अमेरिका और ईरान की जंग में कैसे फंसी पाकिस्तान सरकार? शहबाज शरीफ आज लेंगे बड़ा फैसला

Pakistan Fuel Crisis: पाकिस्तान ने गुरुवार, 5 मार्च को फैसला किया कि अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों की हर हफ्ते समीक्षा की जाएगी और नई कीमतें शनिवार से लागू होंगी.

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Pakistan Fuel Crisis: अमेरिका-ईरान जंग से पाकिस्तान क्यों हुआ बेहाल
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  • पाकिस्तान ने तेल संकट से निपटने के लिए पेट्रोल-डीजल कीमतों की साप्ताहिक समीक्षा शुरू की है
  • शहबाज शरीफ की कैबिनेट समिति ने तेल बचाने के लिए वर्क-फ्रॉम-होम और ऑनलाइन पढ़ाई जैसे उपायों पर विचार किया है
  • पाकिस्तान के पास पेट्रोल और डीजल का लगभग पांच लाख टन भंडार मौजूद है जो करीब एक महीने तक पर्याप्त माना जा रहा
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ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के जंग ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है. पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझते पाकिस्तान के लिए यह जंग तेल संकट खड़ा करती दिख रही. ऐसे में पाकिस्तान के अंदर आनन-फानन में बैठके हो रही हैं, वहां फैसले लिए जा रहे हैं. पाकिस्तान ने गुरुवार, 5 मार्च को फैसला किया कि अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों की हर हफ्ते समीक्षा की जाएगी और नई कीमतें शनिवार से लागू होंगी. तेल बचाने के लिए वर्क-फ्रॉम-होम और ऑनलाइन पढ़ाई जैसे कदमों पर भी फैसला लिया गया है और आज इसपर मुहर लग सकती है. इसपर सैद्धान्तिक रूप से निर्णय ले भी लिया गया है.

यह फैसला प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा बनाई गई कैबिनेट समिति की बैठक में लिया गया. यह समिति क्षेत्रीय हालात के कारण पेट्रोल की कीमतों पर नजर रख रही है. यह जानकारी पाकिस्तानी अखबार ने डॉन ने दी है. प्रांतों से सलाह लेकर तैयार किया गया राष्ट्रीय कार्ययोजना शुक्रवार को शहबाज शरीफ के सामने पेश की जाएगी. उनकी मंजूरी के बाद इसे संघीय कैबिनेट की आर्थिक समन्वय समिति (ईसीसी) के पास औपचारिक मंजूरी और लागू करने के लिए भेजा जाएगा.

रिपोर्ट के अनुसार स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को इन तीनों मंचों की लगातार बैठकें होंगी. साथ ही आपात स्थिति के उपायों पर इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) से भी चर्चा की गई है. यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इजरायल का ईरान के साथ युद्ध सांतवे दिन में पहुंच गया है. इसके कारण सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है, क्योंकि जहाजों का होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना लगभग रुक गया है.

हॉर्मुज जलडमरूमध्य एक संकरी समुद्री राह है जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ती है. दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है. अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के जवाब में ईरान ने जहाजों पर कई हमले किए हैं, जिसके बाद यह समुद्री रास्ता लगभग बंद हो गया है. 

पाकिस्तान के पास कितना तेल बचा?

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के पास पेट्रोल और डीजल का 5 लाख टन से ज्यादा भंडार मौजूद है, जो क्रमशः लगभग 26 दिन और 25 दिन तक चल सकता है. पाकिस्तान पहले ही सऊदी अरब से औपचारिक अनुरोध कर चुका है कि तेल सप्लाई बनाए रखने के लिए लाल सागर के वैकल्पिक समुद्री रास्ते से तेल भेजा जाए.

पाकिस्तानी वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट समिति की बैठक में संघीय मंत्रालयों और प्रांतीय सरकारों ने कहा कि उन्हें COVID‑19 महामारी के दौरान भी इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा था. रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को छोड़कर बाकी लगभग सभी आपात कदम, जैसे वर्क-फ्रॉम-होम, ऑनलाइन पढ़ाई और कार-पूलिंग, अगले हफ्ते से फिर शुरू किए जा सकते हैं ताकि फ्यूल, ऊर्जा और विदेशी मुद्रा की बचत हो सके और बजट तथा सरकारी खर्च पर दबाव कम हो.

इस बीच आधिकारिक बयान के अनुसार बैठक में ऊर्जा क्षेत्र की स्थिति की भी समीक्षा की गई और बदलती क्षेत्रीय तथा वैश्विक ऊर्जा स्थिति के बीच देश की तैयारी का आकलन किया गया. साथ ही पूरे देश में पेट्रोलियम उत्पादों के भंडार की स्थिति का भी विस्तार से जायजा लिया गया.

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