नेपाल के रसुवा जिले में रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल में कम से कम 93 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है. लेकिन किस्मत उनके साथ अलग ही आंख मिचौली खेल रही है. पहले कहा जा रहा था कि ये मजदूर टनल के भीतर मौजूद हो सकते हैं. लेकिन अब ये आस भी धुंधली होती जा रही है. दरअसल बचाव दल ने थर्मल ड्रोन को टनल के आखिरी छोर पर भेजा, लेकिन ड्रोन में कैद हुए वीडियो में किसी इंसान की मौजूदगी नहीं दिख रही है.
रसुवागढ़ी में ऑपरेशन में नेपाली सेना के जवान, इंजीनियर और एक ड्रोन टीम शामिल थी. भोटे कोशी नदी में बाढ़ आने के बाद बचाव दल टनल में घुसे और तलाश शुरू की. उन्हें डर था कि मजदूर इसके आखिरी छोर पर फंसे हो सकते हैं. टीम आखिरी छोर तक पहुंचने में कामयाब रही और ड्रोन का इस्तेमाल करके अंदर की तलाशी ली, लेकिन इस बात का कोई संकेत नहीं मिला कि कोई अंदर था.
ड्रोन टीम की तरफ सुरंग में किसी के न होने की पुष्टि होने के बाद, खोजी अभियान रोक दिया गया और रेस्क्यू टीम रसुवा जिले के धुंचे लौट गए हैं. अब तक मजदूरों के बारे में कुछ भी पता नहीं है.
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े 933 लोग लापता
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने सोमवार को कहा कि हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े 933 लोग लापता हैं. बचाव दल ने अब तक हाइड्रोपावर टनल से 279 लोगों को बाहर निकाला है. इनमें अपर त्रिशुली-1 परियोजना से बचाए गए 254 लोग और लांगटांग खोला स्थल से बचाए गए 18 लोग शामिल हैं.
नेपाल के स्वतंत्र विद्युत उत्पादक संघ (IPPAN) ने अलग से कहा है कि रसुवा और नुवाकोट में 11 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में काम कर रहे 897 लोग अभी भी संपर्क से बाहर हैं.
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