रेनी गुड की हत्या पर सड़कों उतरे लोग, जांच के नाम पर अधिकारी ही आमने-सामने, समझें पूरा मामला

अमेरिका के मिनेसोटा में रेनी निकोल मैकलिन गुड नाम की एक महिला की हत्या का व्यापक विरोध-प्रदर्शन हो रहा है. इस हत्या का आरोप अमेरिकी इमिग्रेशन और कस्टम्स एन्फोर्समेंट (आईसीई) के एक अधिकारी पर लगा है. यहां समझिए क्या है पूरा मामला.

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नई दिल्ली:

अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में रेनी निकोल मैकलिन गुड नाम की एक महिला की हत्या के खिलाफ लोग सड़कों पर आ गए हैं. रेनी की हत्या का आरोप अमेरिकी इमिग्रेशन और कस्टम्स एन्फोर्समेंट (आईसीई) के एक अधिकारी पर लगा है. इस मामले की जांच अब फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने अपने हाथ में ले ली है.इसके बाद से मिनेसोटा के अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें जांच से रोक दिया गया है.इस तरह वहां संघीय और प्रांतीय अधिकारी इस मामले की जांच को लेकर आमने-सामने हैं.मारी गई महिला अमेरिकी नागरिक थी.रेनी की हत्या के विरोध में अमेरिका में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हो रहा है.लोग सड़कों पर उतर आए हैं. 

हत्या के मामलों की जांच करने वाली मिनेसोटा की ब्यूरो ऑफ क्रिमिनल अप्रीहेंशन (बीसीए) के मुताबिक एफबीआई और अमेरिकी न्याय विभाग ने उन्हें इस मामले से जुड़े दस्तावेज, सबूत और अन्य जरूरी जानकारियां देने से मना कर दिया है.हालांकि पहले यह तय हुआ था कि इस हत्याकांड की जांच राज्य और केंद्र दोनों मिलकर करेंगे.इस बीच मिनेसोटा के अटॉर्नी जनरल कीथ एलिसन ने कहा है कि राज्य अपने स्तर पर जांच और कानूनी कार्रवाई कर सकता है.

रेनी को कहां मारी गई गोली

रेनी निकोल मैकलिन गुड को बुधवार को उन्हें उनकी कार में ही गोली मार दी गई थी. वह तीन बच्चों की मां थीं. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर गलत दावा किया था कि महिला ने आईसीई अधिकारी को कुचल दिया था.

सोशल मीडिया पर सामने आए इस घटना के वीडियो में दिखता है कि नकाबपोश अधिकारी महिला की कार के पास आते हैं. महिला अन्य गाड़ियों को निकलने का इशारा कर रही थी, जैसे ही एक अधिकारी कार का दरवाजा खोलने की कोशिश करता है, कार थोड़ा पीछे जाती है और फिर आगे बढ़ी.इस दौरान एक अधिकारी गोली चला देता है.इस वीडियो में यह नहीं दिखता है कि कार ने किसी अधिकारी को टक्कर मारी हो.

ट्रंप प्रशासन का दावा है कि आईसीई एजेंट ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की.वहीं स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि महिला से कोई खतरा नहीं था. इन अधिकारियों का कहना है कि महिला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन संबंधी सख्त नीतियों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के दौरान कानूनी पर्यवेक्षक के रूप में काम कर रही थी.ये कानूनी पर्यवेक्षक आमतौर पर स्वयंसेवक होते हैं. ये लोग अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली बातचीत पर नजर रखने, किसी भी तरह के टकराव या संभावित कानूनी उल्लंघन को देखने-समझने के लिए इन प्रदर्शनों में शामिल होते हैं.

विरोध में सड़कों पर उतरे लोग

इस घटना के बाद मिनियापोलिस समेत अमेरिका के कई शहरों में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया. हजारों लोग सड़कों पर उतरे.प्रदर्शनकारियों ने आईसीई की इस कार्रवाई की निंदा की. कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई.

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मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने शुक्रवार को 'एकता दिवस' मनाने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि हम रेनी गुड को वापस नहीं ला सकते, लेकिन इंसानियत, लोकतंत्र और करुणा के लिए एकजुट होकर उनके जीवन का सम्मान कर सकते हैं.

बीसीए के प्रमुख ड्रू इवांस ने कहा है कि अब इस मामले की जांच केवल एफबीआई करेगी और राज्य एजेंसी को घटनास्थल के सबूत, गवाहों और पूछताछ की जानकारी तक नहीं मिलेगी. उन्होंने कहा कि बिना पूरी जानकारी के वे निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच नहीं कर सकते, जबकि मिनेसोटा के कानून और जनता की यही मांग है.

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ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीति का विरोध

इस मामले ने अब अमेरिका में राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है. कई लोग आईसीई की इस कार्रवाई को जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग बता रहे हैं, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन इसे आत्मरक्षा बता रहा है.वहीं राज्य के अधिकारियों को इस जांच से बाहर रखने के फैसले से तनाव बढ़ गया है. मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने कहा है कि राज्य को इस जांच का हिस्सा होना चाहिए. उन्होंने बताया कि बीसीए के पास ऐसे मामलों की जांच के लिए प्रशिक्षित और निष्पक्ष अधिकारी हैं, जिन्होंने सालों से लोगों का भरोसा जीता है.

वॉल्ज का यह भी कहना है कि इस मामले को लेकर ट्रंप प्रशासन पहले ही अपनी राय बना चुका है.इस वजह से उन्हें डर है कि न्याय नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति,उपराष्ट्रपति और होमलैंड सिक्योरिटी प्रमुख क्रिस्टी नोएम जैसे शक्तिशाली लोगों ने पहले ही फैसला सुना दिया है. दरअसल क्रिस्टी नोएम ने गुड पर 'घरेलू आतंकवाद' का आरोप लगाया है. 

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रेनी हत्याकांड ट्रंप सरकार की कड़ी आव्रजन नीति पर सवाल खड़े कर रहा है. ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में बड़े पैमाने पर निर्वासन (डिपोर्टेशन) की नीति अपनाई गई है. मिनियापोलिस जैसे डेमोक्रेट शासित इलाकों में बड़ी संख्या में इमिग्रेशन अधिकारियों की तैनाती की गई है. घटना वाले दिन करीब दो हजार फेडरल अधिकारी मिनियापोलिस क्षेत्र में तैनात थे. सरकार का दावा है कि गुड ने जानबूझकर अधिकारियों को अपनी कार से टक्कर मारने की कोशिश की. लेकिन शहर के मेयर जैकब फ्रे ने इस दावे को गलत और झूठा बताया है.

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