- ईरान की लावन द्वीप स्थित तेल रिफाइनरी में हाल ही में बड़ा धमाका हुआ है, जो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है
- अमेरिका और ईरान ने 14 दिनों का संघर्ष-विराम घोषित किया है जिसमें किसी भी देश को हमला नहीं करना है
- संघर्ष-विराम के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने का निर्णय लिया गया है जो व्यापार के लिए अहम है
अमेरिका और ईरान के बीच बीते दिनों हुए सीजफायर के बाद एक बार फिर ईरान की तेल रिफाइनरी में बड़ा धमाके होने की खबर है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये रिफाइनरी लावन द्वीप में है. आपको बता दें कि लावन द्वीप फारस की खाड़ी में है. फारस की खाड़ी में स्थित एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आईलैंड हैं. खास बात ये है कि लावन ईरान के प्रमुख कच्चा तेल निर्याता टर्मिनल में से एक है.
ईरान और अमेरिका के बीच हुए सीजफायर की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही हालात फिर से बिगड़ते नजर आए थे. ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने एक्स पोस्ट में कहा था कि अगर दक्षिणी लेबनान में गोलीबारी कुछ ही घंटों में नहीं रुकी, तो वायु सेना और मिसाइल यूनिट्स तेल अवीव पर बमबारी करना शुरू कर देगी. बता दें कि ईरान और अमेरिका के शीर्ष नेताओं ने आज भी 14 दिनों के सीजफायर का ऐलान किया है. इन 2 हफ्तों में कोई भी देश किसी पर हमला नहीं करेगा और इस दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी खोल दिया जाएगा.
14 दिनों का हुआ है सीजफायर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष-विराम समझौते के तहत ईरान के खिलाफ हमलों को दो हफ्ते के लिए सशर्त रोकने की घोषणा की. उन्होंने इस कदम को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़' को फिर से खोलने के प्रयासों से जोड़ा. ईरान ने इस प्रस्ताव को अस्थायी रूप से स्वीकार करने का संकेत दिया. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अगर ईरान पर हमले बंद हो जाते हैं, तो तेहरान भी अपनी सैन्य कार्रवाई रोक देगा. जंग में हिज्बुल्लाह में ईरान का साथ दिया है. अब ईरान का कहना है कि हिज्बुल्ला के खिलाफ भी इजरायल को हमले रोकने होंगे.
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