नेपाल के 5 बार प्रधानमंत्री रहे शेर बहादुर देउबा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, जानें वजह

नेपाल की काठमांडू जिला अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. देउबा दंपति फिलहाल विदेश में हैं, नेपाल सरकार इंटरपोल रेड नोटिस जारी कर उन्हें देश वापस लाने की प्रक्रिया शुरू करना चाहती है.

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  • नेपाल ने भ्रष्टाचार के आरोप में पूर्व प्रधानमंत्री देउबा और उनकी पत्नी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है
  • मनी लॉन्ड्रिंग जांच विभाग ने देउबा दंपति के खिलाफ जांच के आधार पर गिरफ्तारी वारंट की मांग की थी
  • देउबा और उनकी पत्नी फिलहाल विदेश में हैं, उन्होंने इलाज के लिए सिंगापुर का रुख किया था
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काठमांडू:

नेपाल ने भ्रष्टाचार के आरोप में पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. बालेन सरकार के तहत निशाना बनाए जाने वाले शेर बहादुर देउबा दूसरे प्रधानमंत्री हैं. कुछ दिनों पहले ही नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भी गिरफ्तार किया गया है. काठमांडू जिला अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी, पूर्व विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा के खि‍लाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. यह मामला पैसे के अवैध लेन‑देन की जांच से जुड़ा बताया जा रहा है. 

केपी शर्मा ओली, पुष्प कमल दहल अब शेर बहादुर देउबा

काठमांडू पोस्ट की खबर के अनुसार, मंगलवार को न्यायाधीश महेंद्र खड़का की बेंच ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच विभाग की मांग पर यह गिरफ्तारी वारंट जारी किया. जांच विभाग देउबा और उनकी पत्नी के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्रियों केपी शर्मा ओली और पुष्प कमल दहल पर भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है. पिछले साल सितंबर में हुए जेन-जी आंदोलन के दौरान देउबा, प्रचंड की बेटी और पूर्व ऊर्जा मंत्री दीपक खड़का के आवासों से जले हुए कैश के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर सर्कुलेट हुई थीं. खड़का तब से जांच के लिए पुलिस हिरासत में हैं.

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प्रदर्शनकारियों ने दीपक खड़का के घरों में आग लगा दी थी. फोरेंसिक जांच में बाद में पुष्टि हुई कि करेंसी नोटों के टुकड़े असली थे, जिससे पूरी तरह से जांच शुरू हो गई, क्योंकि इस बात का शक था कि तस्वीरें शायद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके बनाई गई हों. हालांकि, देउबा और उनकी पत्नी देश के बाहर हैं. वे 26 फरवरी को इलाज के लिए सिंगापुर गए थे. वे घर वापस नहीं आए हैं और खबर है कि वे हांगकांग में हैं.

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5 बार रहे नेपाल के प्रधानमंत्री 
 

सूत्रों ने काठमांडू पोस्ट को बताया कि देउबा दंपति के खि‍लाफ यह गिरफ्तारी वारंट इसलिए जारी किया गया है, ताकि इंटरपोल रेड नोट‍िस के लिए प्रक्रिया शुरू की जा सके. रेड नोटिस आने के बाद विदेश में ही उन्हें रोका जा सकता है और नेपाल वापस लाने में मदद मिलेगी. शेर बहादुर देउबा पांच बार नेपाल के प्रधानमंत्री रहे हैं और 1991 से नेपाल की राजनीति में एक अहम हस्ती रहे हैं. वे लगातार अपने गृह जिले डाडेलधुरा से चुनाव जीतते आए हैं. इस बार उन्होंने पांच मार्च को हुए चुनाव में हिस्सा नहीं लिया.

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