इजरायल में ग्राउंड जीरो पर NDTV, हिज्बुल्लाह के रॉकेट अटैक के बीच जब रिपोर्टर ने भाग कर बचाई जान, देखिए VIDEO

इजरायल-लेबनान सीमा पर ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान NDTV रिपोर्टर के ऊपर से हिज्बुल्लाह का रॉकेट गुजरा, जिससे उन्हें जान बचाने के लिए भागना पड़ा.

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  • ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर होने के बावजूद मिडिल ईस्ट में संघर्ष और अस्थिरता जारी है
  • इजरायल ने कहा है कि सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है इसलिए वह हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमला करता रहेगा
  • NDTV के रिपोर्टर को लेबनान-इजरायल बॉर्डर पर हिज्बुल्लाह के हमले से बचने के लिए सुरक्षित स्थान की ओर भागना पड़ा
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भले ही ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर हो गया हो, लेकिन मिडिल ईस्ट में हालात अभी भी ठीक नहीं हैं. इजरायल लगातार लेबनान में हमले कर रहा है. इजरायल का कहना है कि सीजफायर की शर्त में लेबनान शामिल नहीं था और वो हिज्बुल्लाह  के ठिकानों पर हमले करता रहेगा. हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लेबनान बॉर्डर के पास ग्राउंड जीरो से रिपोर्टिंग कर रहे NDTV के रिपोर्टर को हिज्बुल्लाह के अटैक से बचने के लिए सुरक्षित स्थान की ओर भागना पड़ा.

हमले से बचने के लिए शेल्टर की ओर भागे रिपोर्टर

NDTV की टीम लेबनान-इजरायली बॉर्डर के पास एक गांव में पहुंची थी. ग्राउंड जीरो पर हमारे रिपोर्टर स्थानीय लोगों से बात कर रहे थे. तभी लेबनान की पहाड़ियों से दागा गया एक रॉकेट उनके ठीक ऊपर से गुजरा. रॉकेट की कान फोड़ देने वाली आवाज और जोरदार धमाके के बीच रिपोर्टर को अपनी जान बचाने के लिए शेल्टर की ओर भागना पड़ा. यह मंजर बताता है कि मिडिल ईस्ट में सीजफायर के बाद भी खतरा टला नहीं है और लोग डर के साये में जी रहे हैं.

'हिज्बुल्लाह को पीड़ित नहीं समझ सकते'

लेबनान के इस गांव की त्रासदी केवल सायरन और धमाकों तक सीमित नहीं है. कुछ हफ्ते पहले, हिज्बुल्लाह का एक रॉकेट सीधे यहां के एक स्कूल के जिमनेजियम से जा टकराया था. हमले के समय स्कूल में बच्चे मौजूद नहीं थे, वरना यह एक बड़ी तबाही हो सकती थी. मलबे में तब्दील हो चुका स्कूल आज भी उस खौफनाक मंजर की गवाही दे रहा है. सबसे खास बात यह है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की माताओं ने किसी भी तरह के सीजफायर के प्रस्ताव को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि हिज्बुल्लाह एक विलेन है और उसे पीड़ित की तरह नहीं देखा जा सकता .

इस बीच भारत ने लेबनान में नागरिकों की मौत की खबरों पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि हालिया घटनाक्रम बेहद चिंताजनक हैं और सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि भारत, लेबनान में बड़ी संख्या में नागरिकों के हताहत होने की खबरों से बेहद चिंतित है. उन्होंने कहा कि भारत, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन यूनिफिल में सैनिक योगदान देने वाला देश है और लेबनान की शांति व स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में लेबनान में करीब 1,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं.

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