सिंधु जल संधि के लिए कॉफ्रेंस में गिड़गिड़ाया पाक, भारत के राजदूत ने कहा- ये आदत है पुरानी

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि सिंधु जल संधि सद्भावना और दोस्ती की भावना के साथ की गई थी, लेकिन पाकिस्तान ने इसे खत्म करने में आधी सदी बिता दी.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को रोक दिया है.
NDTV
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को रोकने का फैसला किया था, जो पाकिस्तान के रवैये का नतीजा था.
  • सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी, जिसमें पानी के अधिकार असमान रूप से बंटे थे.
  • भारत ने दशकों तक संधि का सम्मान किया, जबकि पाकिस्तान ने युद्ध और आतंकवादी हमलों के जरिए दुश्मनी जारी रखी.

Pakistan on Indus Waters Treaty: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निरस्त कर दिया था. अब पाकिस्तान इस संधि के लिए दुनिया के अलग-अलग मंचों का इस्तेमाल कर रहा है. हाल ही में सिंधु जल संधि के लिए पाकिस्तान एक कॉफ्रेंस में गिड़गिड़ाता दिखा था. अब अमेरिका में भारत के राजदूत ने पाकिस्तान के इस रवैये पर सवाल उठाया है.  अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा- 'सिंधु जल संधि सद्भावना और दोस्ती की भावना के साथ की गई थी, लेकिन पाकिस्तान ने इसे खत्म करने में आधी सदी बिता दी.' 

न्यूजवीक मैगजीन में छपे एक लेख में क्वात्रा ने कहा कि सिंधु जल संधि (IWT) को कुछ समय के लिए रोकने का भारत का फैसला असल में उस चीज को ही मान्यता देता है जिसे पाकिस्तान के बर्ताव ने पहले ही खत्म कर दिया था.

पहलगाम हमले के बाद भारत ने निरस्त की थी संधि

मालूम हो कि भारत द्वारा सिंधु जल संधि को रोके जाने के फैसले पर पाकिस्तान ने हाल ही में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस की थी. भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को रोकने का ऐलान किया था. पीएम मोदी ने साफ कहा था कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते. 

भारत के राजदूत ने कहा, "यह याद रखना जरूरी है कि संधि की प्रस्तावना में कहा गया है कि यह 'सद्भावना और दोस्ती की भावना' के साथ की गई थी. पाकिस्तान ने उस सद्भावना और दोस्ती को खत्म करने में आधी सदी बिता दी."

सिंधु जल संधि से बुझती है पाकिस्तान की प्यास

उल्लेखनीय हो कि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि हुई थी. इसके तहत सिंधु बेसिन की छह नदियों में से तीन पर नई दिल्ली का नियंत्रण हुआ था, जिनसे बेसिन का लगभग 20 प्रतिशत पानी आता है; जबकि इस्लामाबाद को उन नदियों के अधिकार मिले जिनसे लगभग 80 प्रतिशत पानी आता है. इससे पाकिस्तान के एक बड़े इलाके की प्यास बुझती है. 

Advertisement

भारत ने अपने हितों को त्याग कर चालू रखी थी संधि

क्वात्रा ने कहा, "इस असमानता ने दशकों तक उन भारतीय क्षेत्रों में विकास को रोका, जिन्हें बेहतर जल अधिकारों से फायदा हो सकता था. इसके बावजूद भारत ने संधि का सम्मान किया. बीच में पाकिस्तान ने 1965, 1971 और 1999 में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़े. दशकों तक लगातार दुश्मनी और सीमा-पार आतंकवाद जारी रखा, जिसमें 2001 में भारतीय संसद पर हमला, 2008 में मुंबई आतंकी हमला, 2016 में उरी और पठानकोट हमले, 2019 में पुलवामा हमला और 2025 में पहलगाम हमला शामिल हैं. लेकिन इन सब के बाद भी भारत ने संधि नहीं तोड़ी. 

भारत का सहयोग चाहिए तो आतंकी ढांचे को खत्म करें पाक

क्वात्रा ने कहा कि अगर पाकिस्तान सचमुच द्विपक्षीय मुद्दों पर भारत का सहयोग चाहता है, तो उसे सबसे पहले उस आतंकी ढांचे को खत्म करना होगा जिसे उसने इतने सालों में खड़ा किया है.

Advertisement

उन्होंने कहा कि संधि के तहत भारत द्वारा शुरू किए गए किसी भी प्रोजेक्ट के जवाब में पाकिस्तान का मुख्य रवैया रुकावटें पैदा करना और अफसरशाही की वजह से देरी करना रहा है. उन्होंने कहा, "पिछले छह दशकों में आए तकनीकी बदलावों को देखते हुए भारत ने संधि पर फिर से बातचीत करने की जो कोशिशें कीं, पाकिस्तान ने उन्हें भी लगातार रोका. इन कोशिशों से भारत को अपनी पनबिजली क्षमता विकसित करने में मदद मिलती."

पाकिस्तान में पानी की कमी वहां की सरकार की कुप्रबंधन का नतीजा

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में पानी की कमी इस्लामाबाद में सरकार के कुप्रबंधन का नतीजा है. क्वात्रा ने कहा, "...पाकिस्तान सरकार के लिए बेहतर होगा कि वह भारत पर दोष मढ़ने और धमकियां देने के लिए कॉन्फ्रेंस करने के बजाय पानी के खराब इस्तेमाल और कम उत्पादकता की समस्या को ठीक करे." 

पाकिस्तान के कॉफ्रेंस पर तंज करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि हर घरेलू नाकामी के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने की पाकिस्तान की आदत अब पुरानी हो चुकी है. दुनिया को यह बात साफ-साफ कहनी चाहिए.

यह भी पढ़ें - 'पाकिस्तान ने फिर मंच का गलत फायदा उठाया': ASEAN में इशाक डार की टिप्पणियों पर भारत

यह भी पढ़ें - सिंधु जल समझौते पर कभी नरम नहीं पड़ेगा भारत, बस दो शर्त पर पाकिस्तान को मिलेगी राहत: सूत्र

Featured Video Of The Day
PM मोदी की तारीफ पर भड़के राज ठाकरे, विवेक ओबेरॉय से पूछा- फिर दुबई क्‍यों रहते हो?

Topics mentioned in this article
Indus Waters Treaty
Indus Waters Treaty India Pakistan
Indus Waters Treaty Suspended
Vinay Mohan Kwatra
Indus Waters Treaty News