‘नो थैंक्यू, मैं सुप्रीम लीडर नहीं बनना चाहता', जंग के बीच ट्रंप ने उड़ाया ईरान का मजाक

डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर विरोधाभासी और बयानबाजी भरे दावों ने वैश्विक असमंजस बढ़ाया है. ईरान डील, नेतृत्व संकट, युद्धविराम और सैन्य कार्रवाई पर उनके बदलते बयान चर्चा और आलोचना का विषय बने हुए हैं.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि कोई नेता ईरान का सुप्रीम लीडर बनना नहीं चाहता, इस बात को उन्होंने हंसी में बताया.
  • ईरान में अली खामेनेई की हत्या के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है.
  • ट्रंप का दावा है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध में बड़ी सैन्य जीत हासिल कर ली है और गुप्त बातचीत जारी है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि ईरान डील के लिए तैयार है. लेकिन ईरान की तरफ से लगातार इन दावों का खंडन किया जा रहा है. इन सबके बीच अब ट्रंप का एक नया बयान खासा चर्चा में है. उन्होंने कहा कि कोई भी नेता ईरान का सुप्रीम लीडर बनना नहीं चाहता. ट्रंप कहते हैं कि किसी भी देश का कोई भी प्रमुख ऐसा नहीं रहा है जो ईरान का प्रमुख बनने जैसी स्थिति में रहा हो.

ट्रंप ने हंसते हुए कहा, 'हम उनकी बात बहुत साफ तौर पर सुनते हैं. वे जिस किसी से कहते हैं कि हम आपको ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाना चाहते हैं, तो वो कहता है, नहीं थैंक्यू, मैं नहीं बनना चाहता.'

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान में हालात तनावपूर्ण हैं. कई बड़े नेताओं की मौत के बाद वहां नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. 

यह भी पढ़ें- ट्रंप ने ईरान में सेना उतार दी तो क्या होगा? जमीनी युद्ध की एक भयावह तस्वीर

अली खामेनेई के बाद मोजतबा ने संभाली कमान

अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाया गया. हालांकि, युद्ध शुरू होने के बाद से मोजतबा सार्वजनिक रूप से एक बार भी नजर नहीं आए हैं. कुछ रिपोर्ट्स में उनके घायल होने की भी बात कही गई है.

Advertisement

युद्धविराम चाहता है ईरान- ट्रंप

वैसे ट्रंप ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन को बड़ी सैन्य जीत बताया है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका इस युद्ध में जीत चुका है. ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी तेहरान के साथ गुप्त बातचीत जारी है. लेकिन उनकी बातचीत किससे हो रही है, ये उन्होंने नहीं बताया है. उनके मुताबिक ईरान युद्धविराम चाहता है. लेकिन आंतरिक हालात और संभावित नतीजों के डर से वो फैसला लेने में हिचकिचा रहा है. 

'ट्रंप को समझना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन'

गौरतलब है कि ट्रंप जबसे राष्ट्रपति बने हैं वह अपने कामों के बजाए अपने ऊंटपटांग बयानों की वजह से ज्यादा सुर्खियां में रहे हैं. वो कब और कहां और क्या बोल दें इसके बारे में अंदाज लगाना काफी मुश्किल है. दो दिन पहले ट्रंप ईरान के साथ पांच दिनों के लिये सीजफायर का ऐलान किया. फिर भी ईरान पर अमेरिकी फाइटर जेट्स के हमले नही रुके. 

Advertisement

ईरान के साथ शुरू हुई जंग के शुरुआत में वह कहते है कि ईरान के खिलाफ संघर्ष लंबा नहीं खिंचेगा. लेकिन बाद में उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध बहुत लंबा खिंच सकता है. क्योंकि ईरानी मिसाइल्स ने उनकी नाक में दम कर दिया था. 

युद्ध पर ट्रंप का बयान

जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि इजरायल के चलते अमेरिकी ईरान युद्ध में कूदा तो फिर पहले ट्रंप ने मार्को रुबियो का बयान खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि इजरायल के चलते यह फैसला नहीं लिया गया. इससे पहले उन्होंने नाटो देशों से ईरान युद्ध में अपने हथियार और युद्धपोत भेजने की बात कही थी. लेकिन जब नाटो की उनके सहयोगियों ने मना कर दिया, तो प्रेसिडेंट ट्रंप ने उन्हें कायर तक कह डाला. 

एक और हालिया किस्सा भी है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़बोलापन झलकता है. हाल ही में ट्रंप ने जापान के प्रधानमंत्री के साथ हुई प्रेस कांफ्रेस में पर्ल हार्बर अटैक का जिक्र करते हुए कहा कि सरप्राइज के बारे में जापान से बेहतर कौन जानता है? ट्रंप के इस बयान को ऐतिहासिक रूप से काफी असंवेदनशील माना गया.

यह भी पढ़ें- ट्रंप झूठ बोल रहे या ईरान? अब शांति वार्ता पर छिड़ी बयानों की जंग, कोई पहले हाथ नहीं बढ़ाना चाहता

Advertisement

साथ ही उन्होंने इतना ही नहीं अपने सोशल अकाउंट पर अमेरिका की ही डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं को अमेरिका का ईरान से भी सबसे बड़ा दुश्मन बता दिया. इस पर अमेरिका की अंदर कड़ी राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई. 

पिछले हफ्ते ही उन्होंने अपने FBI के रोबर्ट मुलर की मौत पर ट्रंप ने ट्रुथ पर लिखा कि 'Good, I'm glad he's dead'. ट्रंप के इस बयान पर अमेरिका के दोनों राजनीतिक पार्टियां डेमोक्रेट और रिपब्लिकन ने आलोचना की. यानी कुल मिलाकर देखें तो प्रेसिडेंट ट्रंप का कोई भरोसा नहीं. जैसी अनिश्चित उनकी जुबान है, उतनी ही अनिश्चितता में उन्होंने इस समय पूरी दुनिया को डाल रखा है.

Advertisement
Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | Iran Israel War: Hormuz में America Vs China,कितनी ताकतवर चीन नेवी? Donald Trump