अमेरिका या फिर तुर्की नेतन्याहू को भी कर ले किडनैप... बड़बोले पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की अजीबोगरीब गुहार

ख्वाजा आसिफ ने कहा, "पिछले 4,000-5,000 सालों में किसी भी समुदाय ने फिलिस्तीनियों के साथ वह नहीं किया जो इजरायल ने किया है. वह (नेतन्याहू) मानवता का सबसे बड़ा अपराधी है. दुनिया ने इससे बड़ा अपराधी नहीं देखा है."

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  • पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का अपहरण करने की बात कही है
  • आसिफ ने नेतन्याहू को मानवता का सबसे बड़ा अपराधी बताते हुए गाजा में अत्याचारों की तुलना इतिहास से की
  • ख्वाजा आसिफ ने नेतन्याहू के समर्थकों को भी कानूनी कार्रवाई के तहत लाने की वकालत की
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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बड़बोलापन एक बार फिर से सामने आया है. ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि अगर अमेरिका मानवता में विश्वास रखता है, तो उसे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का अपहरण कर लेना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का अपहरण किया गया था. उन्होंने कहा कि तुर्की भी नेतन्याहू का अपहरण कर सकता है और पाकिस्तानी इसके लिए प्रार्थना कर रहे हैं.

एक टीवी इंटरव्यू में, आसिफ ने नेतन्याहू को 'मानवता का सबसे बड़ा अपराधी' बताया और दावा किया कि इतिहास में गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ किए गए अत्याचारों की तुलना में कोई भी अत्याचार इतना बड़ा नहीं है.

आसिफ ने कहा, "पिछले 4,000-5,000 सालों में किसी भी समुदाय ने फिलिस्तीनियों के साथ वह नहीं किया जो इजरायल ने किया है. वह (नेतन्याहू) मानवता का सबसे बड़ा अपराधी है. दुनिया ने इससे बड़ा अपराधी नहीं देखा है."

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आसिफ ने नेतन्याहू के समर्थकों को भी सजा देने की वकालत की, उन्होंने कहा, “ऐसे अपराधियों का समर्थन करने वालों के बारे में कानून क्या कहता है…” उसी समय, एंकर हामिद मीर ने बीच में ही टोकते हुए कहा कि विदेश मंत्री के तौर पर ख्वाजा आसिफ के बयान को ट्रंप की ओर इशारा माना जा सकता है. मीर ने यह भी कहा कि ब्रेक के बाद आसिफ ऑन एयर नहीं रहेंगे.

गौरतलब है कि पाकिस्तान ने कभी भी इज़रायल को मान्यता नहीं दी और आधिकारिक तौर पर ईरान के साथ अपने संबंधों को भाईचारे और साझा क्षेत्रीय हितों के रूप में पेश किया.

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एनडीटीवी को दिए एक साक्षात्कार में, भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अज़ार ने कहा कि गाजा में किसी भी सैन्य बल में पाकिस्तानी सेना की भागीदारी ठीक नहीं है, और हमास तथा पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा भी शामिल है, उनके बीच बढ़ते संबंधों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की.

इजरायली राजदूत ने ट्रंप की गाजा योजना के तहत गाजा के लिए संभावित इंटरनेशनल स्टेबलेशन फोर्स (आईएसएफ) में पाकिस्तानी सैन्य भागीदारी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. जब उनसे पूछा गया कि क्या कट्टरपंथी आतंकवादी संगठनों से संबंधों को देखते हुए इज़रायल गाज़ा में पाकिस्तानी सेना की भूमिका से सहज होगा, तो राजदूत ने कहा- 'नहीं', ये गाजा में पाकिस्तानी सेना की किसी भी भूमिका को लेकर इजरायल की असहमति को दिखाता है.

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