होर्मुज में 'आर-पार' की जंग! अब ब्रिटिश बेस से उड़ान भरेंगे अमेरिकी फाइटर जेट्स, बड़े एयर स्ट्राइक की तैयारी

ब्रिटेन ने इस बात की भी पुष्टि की है कि अमेरिका (US) के साथ उसका एक समझौता हुआ है. इसके तहत, क्षेत्र की सुरक्षा के लिए ब्रिटेन के सैन्य अड्डों का उपयोग किया जा सकेगा. अमेरिका इन अड्डों का इस्तेमाल उन मिसाइल साइटों को तबाह करने के लिए कर सकता है, जिनका उपयोग ईरान जहाजों पर हमला करने के लिए कर रहा है.

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  • ब्रिटेन ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के हमलों पर आपातकालीन बैठक कर रणनीति तय की है.
  • बैठक में ईरान के जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की गई है.
  • ब्रिटेन ने अमेरिका के साथ मिलकर क्षेत्रीय सुरक्षा हेतु अपने सैन्य अड्डों के उपयोग का समझौता किया है.
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मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच ब्रिटेन की सरकार ने एक महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक की है. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ईरान द्वारा कमर्शियल जहाजों और तेल-गैस सप्लाई के रास्तों (होर्मुज़ जलडमरूमध्य) को निशाना बनाने से पैदा हुए खतरों पर चर्चा करना और अपनी रणनीति तय करना था. बैठक में मंत्रियों ने ईरान की ओर से अंतरराष्ट्रीय जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचों पर किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की.

उन्होंने कहा कि ईरान के ये हमले न केवल खाड़ी क्षेत्र को गहरे संकट में डाल रहे हैं, बल्कि इससे पूरी दुनिया और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ रहा है. ब्रिटेन ने स्पष्ट किया कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर एक ठोस योजना बना रहा है.

ब्रिटेन ने इस बात की भी पुष्टि की है कि अमेरिका (US) के साथ उसका एक समझौता हुआ है. इसके तहत, क्षेत्र की सुरक्षा के लिए ब्रिटेन के सैन्य अड्डों का उपयोग किया जा सकेगा. अमेरिका इन अड्डों का इस्तेमाल उन मिसाइल साइटों को तबाह करने के लिए कर सकता है, जिनका उपयोग ईरान जहाजों पर हमला करने के लिए कर रहा है.

मंत्रियों ने दोहराया कि ब्रिटेन अपने लोगों, व्यापारिक हितों और सहयोगियों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि ब्रिटेन अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में ही काम करेगा और किसी भी बड़े युद्ध में सीधे तौर पर शामिल होने से बचेगा. सरकार ने जोर देकर कहा कि इस समय सबसे ज्यादा जरूरी तनाव को कम करना और बातचीत के जरिए युद्ध का जल्द समाधान निकालना है.

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ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और जापान ने एक संयुक्त बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मिलकर प्रयास करने और ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के लिए कदम उठाने की बात कही है. इन देशों ने ईरान द्वारा किए जा रहे हमलों की निंदा की और उससे तुरंत ऐसी गतिविधियां बंद करने को कहा.

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