ईरान‑अमेरिका के बीच मध्यस्थता की कोशिश, पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में दूसरे दौर की वार्ता का रखा प्रस्ताव

पाकिस्तानी पक्ष का मानना है कि यदि दोनों देश सहमत होते हैं, तो इस्लामाबाद एक तटस्थ मंच के रूप में अगली वार्ता की मेजबानी कर सकता है, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर तनाव कम करने में मदद मिल सकती है.

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नई दिल्ली:

पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक नई पहल करते हुए इस्लामाबाद में दूसरे दौर की वार्ता आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है. पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, यह बातचीत आने वाले कुछ दिनों में और मौजूदा सीजफायर (युद्धविराम) के समाप्त होने से पहले कराए जाने की योजना है.

पाकिस्तान ने जताई इच्छा

मामले से अवगत दो पाकिस्तानी अधिकारियों ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि यह प्रस्ताव इस पर निर्भर करेगा कि अमेरिका और ईरान वार्ता के लिए किसी अन्य स्थान की मांग करते हैं या इस्लामाबाद को स्वीकार करते हैं. अधिकारियों को मीडिया से इस विषय पर आधिकारिक रूप से बात करने की अनुमति नहीं थी.

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पहली बातचीत को एक सतत प्रक्रिया बताया

अधिकारियों में से एक ने कहा कि हालांकि पहला दौर किसी ठोस समझौते के बिना समाप्त हुआ, लेकिन इसे एक बार की असफल कोशिश के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. उनका कहना है कि यह बातचीत एक चल रही राजनयिक प्रक्रिया का हिस्सा है और आने वाले दिनों में संवाद जारी रहने की उम्मीद है.

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पाकिस्तानी पक्ष का मानना है कि यदि दोनों देश सहमत होते हैं, तो इस्लामाबाद एक तटस्थ मंच के रूप में अगली वार्ता की मेजबानी कर सकता है, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर तनाव कम करने में मदद मिल सकती है.

इस्लामाबाद में क्यों फेल हुई पहले दौर की वार्ता

बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद शांति वार्ता असफल रही. इस दौर की बैठक में दोनों पक्ष किसी एक राय पर नहीं आ सके और वार्ता असफल रही है. हालांकि ईरान ने कह दिया है अभी वार्ता टूटी नहीं है बल्कि इसे पहले दौर की वार्ता का बेनतीजा होना कहा जा सकता है. ईरान ने इशारा किया है कि बातचीत अभी जारी रहेगी. अमेरिका उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने तो साफ कह दिया कि ईरान किसी भी शर्त को मानने से इनकार कर रहा है. वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ लहजे में कह दिया, 'अमेरिका मेज पर वो जीत हासिल करना चाहता है, जो वह जंग के मैदान में नहीं कर सका.'

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