किस्मत हो तो ऐसी! पेरिस के इंजीनियर ने 11 हजार लगाकर जीती ली 11 करोड़ की पिकासो पेंटिंग

पेरिस का एक इंजीनियर चैरिटी लॉटरी में एक मिलियन यूरो से ज्यादा कीमत की असली पिकासो पेंटिंग जीत गया है. कमाल की बात थी कि लॉटरी की कीमत केवल 100 यूरो थी.

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पिकासो की इस पेंटिंग का नाम “टेट द फेम” (महिला का सिर) है

मान लीजिए कि आपको गाड़ियों का बहुत शौक है. आप 100 रुपए लेकर किसी शोरूम में जाएं और आपको उसके बदले 11 लाख की कोई शानदार कार मिल जाए... यह सोचने भर से आपको मजा आ गया न? फ्रांस में एक शख्स के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है. फ्रांस की राजधानी पेरिस का एक आर्ट पसंद करने वाला इंजीनियर एक चैरिटी लॉटरी में एक मिलियन यूरो से ज्यादा कीमत की असली पिकासो पेंटिंग जीत गया है. कमाल की बात थी कि चैरिटी लॉटरी की कीमत केवल 100 यूरो थी.

58 साल के एरी होडारा ने वीकेंड पर ही यह टिकट खरीदा था, और मंगलवार को पेरिस में हुए एक कार्यक्रम में उनका नाम चुना गया. यह कार्यक्रम क्रिस्टीज नीलामी घर से लाइव दिखाया गया. इस इवेंट से जो पैसा इकट्ठा हुआ, वह अल्जाइमर बीमारी पर रिसर्च के लिए दिया जाएगा.

कैसे हुई नीलामी

इस चैरिटी इवेंट के लिए कुल 1,20,000 टिकट बेचे गए थे. हर टिकट की कीमत 100 यूरो थी. भारतीय करेंसी में यह रकम 11 हजार रुपए होती है. इनाम में पिकासो की एक पेंटिंग थी- डोरा मार का पोर्ट्रेट. डोरा मार पिकासो की प्रेरणा (म्यूज) थीं. इस पेंटिंग का नाम “टेट द फेम” (मतलब “महिला का सिर”) है. यह ग्रे और नीले रंग की पेंटिंग 1941 में बनाई गई थी और इसे एक प्राइवेट आर्ट गैलरी, ओपेरा गैलरी से खरीदा गया था. इस पेंटिंग की मार्केट वैल्यू 11 करोड़ रुपए से भी अधिक की है.

एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार जब एरी होडारा का नाम चुना गया, तो उन्होंने फोन पर पूछा, “मुझे कैसे पता चले कि यह मजाक नहीं है?” 

उनका नाम 52 देशों के टिकट खरीदने वालों की सूची में से चुना गया था. इस लॉटरी का आयोजन फ्रांसीसी पत्रकार पेरी कोचिन ने किया था, जिसमें पिकासो के परिवार और फाउंडेशन का भी सहयोग था. इससे पहले भी 2013 और 2020 में ऐसी दो लॉटरी हो चुकी हैं. पहली बार 25 साल के अमेरिका के पेंसिल्वेनिया के एक युवक ने जीत हासिल की थी, और दूसरी बार इटली के वेंटिमिग्लिया की एक अकाउंटेंट ने जीता था, जिसे उसके बेटे ने क्रिसमस गिफ्ट के रूप में टिकट दिया था.

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इस बार कुल 12 मिलियन यूरो इकट्ठा हुए, जो अल्ज़ाइमर रिसर्च फाउंडेशन को दिए जाएंगे. फाउंडेशन के प्रमुख ओलिवियर दे लाडूसेट ने कहा, “रिसर्च के लिए फंडिंग बहुत कम है. हमारे जैसे विकसित समाज में भी हम अभी तक यह नहीं समझ पाए हैं कि यह एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है और हर किसी को इसमें योगदान देना चाहिए.” उन्होंने आगे कहा, “पिकासो की यह पहल एक छोटा कदम है, ताकि एक दिन अल्ज़ाइमर सिर्फ एक बुरी याद बनकर रह जाए.”

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