- पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ हमलों को सऊदी अरब, कतर और तुर्किये के अनुरोध पर अस्थायी रूप से रोक दिया है
- यह सीजफायर ईद-उल-फितर के दौरान बुधवार आधी रात से लागू होगा और सोमवार आधी रात तक जारी रहेगा
- पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में केवल आतंकवादी इंफ्रास्ट्रक्चर और तालिबान के मिलिट्री सेटअप को निशाना बनाया है
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ जारी अपने सैन्य अभियान 'ऑपरेशन गजब लील हक' को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है.पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी आधिकारिक घोषणा की. उन्होंने बताया कि सऊदी अरब, कतर और तुर्किये की मध्यस्थता और विशेष अनुरोध के बाद यह फैसला लिया गया.
ईद के दौरान हमले पर लगाई अस्थाई रोक
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, पाकिस्तान अफगानिस्तान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान अस्थायी रूप से रोक रहा है. ईद-उल-फितर के दौरान सऊदी अरब, कतर और तुर्किये के अनुरोधों के बाद वह अफगानिस्तान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को रोकने का फैसला लिया.
आज आधी रात से होगा सीजफायर
तरार ने कहा कि पड़ोसी देश अफगानिस्तान में आतंकवादियों और उनके सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों पर रोक बुधवार आधी रात से लागू होगी और सोमवार आधी रात तक जारी रहेगी. उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान यह अच्छी नीयत से और इस्लामी नियमों को ध्यान में रखते हुए कर रहा है. हालांकि किसी भी क्रॉस-बॉर्डर हमले, ड्रोन हमले या पाकिस्तान के अंदर किसी भी आतंकवादी घटना के मामले में ऑपरेशन तुरंत नई तेजी के साथ फिर से शुरू हो जाएंगे.
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'अफगानिस्तान में आतंकी ठिकानों को बनाया निशाना'
इससे पहले AP को दिए एक इंटरव्यू में अताउल्लाह तरार ने कहा था कि पाकिस्तान ने सिर्फ आतंकवादी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया था. हमने अफगान तालिबान शासन, उनके मिलिट्री सेटअप, उनके आतंकवादी इंफ्रास्ट्रक्चर और उन सभी सेटअप पर हमला किया है जो आतंकवादियों को सपोर्ट या बढ़ावा दे रहे हैं.
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच झगड़े में फरवरी के आखिर में शुरू होने के बाद से बार-बार बॉर्डर पार झड़पें हुई हैं और अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले भी हुए हैं, जिसमें राजधानी में कई हवाई हमले भी शामिल हैं. इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीजफ़ायर की मांग की जा रही थी.पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान उन मिलिटेंट्स को सुरक्षित पनाह देता है जो पाकिस्तान के अंदर हमले करते हैं.
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