6 साल में चांद पर बनेगा होटल, सीट चाहिए तो 21 साल के इस अमेरिकी 'रैंचो' को दीजिए 9 करोड़ एडवांस

Moon Hotel: अगर आपकी जेब में बेतहाशा पैसा है और आप अपने आप को एडवेंचरस मानते हैं तो यह मौका आपके लिए हैं. चांद पर होटल बन रहा है और बुलावा पहले आ गया है.

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चांद पर होटल बन रहा है और बुलावा पहले आ गया है.

एक होटल और वो भी चांद पर. हां, आपने बिल्कुल सही सुना. इंसान एक लंबी छलांग लगाने की तैयारी में है. गेलेक्टिक रिसोर्स यूटिलाइजेशन स्पेस (GRU Space) नाम का एक अमेरिकी स्टार्टअप चंद्रमा की धूल से ही 2032 तक दुनिया का पहला ऐसा होटल बनाना चाहता है, जो चांद पर होगा. अगर आपकी जेब में बेतहाशा पैसा है और आप अपने आप को एडवेंचरस मानते हैं तो यह मौका आपके लिए हैं. आप एक साथ अंतरिक्ष यात्री और टूरिस्ट दोनों बन जाएंगे. लेकिन सबसे पहले वहां जाने के लिए आपको इतनी रकम जमा करनी पड़ेगी कि उसके बदले आप 24 कैरेट का 6.5 किलो से अधिक सोना खरीद लें. चलिए बस 5 सवाल और उनके जवाब के जरिए आपको यह चांद वाले होटल के बारे में सबकुछ बताते हैं.

Q- चांद पर होटल, प्लान क्या है?

तो प्लान क्या है. दरअसल कंपनी का प्लान है कि चंद्रमा पर जो पहले से मौजूद है उसी से वहां एक होटल का निर्माण किया जाए. साल 2029 तक, GRU Space एक डेमो मिशन की योजना बना रहा है. वह अगले तीन साल में चंद्रमा की मिट्टी को निर्माण सामग्री में बदलना चाहता है. मिशन का दूसरा पार्ट होगा होटल की नींव रखना और वो भी चांद पर मौजूद गुफा के अंदर. मिशन का तीसरा पार्ट होगा 2032 तक चंद्रमा पर पहले होटल का दरवाजा खोलना.

Q- कंपनी कौन सी तकनीक का इस्तेमाल करेगी?

GRU Space ने सोमवार. 12 जनवरी को होटल कैसे बनेगा, इसके डिटेल्स पेश करते हुए अपनी बुकिंग वेबसाइट लॉन्च की. कंपनी ने एक बयान में कहा कि वे "चंद्रमा की मिट्टी को टिकाऊ संरचनाओं में बदलने के लिए एक मालिकाना आवास मॉड्यूल प्रणाली (proprietary habitation modules system) और स्वचालित प्रक्रिया" का उपयोग करेंगे. कंपनी ने कहा, निर्माण 2029 में शुरू होने की उम्मीद है. अभी इस प्लान को अप्रूवल भी मिलना बाकि है.

Q- चांद वाले होटल पर जाने में खर्चा कितना आएगा?
  
चांद वाले होटल पर जाने के लिए यानी स्पेस टूर के इच्छुक लोगों को सबसे पहले 2.5 लाख डॉलर से 10 लाख डॉलर की भारी जमा राशि जमा करनी होगी. भारतीय करेंसी में यह रकम 2.25 करोड़ से 9 करोड़ रुपए के आसपास पड़ती है. कंपनी का दावा है कि यह "पहली स्थायी ऑफ-अर्थ संरचना" होगी. ऑफ अर्थ यानी अपनी धरती से इतर. 

Q- कंपनी आगे क्या करना चाह रही है?

कंपनी के फाउंडर स्काइलर चान का कहना है कि आग का इंसान एक युगांतकारी मोड़ पर खड़ा है. हम मरने से पहले वास्तव में ऐसे जीवित चीज बन सकते हैं जो एक साथ दो ग्रहों पर रह सकता है. उन्होंने कहा, "हम सफल होते हैं, तो अरबों मानव जीवन चंद्रमा और मंगल ग्रह पर पैदा होंगे. चंद्र और मंगल ग्रह के जीवन की सुंदरता का अनुभव करने में सक्षम होंगे."

GRU Space सिर्फ स्पेस टूरिज्म पर नहीं रुकना चाहता है. वह चंद्रमा पर पहला बेस बनाना चाहता है, जिसमें सड़के हों, गोदाम हों और यहां तक ​​कि बड़े पैमाने पर ड्राइवर हों.

Q- 21 साल के फांउडर की इस कंपनी के बारे में जानते हैं?

कमाल की बात है कि गैलेक्टिक रिसोर्स यूटिलाइजेशन स्पेस के फाउंडर स्काइलर चान की उम्र केवल 21 साल की है. चैन कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी बर्कले से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान में ग्रेजुएट हैं. उन्होंने स्टार्ट-अप एक्सेलेरेटर वाई-कॉम्बिनेटर के हिस्से के रूप में मून होटल का विचार विकसित किया है.

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