भारत ने बाढ़ पर हमें जानकारी दी लेकिन… पाकिस्तान ने माना नई दिल्ली ने इंसानियत को रखा उपर

पाकिस्तान ने कहा कि भारत की तरफ से बाढ़ की जानकारी शेयर करने के लिए सिंधु जल आयुक्त (Indus Water Commissioner) के स्थापित चैनल का उपयोग नहीं किया गया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि की है.

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  • पाकिस्तान ने स्वीकार किया कि भारत ने डिप्लोमैटिक चैनलों के जरिए हालिया बाढ़ संबंधी जानकारी साझा की है.
  • भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित किया हुआ है और मानवीय आधार पर ही पाकिस्तान को बाढ़ के आंकड़े भेज रहा है.
  • बाढ़ का डेटा इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के माध्यम से पाकिस्तान को साझा किया जा रहा है- विदेश मंत्रालय
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पाकिस्तान ने शुक्रवार, 5 सितंबर को स्वीकार किया कि को भारत ने डिप्लोमैटिक चैनल के जरिए हालिया बाढ़ के बारे में उसके साथ जानकारी साझा की है. हालांकि साथ में उसने यह शिकायत भी की है कि भारत की तरफ से जो इनपुट दिए गए हैं वो पहले की तरह विस्तृत यानी डिटेल में नहीं थे. भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस बात की पुष्टि की है कि पाकिस्तान को मानवीय आधार पर बाढ़ से जुड़ी जानकारी साझा कर रहा है.

इस्लामाबाद के हर सप्ताह होने वाले प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पाकिस्तान विदेश विभाग के प्रवक्ता शफकत अली खान ने भारत से सिंधु जल संधि (IWT) का पूरी तरह से पालन करने का भी आग्रह किया.

गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के एक दिन बाद, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई दंडात्मक कदम उठाए थे, जिसमें 1960 की सिंधु जल संधि को "स्थगित" करना भी शामिल था.

प्रवक्ता शफकत अली खान ने कहा, "वास्तव में भारतीय पक्ष ने डिप्लोमैटिक चैनलों के माध्यम से तमाम नदियों में बाढ़ के बारे में कुछ जानकारी साझा की है. हालांकि, यह उतना विस्तृत नहीं है जितना पहले था."

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भारत ‘सिंधु जल संधि' को स्थगित करने के फैसले पर कायम

शफकत अली खान ने कहा कि भारत की तरफ से बाढ़ की जानकारी शेयर करने के लिए सिंधु जल आयुक्त (Indus Water Commissioner) के स्थापित चैनल का उपयोग नहीं किया गया है. उन्होंने कहा, "उस संदर्भ में, हम दोहराते हैं कि भारत को सिंधु जल संधि के सभी प्रावधानों का पूरी तरह से पालन करना चाहिए."

गौरतलब है कि आमतौर पर ऐसे इनपुट सिंधु जल आयुक्त के माध्यम से साझा किए जाते हैं लेकिन अब भारत ने साफ कह दिया है कि खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे. जबतक पाकिस्तान आतंकवाद को टूल के रूप में इस्तेमाल करता रहेगा, सिंधु जल संधि दोबारा बहाल नहीं होगा.

भारत की तरफ से भी शुक्रवार को कहा कि सिंधु जल संधि निलंबित रहने के बावजूद मानवीय आधार पर डिप्लोमैटिक चैनलों के माध्यम से पाकिस्तान के साथ बाढ़ के आंकड़े साझा कर रहा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि भारत इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के माध्यम से उस देश के साथ बाढ़ के आंकड़े साझा कर रहा है.

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उन्होंने कहा, "हम जरूरत पड़ने पर अपने डिप्लोमैटिक चैनलों के माध्यम से पाकिस्तान के साथ उच्च बाढ़ डेटा साझा करते रहे हैं. डेटा का यह आदान-प्रदान इस्लामाबाद में हमारे उच्चायोग के माध्यम से हो रहा है."

जयसवाल ने अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, "आपने देखा है कि भारत के उस हिस्से और दुनिया के उस हिस्से में किस तरह की बारिश हो रही है. और यह मानवीय विचारों के आधार पर किया जा रहा है."

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