- उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत दौरे पर हैं और 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि बनीं
- भारत और यूरोपीय संघ के बीच अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता हुआ है
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष की मेजबानी की
भारत और यूरोपीय संघ के रिश्तों में नया अध्याय जोड़ने वाली यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत दौरे के दौरान लगातार सुर्खियों में हैं. 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने से लेकर भारत‑EU के बीच बड़े व्यापार समझौते की घोषणा तक वॉन डेर लेयेन का यह दौरा दोनों पक्षों के लिए अहम साबित हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिखर सम्मेलन में उनकी और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मेजबानी की, जिसके बाद वॉन डेर लेयेन ने कहा कि “आज यूरोप और भारत ने इतिहास रच दिया है. यह अब तक का सबसे बड़ा समझौता है. दो अरब लोगों का एक मुक्त व्यापार क्षेत्र तैयार हो गया है.”
उन्होंने साफ कहा कि यह शुरुआत है और अब यूरोप तथा भारत अपने रिश्तों को और मजबूत करने जा रहे हैं. यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेताओं का गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनना भी इस रिश्ते के बढ़ते महत्व को दिखाता है.
उर्सुला वॉन डेर लेयेन कौन हैं?
उर्सुला वॉन डेर लेयेन यूरोप की सबसे प्रभावशाली महिला नेताओं में से एक हैं. उनका जन्म 8 अक्टूबर 1958 को ब्रसेल्स (बेल्जियम) में हुआ. उनके पिता एर्न्स्ट अल्ब्रेख्त यूरोपीय आर्थिक समुदाय में बड़े पदों पर रहे, जिसकी वजह से वे बचपन से ही यूरोपीय राजनीति से जुड़ी रहीं. उर्सुला ने पढ़ाई की शुरुआत अर्थशास्त्र से की, लेकिन बाद में चिकित्सा क्षेत्र को चुना.
- 1987 में उन्होंने जर्मनी की हनोवर मेडिकल स्कूल से डॉक्टर की डिग्री ली.
- 1988 से 1992 तक डॉक्टर के रूप में काम किया.
- 1992 से 1996 तक वे अपने पति के साथ अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में रहीं.
- जर्मनी लौटकर उन्होंने पब्लिक हेल्थ में मास्टर्स किया और शोध कार्य से जुड़ी रहीं.
कैसा रहा है राजनीतिक सफर
तीन दशक में वे जर्मनी की सबसे प्रमुख महिला नेता बनीं और कई अहम मंत्रालय संभाले.
- 2019–वर्तमान: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष (इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला)
- 2024 में दूसरा कार्यकाल मिला, अब 2029 तक इस पद पर रहेंगी
- 2013–2019: जर्मनी की रक्षा मंत्री (इस पद पर भी पहली महिला)
- 2009–2013: श्रम और सामाजिक मामलों की मंत्री
- 2005–2009: परिवार, महिला और युवा मामलों की मंत्री
यूरोपीय आयोग की प्रमुख बनकर उर्सुला ने कोरोना संकट, ऊर्जा संकट और यूक्रेन युद्ध जैसे कठिन दौर में EU का नेतृत्व संभाला और उन्हें एक मजबूत वैश्विक चेहरा माना जाने लगा.
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