरुष गार्जियन के बिना दूर की जगहों तक यात्रा भी नहीं कर सकती. इन सभी बंधनों के बीच क्या आपने सोचा है कि तालिबान की अदालतें अपने पति से तलाक मांगती 18 साल की लड़की के मामलों को कैसे हैंडल करती है?
रिपोर्ट में खुलासा
बीबीसी ने एक रिपोर्ट छापी है जिसमें 18 साल की लड़की खुद अदालत के सामने खड़ी होकर तलाक मांगती है, अपना पक्ष रखती है. उसका मामला उत्तरी अफगानिस्तान में गवर्नर अब्दुल्ला सरहदी के सामने आया था. वह लड़की (जिसका नाम छिपाया गया है) तालिबान के इस पूर्व कमांडर से उसके ऑफिस (जो अदालत ही है) में कहती है कि वह अपने पति से तलाक लेना चाहती है. लड़की अपने पति पर महीनों तक दुर्व्यवहार और मारपीट करने का आरोप लगाती है. वह कहती है कि अगर साथ रहना किसी भी तरह बर्दास्त करने लायक होता, तो मैं यहां नहीं होती. मैंने अपना फैसला कर लिया है.
बीबीसी की इस रिपोर्ट के अनुसार शरिया कानून के तहत, अगर कोई महिला अपने पति से तलाक की मांग करती है, तो उसे शादी के समय पति से मिले पैसे का कुछ हिस्सा या पूरी रकम वापस करनी पड़ सकती है. अक्सर इसके लिए एक समझौता किया जाता है. लेकिन इस 18 साल की लड़की के पति का कहना है कि उसे चार गुना रकम चाहिए, जिसे देने से लड़की का परिवार इनकार कर रहा था.
गवर्नर ने कहा कि लड़की को उसका अपना कमरा दिया जाना चाहिए. वो कहता है कि अधिकारी पति को चेतावनी देंगे कि वह लड़की को न पीटे नहीं तो उसे जेल भेज दिया जाएगा. लेकिन लड़की का परिवार इससे असंतुष्ट है. रिपोर्ट के अनुसार लड़की के पिता बाद में बीबीसी को बताया कि परिवार कोर्ट के जरिए तलाक की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा. वैसे तालिबान की कोर्ट व्यवस्था में पति की सहमति के बिना महिला के लिए तलाक लेना बहुत मुश्किल है. तालिबानी गर्वनर की अदालत में तो इस लड़की को इंसाफ नहीं मिला.