नेपाल में एक बार फिर से कुदरत का कहर देखने को मिला है. बूढ़ी गंडक नदी में अचानक आई बाढ़ से 3 पुल बह गए. नदी के किनारे कई मीटर तक लोगों के मकान और दुकान भी नहीं बचे. रविवार सुबह गोरखा में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई इस बाढ़ से चुमनुबरी और धारचे ग्रामीण नगरपालिकाओं में बस्तियों, पुलों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है. बाढ़ अपने साथ कई घर, दो सस्पेंशन फुटब्रिज और गाड़ियों के चलने लायक एक लोहे का पुल बहा ले गई.
साथ ही, कई बस्तियों में घरों में पानी भर गया और अन्य घर खतरे की जद में आ गए. एक कंस्ट्रक्शन कैंप और एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का कुछ सामान भी बाढ़ में बह गया.
शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका-6 में लोकपा और चुमलिंग के बीच सियार नदी में भूस्खलन के कारण नदी का बहाव रुक गया होगा, जिससे यह बाढ़ आई. एक और संभावित कारण चुमचेट में उंगिलुंग नदी के पास भूस्खलन से नदी का अवरुद्ध होना हो सकता है. सही कारण का अभी पता नहीं चल पाया है और अधिकारी अभी भी नुकसान का ब्योरा जुटा रहे हैं.
सुबह करीब 4 बजे उग्युलुंग और सियार नदियों से तेज़ आवाज़ें सुनने के बाद स्थानीय लोग और पर्यटक सुरक्षित जगहों पर भागने लगे. स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी का स्तर घटता-बढ़ता रहा.
एक और जबरदस्त बाढ़ की चेतावनी जारी
इधर नेपाल बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने रविवार सुबह एक और जबरदस्त बाढ़ की चेतावनी जारी की है. नेपाल का राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने बूढ़ी गंडक नदी में जबरदस्त बाढ़ आने की आशंका जताई है. विभाग ने लोगों से नदी से दूर रहने और ऊंची जगहों पर जाने की अपील की है.
नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "बूढ़ी गंडकी नदी में चुमानुवमी रूरल म्युनिसिपैलिटी-6 की तरफ से जबरदस्त बाढ़ आ रही है. इसलिए, जब तक बाढ़ गुजर न जाए, त्रिशूली दोभान तक नदी के पास न जाएं. ऊंची जगहों पर रहें."
अथॉरिटी के अनुसार, तेज बहाव के कारण नदी का जलस्तर में खतरनाक रूप से वृद्धि हो सकती है. नदी के आसपास और निचले इलाकों में रहने वालों के लिए यह बहुत ही खतरनाक हो सकता है. अथॉरिटी ने लोगों से समय रहते जल्दी से जल्दी सुरक्षित और ऊंचाई वाले स्थानों में जाने की अपील की है. हालांकि विभाग की ओर से बाढ़ का कोई निश्चित समय नहीं बताया गया है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि इलाके में बारिश नहीं हुई थी, इसलिए लोगों को इस आपदा के आने का कोई अंदाजा नहीं था. बाढ़ आने के समय लोग अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में लगे हुए थे.
26 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से भौतिक संपत्तियों को करीब 1.66 अरब अमेरिकी डॉलर का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ. विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस कुल नुकसान का 83 प्रतिशत हिस्सा बुनियादी ढांचे से जुड़ा है.
भौतिक नुकसान को लेकर विश्व बैंक का अनुमान नेपाल सरकार की प्रारंभिक 'रैपिड डैमेज एंड नीड्स असेसमेंट' (आरडीएनए) रिपोर्ट के आंकड़ों से काफी मिलता-जुलता है. सरकार ने अपने शुरुआती आकलन में नुकसान करीब 1.81 अरब अमेरिकी डॉलर बताया था.
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