- ईरान ने इजरायल और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर बदले की कसम खाई है.
- सऊदी अरब ने ईरान के सऊदी स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों पर सैन्य जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है.
- ईरान ने सऊदी अरब के रियाद और पूर्वी क्षेत्र को मिसाइल हमलों के जरिए निशाना बनाया है.
गल्फ में लड़ाई और गहराती नजर आ रही है. इजरायल-अमेरिका के ईरान पर किए हमले के बाद शुरू हुआ हमलों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस हमले के जवाब में ईरान ने भी इजरायल के साथ-साथ मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. रविवार को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद ईरान ने बदले की कसम खाई है. खामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने इजरायल सहित मिडिल ईस्ट के अन्य देशों पर हमला किया है. ईरानी हमले से अब मिडिल ईस्ट के दूसरे देश भी कार्रवाई की तैयारी में जुट गए हैं. सऊदी अरब ने घोषणा की है कि अगर ईरान का सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रहे तो वह ईरान के खिलाफ सैन्य जवाबी कार्रवाई करेगा.
सऊदी अरब ने ईरान के राजदूत को किया तलब
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसने ईरान के राजदूत को तलब किया है, क्योंकि सऊदी अरब ने तेहरान पर अपने क्षेत्र को निशाना बनाकर हमले करने का आरोप लगाया है. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "ईरान द्वारा सऊदी अरब और कई मित्र देशों को निशाना बनाकर किए गए दुस्साहसी हमलों के जवाब में विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब में ईरान के राजदूत को तलब किया है."
सऊदी अरब में भी है अमेरिकी आर्मी कैंप, ईरान ने किया है हमला
CNN की एक रिपोर्ट में सऊदी अरब के बदले की कार्रवाई से जुड़ी घोषणा की जानकारी दी गई है. मालूम हो कि सऊदी अरब में अमेरिकी सेना का बेस कैंप है. सऊदी अरब में मौजूद प्रिंस सुल्तान एयर बेस अमेरिकी एयरबेस है. ईरान ने सऊदी अरब पर भी मिसाइलें दागी है.
सऊदी अरब में आज भी सुनी गई धमाकों की आवाज
अलजरीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार आज भी सऊदी अरब की राजधानी रियाद में धमाकों की आवाजें सुनाई दी है. एएफपी ने पूर्वी रियाद के निवासियों के हवाले से बताया है कि उन्होंने कई तेज धमाके सुने और धुआं उठता देखा. समाचार एजेंसी ने कहा कि उसके संवाददाताओं ने भी धमाकों की आवाज सुनी.
सऊदी विदेश मंत्रालय ने हमले की पुष्टि करते हुए दी चेतावनी
सऊदी अरब विदेश मंत्रालय के एक बयान में पुष्टि की गई कि ईरान ने रियाद और सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र को निशाना बनाया था. कहा कि हमलों को नाकाम कर दिया गया. बयान में आगे कहा गया, “ये हमले किसी भी बहाने या किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराए जा सकते, और ये हमले तब हुए जब ईरानी अधिकारियों को पता था कि सऊदी अरब ने पुष्टि की थी कि वह अपने हवाई क्षेत्र और भूभाग का इस्तेमाल ईरान को निशाना बनाने के लिए नहीं होने देगा.”
अब सऊदी अरब ने कहा है कि यदि ईरान सऊदी पर हमला करता है तो वह उसका जवाब देगा. सऊदी की इस घोषणा का साफ मतलब है कि मिडिल ईस्ट में जंग और गहराएगा.
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