जहां दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट चल रहा, वहां पाकिस्तान बेचना चाहता था 14 हजार करोड़ के हथियार

Pakistan News: सूडान की सेना और पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के बीच चल रहा संघर्ष लगभग तीन साल से दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट बना हुआ है. यहीं पाकिस्तान हथियार और फाइटर जेट बेचना चाहता था.

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर की फाइल फोटो

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान चुपके से हिंसा से जूझते उत्तर अफ्रीका के देश सूडान में 14 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक के हथियार और फाइटर जेट बेचने की फिराक में था लेकिन उसके मंसूबे पर पानी फिर गया है. पाकिस्तान को मजबूरन इस डील को रोकना पड़ा है क्योंकि सऊदी अरब ने उसे इस समझौते को खत्म करने को कहा और यह भी कहा कि वह इस खरीद के लिए पैसा नहीं देगा. यह रिपोर्ट न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने पाकिस्तान के दो सुरक्षा सूत्रों और एक राजनयिक सूत्र के हवाले से छापी है.

सtडान में है दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट लेकिन वहां हथियार बेचने की कोशिश

सूडान की सेना और पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच चल रहा संघर्ष लगभग तीन साल से दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट बना हुआ है. यह यह टकराव विदेशी देशों के हितों की टक्कर का केंद्र बन गया है और लाल सागर के किनारे बसे इस बड़े सोना उत्पादक देश के टूटने का खतरा पैदा कर रहा है.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार सबसे पहले उसने जनवरी में बताया था कि पाकिस्तान की यह डील अंतिम चरण में थी और इसे सऊदी अरब ने ही करवाया था. लेकिन उस समय यह नहीं बताया गया था कि पैसे कहां से आएंगे. यह डील उन कई डिफेंस डील में से एक थी, जिन पर पाकिस्तान की सेना काम कर रही थी.

बता दें कि सऊदी अरब पाकिस्तान का एक करीबी सहयोगी बनकर उभरा है और उसने पाकिस्तान की कंगाल हो रही अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए कई बार कर्ज और आर्थिक मदद दी है. पिछले साल दोनों देशों के बीच एक रक्षा समझौता हुआ था, जिसमें तय किया गया कि किसी एक पर हमला दोनों पर हमला माना जाएगा, जिससे उनके रिश्ते और मजबूत हुए हैं. 

सऊदी ने डील कैंसिल क्यों करवाई?

इस रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के एक सुरक्षा सूत्र ने कहा कि सऊदी अरब ने संकेत दिया है कि पाकिस्तान को यह सौदा खत्म कर देना चाहिए, क्योंकि उसने इसे फाइनेंस करने का फैसला वापस ले लिया है. यानी वो सुडान को पैसे नहीं देगा जिसकी मदद से वह पाकिस्तानी हथियार खरीद सके. अब सवाल कि सऊदी ने यह फैसला क्यों लिया. एक सूत्र ने यह बताया कि कुछ पश्चिमी देशों ने सऊदी अरब को सलाह दी थी कि वह अफ्रीका में होने वाले “प्रॉक्सी युद्धों” से दूर रहे.

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सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) इस क्षेत्र में चल रहे कई संघर्ष में शामिल देशों में अलग-अलग पक्षों का समर्थन करते रहे हैं, जिनमें सूडान भी शामिल है. जहां सऊदी अरब सूडान की सेना का समर्थन कर रहा है, वहीं UAE पर आरोप है कि वह RSF को लॉजिस्टिक मदद दे रहा है. हालांकि UAE इन आरोपों को आधिकारिक तौर पर नकारता है.

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