ईरान की 2 मिलियन डॉलर की 'वसूली' को गच्चा, जहाजों ने खोजा होर्मुज पार करने का नया 'डार्क' रूट

होर्मुज में ईरान की नाकेबंदी और भारी वसूली के बीच, ओमान के जलक्षेत्र से एक नया सुरक्षित समुद्री रास्ता सामने आया है. कई जहाज अब इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं.

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  • ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण कर लिया है और मित्र देशों को छोड़कर अन्य जहाजों को गुजरने नहीं दे रहा
  • होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल कॉरिडोर में से एक है, जहां से लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक तेल गुजरता है
  • युद्ध के बाद ईरान ने जहाजों से दो मिलियन डॉलर तक भारी टोल वसूलना शुरू कर दिया है, जिससे जहाज प्रभावित हुए हैं
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मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल कर लिया है. इस समुद्री रास्ते से ईरान अपने मित्र देशों को छोड़कर अन्य जहाजों को नहीं जाने दे रहा. होर्मुज दुनिया के सबसे जरूरी तेल कॉरिडोर है. यहां से पूरी दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल गुजरता है. 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ही कमर्शियल जहाजों के लिए बंद इस रूट का एक नया और सुरक्षित विकल्प खोज लिया गया है. जहाजों ने ईरान की भारी-भरकम मनमानी फीस चुकाने के बजाय ओमान के जलक्षेत्र का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. आज हम इसी नए रूट के बारे में बता रहे हैं.

ईरान की मनमानी और भारी टोल

दरअसल, युद्ध की शुरुआत के बाद ईरान ने होर्मुज के रास्ते को ब्लॉक कर दिया है. बाद में ईरान ने यहां एक अप्रूव्ड रूट खोला. लेकिन इस रास्ते से गुजरने की कीमत बहुत ज्यादा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान प्रति जहाज 2 मिलियन डॉलर तक का भारी भरकम टोल वसूल रहा है. इतना पैसा देने के बाद भी यह गारंटी नहीं है कि ईरान सभी जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति देगा. ऐसे में दुनिया के जिन देशों के जहाज यहां से गुजरते हैं वो परेशान हैं.

ओमान के रास्ते मिला नया 'गेम चेंजर' ऑप्शन

इस संकट के बीच 2 अप्रैल को एक बड़ा बदलाव देखने को मिला. तीन कमर्शियल जहाजों ने ईरान के कॉरिडोर को दरकिनार करते हुए एक नए वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल किया. इन जहाजों ने होर्मुज को पार करने के लिए ईरान के बजाय ओमान के जलक्षेत्र के भीतर रहने का फैसला किया. सबसे दिलचस्प बात यह रही कि 22.2 किलोमीटर के इस हिस्से को पार करते समय इन जहाजों ने अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर दिया और डार्क मोड में चले गए, जिससे वे बिना किसी रुकावट के निकल सकें.

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भारतीय जहाज ने भी किया ये रास्ता किया पार

खास बात यह है कि भारत के एक जहाज ने भी इस डार्क रास्ते को पार किया. 3 अप्रैल को एक भारतीय कार्गो जहाज इसी ओमान वाले वैकल्पिक रास्ते से गुजरा.इस तपह यह भारतीय जहाज सुरक्षित तरीके से होर्मुज को पार करने में पूरी तरह सफल रहा.

इस नए रूट के इस्तेमाल की पुष्टि सैटेलाइट तस्वीरों से भी हो गई है. NDTV Datafy की टीम ने इन सैटेलाइट इमेज का विश्लेषण किया है. हबरूत, सोहर एलएनजी और धलकुट जैसे जहाजों की सैटेलाइट तस्वीरें मौजूद हैं. धलकुट ऑयल टैंकर की पहचान कन्फर्म की है, जो इस बात का पुख्ता सबूत है कि जहाज अब बेखौफ होकर इस नए रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं.

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