अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हुए समझौते में लेबनान को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. अमेरिका और इजरायल का कहना है कि ईरान के साथ हुए युद्धविराम में लेबनान शामिल नहीं है. इस वजह से इजरायल बुधवार रात से ही लेबनान पर हमले कर रहा है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक बुधवार से हुए इजराइल के हमलों में अबतक कम से कम 203 लोगों की मौत हो चुकी है और एक हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं. लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने हमलों को बर्बर बताया है. इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लेबनान में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बड़ी चेतावनी दी है. इस संगठन का कहना है कि हताहतों की संख्या अधिक होने की वजह से लेबनान के अस्पतालों में दवाओं, पट्टियों और इंजेक्शन आदि तेजी से खत्म हो रहा है. उसका कहना है कि हमले अगर जारी रहे तो यह सामग्री जल्द ही खत्म हो सकती है.
लेबनान पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने क्या कहा है
लेबनान में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉक्टर अब्दीनासिर अबुबकर ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट किए गए एक विडियो में इसकी जानकारी दी है. वहीं कुछ समाचार एजेंसियों ने उनके हवाले से खबर दी है कि लेबनान के कुछ अस्पतालों में जीवनरक्षक ट्रॉमा मेडिकल किट्स अगले कुछ दिनों में खत्म हो सकती हैं, क्योंकि पिछले एक दिन में इजराइल के हमलों से बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं. इसके बाद से जीवनरक्षक ट्रॉमा मेडिकल किट्स की आपूर्ति तेजी से कम हो रही है.
उन्होंने कहा,''कुछ ट्रॉमा प्रबंधन से जुड़ी सामग्री की कमी है. हम कुछ ही दिनों में इनके खत्म होने की स्थिति में पहुंच सकते हैं.'' उन्होंने कहा कि इन जीवनरक्षक ट्रॉमा किट्स में पट्टियां (बैंडेज), एंटीबायोटिक्स और एनेस्थेटिक्स शामिल होते हैं.इनका इस्तेमाल युद्ध से घायल मरीजों के इलाज में किया जाता है. जीवनरक्षक ट्रॉमा किट्स के अलावा उन्होंने युद्ध की वजह से लेबनान के लोगों पर पड़ रहे मनोवैज्ञानिक प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई है.
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