बलूचिस्तान में पाकिस्तान आर्मी ने भेजा 'जल्लादों का दस्ता'! जिंदा ले जाते हैं और फिर बस कुछ अंग मिलते हैं

Pakistan: मानवाधिकार संस्था बलूच यकजेहती समिति (BYC) ने बताया कि पंजगुर जिले से 20 साल के मजदूर जहूर बलूच का 20 अक्टूबर की तड़के जबरन अपहरण कर लिया गया था. अगली सुबह उसका क्षत-विक्षत शव मिला.

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  • बलूचिस्तान में पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वाड ने कम से कम दो बलूच युवकों की हत्या की है
  • पंजगुर जिले के पारूम क्षेत्र में मजदूर जहूर बलूच का जबरन अपहरण कर हत्या की पुष्टि हुई है
  • बलूच यकजेहती समिति के अनुसार बलूच आबादी को निशाना बनाकर जबरन गायब करने और हत्याओं का अभियान चल रहा है
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पाकिस्तान और बलूचिस्तान के बीच तनाव लगातार जारी है. इस बीच एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने गुरुवार को जानकारी दी है कि बलूचिस्तान में पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वाड ने कम से कम दो बलूच युवकों की हत्या कर दी. बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की ओर से लगातार गतिविधि नोटिस की जा रही है. इस बीच क्रूरता का यह ताजा मामला सामने आया. इस क्षेत्र से हत्या, जबरन गुमशुदगी और यातनाओं में बढ़ोतरी के साथ उत्पीड़न के मामले भी सामने आ रहे हैं.

मानवाधिकार संस्था बलूच यकजेहती समिति (BYC) ने बताया कि पंजगुर जिले के पारूम क्षेत्र के निवासी और 20 साल के मजदूर जहूर बलूच का 20 अक्टूबर की तड़के जबरन अपहरण कर लिया गया था. गवाहों का हवाला देते हुए, मानवाधिकार संस्था ने कहा कि अपहरणकर्ता एक वाहन में आए और जहूर को घर से ले गए. अगली सुबह उसका क्षत-विक्षत शव मिला, जिससे उसकी हत्या की पुष्टि हुई.

बीवाईसी ने कहा, "यह दुखद घटना कोई अकेली नहीं है, बल्कि बलूच आबादी को निशाना बनाकर जबरन गायब करने और हत्याओं के व्यवस्थित अभियान का हिस्सा है. जहूर की मौत बलूचिस्तान में लगातार जारी भय के माहौल को दर्शाती है, जहां युवाओं का नियमित रूप से अपहरण किया जाता है और मार दिया जाता है."

ऐसी ही एक और भयावह घटना का जिक्र करते हुए बीवाईसी ने कहा कि 20 अक्टूबर को एक बलूच नागरिक, फकीर जान, का प्रताड़ित और गोलियों से छलनी शव एक खुले मैदान में पड़ा मिला. इससे बलूचिस्तान में एक हत्या का पर्दाफाश हुआ. मानवाधिकार संस्था के अनुसार, फकीर का 18 अक्टूबर की रात पंजगुर के ग्वाश क्षेत्र में राज्य समर्थित दस्ते ने अपहरण कर लिया था.

बीवाईसी ने जोर देकर कहा, "इन गंभीर उल्लंघनों के बावजूद मानवाधिकार संगठनों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की निरंतर चुप्पी बेहद परेशान करने वाली है. हम इन गैरकानूनी हत्याओं और बलूचिस्तान में जारी अत्याचारों के लिए जिम्मेदार लोगों की स्वतंत्र जांच और जवाबदेही की तत्काल मांग करते हैं."

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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