- पेंडोरा कंपनी हर साल 300 टन से अधिक चांदी खरीदती है और अपने ब्रेसलेट के लिए प्रसिद्ध है
- चांदी की कीमतों में वृद्धि के कारण पेंडोरा प्लैटिनम-प्लेटेड ब्रेसलेट बनाने की योजना बना रही है
- कंपनी अगले एक साल में अपने चांदी के आधे से अधिक प्रोडक्ट प्लैटिनम प्लेटेड में बदलने का लक्ष्य रखती है
चांदी की बेतहाशा उपर-नीचे जाती कीमतों ने सिर्फ आम आदमी को ही नहीं, दुनिया की सबसे बड़ी जूलरी कंपनी को भी परेशान कर दिया है. मात्रा के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा जूलरी ब्रांड पेंडोरा हर साल 300 टन से अधिक चांदी खरीदता है. यह कंपनी अपने आकर्षक ब्रेसलेट के लिए जानी जाती है. लेकिन अब चांदी की कीमतों में उछाल को देखते हुए इस कंपनी ने कहा कि वह प्लैटिनम के ब्रेसलेट बनाकर लागत को कम करने की योजना बना रहा है. हालांकि ऐसी बात नहीं है कि प्लैटिनम चांदी से सस्ती धातु है. कंपनी ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है.
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पेंडोरा ने कहा कि वह स्टर्लिंग सिल्वर पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए प्लैटिनम-प्लेटेड उत्पादों की एक नई सीरिज लाएगी. कंपनी ने एक फाइलिंग में कहा कि अब से एक साल बाद, उसने अपने चांदी के कम से कम आधे प्रोडक्ट को प्लैटिनम प्लेटेड प्रोडक्ट में स्विच करने की योजना बनाई है. इससे उसे अपने प्रोडक्ट बनाने में कच्चे माल (चांदी) की लागत में वृद्धि के "उल्लेखनीय हिस्से को कम करने" की अनुमति मिलेगी.
चांदी की कीमत में हुई है असाधारण वृद्धि
हाल के महीनों में चांदी की कीमत उतार-चढ़ाव भरी रही है. चांदी ने पहले 29 जनवरी को 420,800 रुपए प्रति किलो के रिकॉर्ड कीमत को छुआ था और उसके बाद से यह तेजी से ऊपर और नीचे जा रही है. चांदी एक साल पहले की तुलना में दोगुनी से भी अधिक महंगी है. भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अपना पैसा लगाने के लिए सेफ प्लेस की तलाश कर रहे निवेशकों की वजह से सोने की कीमतों में भी उछाल आया है, लेकिन चांदी की तुलना में तेजी की दर वहां कम है.
प्लैटिनम की कीमतें भी हाल ही में बढ़ी हैं, लेकिन चांदी की तुलना में कुछ हद तक ही. इस साल अब तक, प्लैटिनम लगभग 3 प्रतिशत बढ़कर लगभग 2,100 डॉलर प्रति औंस हो गया है. जबकि इसी अवधी में चांदी की कीमत में हुई वृद्धि दोहरे अंकों में है.














