- ट्रंप ने अमेरिकी नेवी को होर्मुज में माइंस लगाने वाली किसी भी नाव को बिना देरी के उड़ा देने का आदेश दिया
- अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया है कि विरोधी पक्ष की सभी 159 नेवी शिप पहले ही समुद्र में डूब चुकी हैं
- अमेरिकी माइन‑स्वीपर स्ट्रेट ऑफ होरमुज को साफ करने का अभियान तीन गुना तेज गति से चला रहे हैं
अमेरिका और ईरान के बीच भले ही सीजफायर लागू हो लेकिन दोनों की तनातनी खत्म होती नहीं दिख रही है. ऊपर से अमेरिकी राष्ट्रपति की धमकियां मामले को और भड़का रही है. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बेहद आक्रामक बयान देते हुए कहा है कि उन्होंने अमेरिकी नेवी को सीधा आदेश दिया है कि अगर कोई भी नाव चाहे वह कितनी ही छोटी क्यों न हो, समुद्री मार्ग में माइंस बिछाते हुए पकड़ी जाती है, तो उसे बिना किसी देरी के उड़ा दिया जाए.
होर्मुज को क्लियर करने का अभियान जारी
इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में यह दावा भी किया कि विरोधी पक्ष यानी की ईरान के सभी 159 नेवी शिप पहले ही समुद्र में डूब चुके हैं और इस कार्रवाई में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए. उन्होंने बताया कि अमेरिकी माइन‑स्वीपर (माइन को हटाने का काम) इस समय स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को साफ कर रहे हैं और इस अभियान को तीन गुना तेज गति से जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि समुद्री रास्ते को पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके.
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होर्मुज बंद होने से दुनिया में तेल और गैस का संकट
ईरान द्वारा दो जहाजों को जब्त करने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही ठप्प हो गई है, जिनमें एक गुजरात के कांडला बंदरगाह जा रहा था. इससे तेल और गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है, क्योंकि दुनिया के करीब 20 प्रतिशत ऊर्जा निर्यात इसी रास्ते से गुजरते हैं. इसका असर गुरुवार को तेल की कीमतों पर दिखा, जहां ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया.
अमेरिका और ईरान में नहीं बन रही बात
अमेरिका के साथ बातचीत में ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा युद्धविराम के उल्लंघन के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना 'संभव नहीं' है. उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर कहा कि इन उल्लंघनों में ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी और इजरायल की आक्रामक गतिविधियां शामिल हैं. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन समझौतों का उल्लंघन, नाकेबंदी और धमकियां असली बातचीत में बाधा हैं.
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ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम को आगे बढ़ाने की घोषणा की है, जो बुधवार को खत्म होने वाला था. हालांकि, ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि यह युद्धविराम अब अनिश्चित समय तक बढ़ाया गया है और इसकी कोई नई समय-सीमा तय नहीं की गई है. उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप ईरान के खिलाफ जारी नौसैनिक नाकेबंदी से संतुष्ट हैं और आगे युद्ध कब खत्म होगा, इसका फैसला अमेरिका के हितों के अनुसार किया जाएगा.














