- बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तान के सात सैनिकों को बंधक बना रखा है और उनकी रिहाई के लिए दबाव बना रही है
- BLA ने पाकिस्तान सरकार और सेना को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है, अन्यथा मौत की सजा लागू करने की धमकी दी है
- ऑपरेशन हेरोफ फेज 2 के दौरान BLA ने कुल सत्रह पाकिस्तानी सैनिकों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से दस रिहा किए गए
पाकिस्तान की सरकार और वहां की आर्मी के लिए बलूचिस्तान के विद्रोही काल बन गए हैं. बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने फोटो और वीडियो जारी करके कहा है कि उसके पास अभी पाकिस्तान के 7 सैनिक बंधक हैं. बलूचिस्तान प्रांत में लंबे समय से सक्रिय कई विद्रोही समूहों में सबसे मजबूत बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी या BLA ने पाकिस्तान सरकार को एक हफ्ते का वक्त दिया है. उसने कहा है कि अगर बात नहीं मानी तो इस सातों जवानों को बलूच नेशनल कोर्ट के आदेश के अनुसार मौत की सजा दे दी जाएगी.
बलूच लिबरेशन आर्मी ने क्या कहा है?
दरअसल बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तान सेना के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाया है, जिसने उसे ऑपरेशन हेरोफ फेज 2 नाम दिया है. अब 14 फरवरी को BLA ने एक बयान जारी करके कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान, BLA के स्वतंत्रता सेनानियों ने कुल 17 पाकिस्तानी सेना के जवानों को गिरफ्तार किया था. शुरुआती जांच के बाद, इनमें से दस जवानों को रिहा कर दिया गया क्योंकि वे बलूच थे और स्थानीय पुलिस से जुड़े हुए थे. "यह निर्णय जमीनी हकीकत, स्थानीय पहचान और बलूच लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए लिया गया."
आगे कहा गया है, "दुश्मन पाकिस्तानी सेना की के रेगुलर यूनिट से बाकि के 7 जवान अभी भी BLA की कैद में हैं. उनके खिलाफ बलूच नेशनल कोर्ट में औपचारिक सुनवाई हुई. इस अदालती कार्यवाही के दौरान, उन पर युद्ध अपराध, नागरिक आबादी के खिलाफ एक्शन, जबरन गायब करने में सहायता और बढ़ावा देने और बलूच नरसंहार में व्यावहारिक भागीदारी का आरोप लगाया गया. अदालती में इनको अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया. यहां सबूत पेश किए गए और इकबालिया बयान दर्ज किए गए. सभी चरणों को पूरा करने के बाद, अदालत ने उन्हें आरोपों का दोषी पाया."
पाकिस्तान की सरकार और सेना को एक हफ्ते की मोहलत
बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तान की सरकार और सेना को सात दिन की मोहलत दी है. उन्होंने इन 7 जवानों को रिहा करने के बदले कुछ शर्त रखी हैं. कहा गया है कि 7 दिनों में बलूच कैदियों की रिहाई के बदले पाकिस्तानी सेना के इन 7 जवानों को रिहा करवाया जा सकता है. BLA ने बयान में कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर पाकिस्तान ने ऐसा नहीं किया, तो उन्हें दी गई मौत की सजा को अंजाम दिया जाएगा.
एक बार फिर ध्यान रहे कि यह बयान 14 फरवरी को जारी किया गया था. यानी एक सप्ताह की यह मोहलत 21 फरवरी को खत्म हो जाएगी.













