- बलूचिस्तान में पाक सेना और बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के बीच 40 घंटे से भी अधिक समय तक तीव्र संघर्ष जारी रहा है
- पाकिस्तान के बलूचिस्तान मुख्यमंत्री ने 145 उग्रवादियों के मारे जाने की जानकारी दी है
- वहीं BLA के दावों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना, पुलिस और फ्रंटियर कोर के 200 से अधिक कर्मी मारे गए हैं
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बागियों और पाक सेना में बीच खूनी जंग दूसरे दिन भी चलती रही. बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री ने रविवार, 1 फरवरी को कहा कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 40 घंटे की लड़ाई में 145 उग्रवादियों को मार गिराया है. जबकि बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का कहना है कि उसका ऑपरेशन हेरोफ फेज 2 चालीस घंटे बाद भी बलूचिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में जारी है. इस चरण में बलूच बागियों ने खारन, मस्तुंग, दलबंदिन, टंप और पसनी में अपने-अपने उद्देश्यों को पूरा किया और अपने सुरक्षित स्थानों पर लौट आए. जिन क्षेत्रों में ऑपरेशन पूरा होने की घोषणा नहीं की गई है, वहां अभी भी स्थिति सक्रिय बनी हुई है और ऑपरेशन जारी हैं. BLA ने अपनी महिला फिदायिनों की भी जानकारी दी है.
पाकिस्तानी सरकार और सेना का क्या कहना है?
पाकिस्तान की सरकार और वहां की सेना बलूचिस्तान में सालों की सबसे घातक हिंसा से जूझ रही है. यहां ईरान और अफगानिस्तान की सीमा से लगे संसाधन संपन्न प्रांत में विद्रोहियों ने सुरक्षा बलों, नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हमले बढ़ा दिए हैं. पाकिस्तान के जूनियर आंतरिक मंत्री (गृह मंत्री) तलाल चौधरी ने कहा कि हमलावर आम नागरिकों के वेश में गोलीबारी करने से पहले शनिवार को अस्पतालों, स्कूलों, बैंकों और बाजारों में घुस गए थे.
उन्होंने कहा, ''हर मामले में, हमलावर नागरिकों के वेश में आए और दुकानों में काम करने वाले आम लोगों को अंधाधुंध निशाना बनाया.'' उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया था.
बुगती ने कहा कि आतंकवादियों ने ग्वादर में एक बलूच मजदूर के घर पर हमला किया और पांच महिलाओं और तीन बच्चों की हत्या कर दी. उन्होंने हत्याओं की निंदा की. उन्होंने कहा कि हमलावरों ने क्वेटा के उच्च सुरक्षा क्षेत्र में सरकारी कार्यालयों पर हमला करने के बाद बंधकों को पकड़ने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें विफल कर दिया गया. उन्होंने कहा, "हमें उनकी योजनाओं के बारे में पता था और हमारी सेनाएं तैयार थीं."
गौरतलब है कि बलूच लिबरेशन आर्मी पर पाकिस्तान में बैन लगा हुआ है और उसने हाल के वर्षों में कई हमले किए हैं. उनसे निशाने पर अक्सर पाकिस्तान सुरक्षा बल, चीन से जुड़े बुनियादी ढांचा परियोजना होते हैं.
बलूची विद्रोहियों का क्या कहना है?
बलूच विद्रोही समूह बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसका आक्रामक अभियान (जिसे ऑपरेशन हेरोफ फेज 2 नाम दिया गया है) बलूचिस्तान के कई जिलों में 40 घंटे से अधिक समय से जारी है. इसमें उसने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की बड़ी संख्या में मरने और कई शहरी और ग्रामीण स्थानों पर नियंत्रण का दावा किया है.
BLA के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने 1 फरवरी को दो बयान जारी किए. इसमें विद्रोही समूह ने कहा कि उसके लड़ाकों ने खारन, मस्तुंग, टंप और पसनी सहित क्षेत्रों में अभियान पूरा कर लिया है, जबकि दावा किया कि अन्य स्थानों पर लड़ाई जारी है. समूह ने यह भी दावा किया कि उसके लड़ाके क्वेटा और नोशकी के कुछ हिस्सों में मौजूद हैं, जहां उसने कहा था कि सरकार और सैन्य उपस्थिति को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया गया है.
BLA के दावों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना, पुलिस और फ्रंटियर कोर के 200 से अधिक कर्मी मारे गए हैं, और कम से कम 17 व्यक्तियों को पकड़ लिया गया है. समूह ने इन आंकड़ों को "प्रारंभिक और सतर्क अनुमान" बताया है, और सुझाव दिया है कि वास्तविक मौतें इससे कहीं अधिक हो सकती है. हालांकि इन दावों को स्वतंत्र रूप से वेरिफाई नहीं किया गया है, और न ही पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से इसकी पुष्टि की गई है.
BLA ने अपने भी लड़ाकों की मौत की बात स्वीकार की है. समूह ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान उसके 18 लड़ाके मारे गए, जिनमें उसके मजीद ब्रिगेड, फतेह स्क्वाड और एसटीओएस इकाई के सदस्य भी शामिल थे. मारे गए लोगों के बारे में अधिक जानकारी बाद में देने का वादा किया गया.
पाक सेना से लड़ती जान गंवा रहीं बलूचों की महिला फिदायीन
बलूच आर्मी ने अपनी फिदायीन हमलावर आसिफा मेंगल की भी जानकारी दी है जिसकी उम्र महज 24 साल की थी. बलूच आर्मी ने अपने बयान में बताया कि आसिफा मेंगल 2 अक्टूबर, 2023 को बलूच लिबरेशन आर्मी की मजीद ब्रिगेड में शामिल हुई और जनवरी 2024 में उसने फिदायीन बनने का फैसला लिया. आखिर में 31 जनवरी 2026 को, उसने नोशकी में ISI मुख्यालय को निशाना बनाते हुए एक VBIED ऑपरेशन को अंजाम दिया. VBIED का अर्थ Vehicle-Borne Improvised Explosive Device (वाहन आधारित विस्फोटक उपकरण) है. इसे आम भाषा में "कार बम" या "ट्रक बम" भी कहा जाता है. इसमें किसी साधारण वाहन में भारी मात्रा में विस्फोटक छिपाकर उसे एक घातक हथियार में बदल दिया जाता है. आसिफा अब मर चुकी है.
एक और वीडियो जारी करके बलूच आर्मी ने बताया है कि ऑपरेशन हेरोफ फेज 2 के दौरान ग्वादर फ्रंट पर दूसरी महिला फिदायीन हमलावर, हवा बलूच ने दूसरे साथी फिदायीनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बिना डरे लड़ाई लड़ी. वह भी पाकिस्तान सेना से लड़ती मारी गई.
पाकिस्तान के लिए नासूर बना बलूचिस्तान
बलूचिस्तान, पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे कम आबादी वाला प्रांत है. इसे राजनीतिक रूप से हाशिए पर रखा गया है और इसके प्राकृतिक संसाधनों पर इस्लामाबाद में बैठी सरकारों और सेना ने नियंत्रण कर रखा है. इसी का हवाला देते हुए यह क्षेत्र अधिक स्वायत्तता या आजादी की मांग करने वाले अलगाववादी समूहों के नेतृत्व में लंबे समय से चल रहे विद्रोह का गवाह रहा है. BLA इन समूहों में सबसे प्रमुख है और इसे पाकिस्तान और कई अन्य देशों द्वारा आतंकवादी संगठन नामित किया गया है. भले पाकिस्तान ने BLA के खिलाफ अक्सर सैन्य कार्रवाई शुरू की है, लेकिन बलूच विद्रोहियों को नागरिकों का व्यापक समर्थन प्राप्त है.













