कैनेडी और मुनरो की मौत का था यूएफओ कनेक्शन, अमेरिकी पूर्व खुफिया अफसर का दावा

एलियंस से जुड़े राज जानने वालों का क्या अंजाम हो सकता है इसका खुलासा पूर्व अमेरिकी खुफिया अधिकारी ने अमेरिकी संसद में किया है. उन्होंने ऐसी-ऐसी जानकारी दी है जो होश उड़ाने देने वाले हैं.

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मर्लिन मुनरो और कैनेडी की मौत का मामला आज भी राज है.
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  • हॉलीवुड अभिनेत्री मर्लिन मुनरो की मौत के पीछे यूएफओ से जुड़े रहस्यों को छुपाने के लिए वजह बताई गई है
  • मैजेस्टिक 12 नामक गुप्त अमेरिकी विभाग ने UFO से जुड़े राज छिपाने और जरूरत पड़ने पर हत्या करने के आदेश दिए थे
  • जॉन एफ कैनेडी की हत्या के पीछे यूएफओ की जानकारी सोवियत संघ को बताने की उनकी योजना को रोकना माना जाता है
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उड़न तश्तरियों (UFO) या यूं कहें कि एलियंस से संबंधित सभी रिकॉर्ड जारी करने का आदेश जारी किया है. मगर क्या ये दुनिया को सच बताने के लिए है? लगता तो नहीं. अब तक जो तस्वीरें जारी की गईं हैं, उसमें बहुत खास कुछ भी नहीं है. तो क्या ये सिर्फ दुनियावालों के मन में इसे एक बकवास बात मानकर भूला देने का कोई प्रोजेक्ट है?

डेली मेल के अनुसार, जुलाई 2023 में जब पूर्व अमेरिकी वायु सेना खुफिया अधिकारी ने अमेरिकी कांग्रेस के सामने यूएफओ या एलियंस के अस्तित्व के बारे में सबूत पेश किए, तो एक सवाल ने पूरे कमरे में सन्नाटा छा दिया. इस मुखबिर और अफगानिस्तान युद्ध के अनुभवी सैनिक से पूछा गया कि क्या वह ऐसे लोगों को जानते हैं जिन्हें इस गुप्त कार्यक्रम को छिपाने के प्रयासों में मार डाला गया?

डेविड ग्रुश की तस्वीर (फोटो क्रेडिट डेली मेल)

जवाब मिला, 'हां, व्यक्तिगत रूप से.' 

डेविड ग्रुश ने बताया, 'यूएपी पर दशकों के शोध के दौरान और दुर्घटनाग्रस्त एलियन अंतरिक्ष यानों को बरामद करने और उनके अस्तित्व को छिपाने के सरकारी कार्यक्रमों के दौरान मैं ऐसे लोगों से मिला हूं जो मानते हैं कि इसके बारे में बोलने पर उनकी जान को खतरा था. मैंने अमेरिका में दो पूर्व विशेष बलों के कर्मियों से भी बात की है, जिन्होंने दावा किया कि उनके सहयोगियों को हत्या करने का आदेश दिया गया था, क्योंकि उन्हें डर था कि टारगेट यूएपी कार्यक्रम से जुड़ी अत्यंत गुप्त जानकारी का खुलासा करने वाला है.

किन लोगों को मारा गया

एक बैरिस्टर और किंग्स काउंसल के रूप में, मैंने अपना पूरा करियर अत्यंत जटिल मामलों में साक्ष्यों का मूल्यांकन करने में बिताया है. मैंने इन जांचों में भी उन्हीं कठोर मानकों का पालन किया है. इनसे मैं इस चौंकाने वाले लेकिन पक्के निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि यूएपी के रहस्यों की रक्षा के लिए, अमेरिकी सुरक्षा सेवाओं के एजेंट या ठेके पर काम करने वाले शारीरिक रूप से धमकाने और यहां तक ​​कि जान से मारने के लिए भी तैयार थे. यहां तक ​​कि हॉलीवुड की सबसे प्रसिद्ध अभिनेत्री मर्लिन मुनरो और उनके पूर्व प्रेमी जॉन एफ कैनेडी, जो एक अमेरिकी राष्ट्रपति थे, को भी.

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कैसे हुई थी मुनरो मर्लिन की मौत

मर्लिन मुनरो की मौत 4 अगस्त, 1962 को उनके लॉस एंजिल्स स्थित अपार्टमेंट में हुई. उन्हें उनकी नौकरानी ने बिस्तर पर नग्न अवस्था में टेलीफोन पकड़े हुए पाया गया. फर्श पर दवा की खाली बोतलें बिखरी पड़ी थीं. विष विज्ञान रिपोर्ट में पाया गया कि उन्हें क्लोरल हाइड्रेट और नेम्बुटल (पेंटोबार्बिटोन का ब्रांड नाम) की घातक सीमा से कई गुना अधिक मात्रा में तेज जहर दिया गया था. फिर भी, पेट या ग्रहणी में जहर की गोलियों का कोई निशान नहीं मिला: जहर केवल ब्लड और लिवर में मौजूद था.

4 अगस्त, 1962 को लॉस एंजिल्स स्थित अपने अपार्टमेंट के इसी बेड पर मर्लिन मुनरो का शव मिला था. (फोटो क्रेडिट डेली मेल)

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यह इस बात का संकेत है कि दवाएं मौखिक रूप से लेने के बजाय इंजेक्शन या एनीमा के रूप में दी गई थीं. इसके बावजूद, मेडिकल जांच में उनकी मौत को 'संभावित आत्महत्या' के रूप में क्लासिफाइड कर दिया गया.

मुनरो की दोस्त डोरोथी किलगालेन एक शोबिज पत्रकार और टीवी हस्ती थीं. उन्हें इस पर शक हुआ तो उन्होंने अपने सिंडिकेटेड गॉसिप कॉलम, द वॉइस ऑफ ब्रॉडवे में लिखा: 'असली कहानी अभी तक नहीं बताई गई है, और यह बहुत दूर की बात है.'

चार फीट से भी कम के हैं एलियंस?

किलगालेन राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की मित्र थीं और 1960 में फिल्म 'लेट्स मेक लव' की शूटिंग के दौरान उनसे मुलाकात के बाद वे मर्लिन के करीबी लोगों में शामिल हो गईं. किलगालेन को उड़न तश्तरियों में गहरी दिलचस्पी थी. उन्होंने फरवरी 1954 में इसका खुलासा किया, जब उन्होंने अपने पाठकों को बताया: 'उड़न तश्तरियों को इतना महत्वपूर्ण माना जाता है कि अगली गर्मी में दुनिया के सैन्य प्रमुखों की एक विशेष गुप्त बैठक होगी.'

अगले वर्ष मई में, उन्होंने एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जो एक 'ब्रिटिश कैबिनेट अधिकारी' द्वारा उन्हें बताई गई जानकारी पर आधारित थी. उस अधिकारी ने कहा कि ब्रिटेन के वैज्ञानिक और वायुसैनिक एक 'रहस्यमय उड़ने वाले जहाज' के मलबे की जांच कर रहे है और उन्हें पूरा विश्वास है कि किसी दूसरे ग्रह से आई उड़न तश्तरियां सचमुच मौजूद हैं. उनके सूत्र ने उन्हें बताया कि इन तश्तरियों में 'छोटे कद के लोग काम करते हैं, जिनकी लंबाई शायद चार फीट से भी कम है' और ब्रिटिश सरकार 'उड़न तश्तरी' की जांच पर 'अभी आधिकारिक रिपोर्ट' रोक रही है, संभवतः इसलिए क्योंकि वह जनता को डराना नहीं चाहती.

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उस सूत्र की पहचान कभी नहीं हो पाई और ना ही उस दुर्घटना स्थल का पता चल पाया, जिसका वह जिक्र कर रहा था.

किलगालेन की यूएफओ में खुली रुचि, मर्लिन मुनरो की मौत से इसलिए जुड़ी है क्योंकि सीआईए ने उनकी दो फोन वार्ताओं का विवरण देने वाला एक दस्तावेज इंटरसेप्ट किया गया था. यह दस्तावेज सीआईए के दो अलग-अलग सूत्रों ने लीक किया था. दस्तावेज 3 अगस्त, 1962 का है, जो मर्लिन की मौत से एक दिन पहले का है. तिथि के ठीक नीचे 'मून डस्ट' का उल्लेख है. मून डस्ट अमेरिकी वायु सेना द्वारा विदेशी अंतरिक्ष यानों या मलबे को बरामद करने के लिए शुरू की गई एक गुप्त प्रोजेक्ट था. कोई भी दुर्घटनाग्रस्त यूएफओ इसके दायरे में आता था.

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तो मुनरो की मौत वो धमकी थी

रिपोर्ट में दो वार्ताओं का उल्लेख है, जो अपने विषय के आधार पर आपस में जुड़ी हुई हैं. पहली वार्ता किलगालेन और उनके मित्र हॉवर्ड रोथबर्ग के बीच हुई थी. रोथबर्ग ने कहा कि जॉन कैनेडी और उनके भाई रॉबर्ट दोनों के बर्ताव से नाराज मुनरो के पास 'बताने के लिए कई राज थे' - जिनमें से एक था 'राष्ट्रपति का अंतरिक्ष से आई चीजों का निरीक्षण करने के उद्देश्य से एक गुप्त हवाई अड्डे का दौरा'. किलगालेन ने जवाब दिया कि वह जानती थीं कि वह क्या हो सकता है. 1950 के दशक के मध्य में, उन्हें अमेरिकी और ब्रिटिश सरकारों द्वारा दुर्घटनाग्रस्त अंतरिक्ष यानों और एलियन शवों के मूल का पता लगाने के गुप्त प्रयासों के बारे में पता चला था.

मर्लिन मुनरो की खूबसूरती का हर कोई दिवाना था.

रिपोर्ट के दूसरे भाग में मुनरो द्वारा रॉबर्ट कैनेडी को बार-बार किए गए फोन कॉल का जिक्र था, जिसमें उन्होंने कैनेडी भाइयों द्वारा उनकी अनदेखी किए जाने की शिकायत की थी. उन्होंने 'प्रेस कॉन्फ्रेंस करने और सब कुछ बताने की धमकी दी थी'. उन्होंने क्यूबा के लंबे समय तक तानाशाह रहे फिदेल कास्त्रो को मारने की राष्ट्रपति की योजना और अपनी 'गुप्त डायरी' का जिक्र किया और धमकी दी कि प्रेस इन खुलासों का क्या करेगा.

लीक हुए दोनों दस्तावेजों में एक पार्ट को संपादित किया गया था, और उस पर सीआईए के खुफिया विभाग के प्रमुख जेम्स जीसस एंगलटन के हस्ताक्षर थे. यूएफओ कांड को दबाने और जॉन एफ कैनेडी की हत्या के बीच कोई भी संबंध बेतुका लग सकता है, लेकिन मेरा मानना ​​है कि इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए, क्योंकि एक और लीक हुआ दस्तावेज है, जिसकी मैंने व्यक्तिगत रूप से जांच की है और जिसे 'जला हुआ मेमो' के नाम से जाना जाता है.

मैजेस्टिक 12 और हत्या तक करने का आदेश

यह उन दस्तावेजों के संग्रह का हिस्सा है जो मैजेस्टिक 12 नामक एक अति-गुप्त अमेरिकी सरकारी विभाग के अस्तित्व को प्रमाणित करते हैं. इस समूह की स्थापना 1947 में राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन द्वारा की गई थी, जब न्यू मैक्सिको के रोसवेल में एक गैर-मानवीय खुफिया (एनएचआई) द्वारा निर्मित एक दुर्घटनाग्रस्त यान बरामद किया गया था. मैजेस्टिक 12, या एमजे12 को किसी भी एनएचआई यान के मिलने पर उसका नियंत्रण लेने और जांच का आदेश दिया गया था. यह परमाणु बम से भी अधिक गुप्त था और यदि आवश्यक हो, तो इसे गुप्त रखने के लिए लोगों की हत्या भी की जा सकती थी.

नौ पन्नों के इस ‘जले हुए मेमो' का नाम इसलिए ऐसा रखा गया है, क्योंकि इसे एमजे12 के दस्तावेजों को नष्ट करते समय लगी आग से बचाया गया था. इस पर कोई तारीख नहीं है, लेकिन ऐसा लगता है कि इसे 1961 में सीआईए के निदेशक एलन डुलेस ने लिखा था, जो खुद को एमजे1 कहते हैं. इसमें उन्होंने एजेंसी के विदेशी रहस्यों की रक्षा के लिए राष्ट्रपति कैनेडी की हत्या की आवश्यकता पर एंगलटन (एमजे2) सहित अन्य मैजेस्टिक 12 सदस्यों के विचार आमंत्रित किए हैं.

मेमो में लिखा है: ‘जैसा कि आप जानते होंगे, लैंसर (कैनेडी का गुप्त सेवा कोडनेम) ने हमारी गतिविधियों के बारे में कुछ पूछताछ की है, जिसे हम बर्दाश्त नहीं कर सकते. कृपया अक्टूबर तक अपने विचार प्रस्तुत करें. इस मामले में आपकी कार्रवाई समूह के अस्तित्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.' मेमो में आगे रहस्यमय ढंग से कहा गया: ‘जब हमारे सामने परिस्थितियां प्रतिकूल हो जाएं और वाशिंगटन को और प्रभावित ना किया जा सके, बारिश की कोई संभावना नहीं हो... तो बारिश होनी चाहिए.' यह खुफिया भाषा प्रतीत होती है, जिसका अर्थ है कि हत्या पर विचार किया जाना चाहिए.

जॉन एफ कैनेडी की हत्या का कारण

1961 में कैनेडी ने पदभार संभाला और जल्द ही मैजेस्टिक 12 की गतिविधियों में गहरी दिलचस्पी दिखाई. उन्होंने डुलेस को शीत युद्ध की मनोवैज्ञानिक युद्ध योजनाओं से संबंधित एमजे 12 के खुफिया अभियानों का संक्षिप्त विवरण देने का आदेश दिया. क्यूबा मिसाइल संकट के बाद राष्ट्रपति को चिंता थी कि सोवियत संघ किसी यूएफओ को आने वाली परमाणु मिसाइल समझ सकता है और वे इस विषय पर दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग चाहते थे. यह दिलचस्पी नवंबर 1963 में उनकी हत्या तक बनी रही. हालांकि, इस संबंध में समझौता 1971 में ही हुआ.

1975 की शुरुआत में वाशिंगटन की एक सड़क पर हुई एक असाधारण बातचीत से कैनेडी की हत्या में राज्य की संलिप्तता की ओर इशारा करने वाले और सबूत सामने आए. डेमोक्रेट कार्यालयों में हुए वाटरगेट कांड के बाद, जिसने राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन को सत्ता से बेदखल कर दिया था, सीआईए एजेंट ई. हॉवर्ड हंट अपने मित्र और वकील डगलस कैडी के साथ रात के खाने पर गए. 

हंट एक रंगीन और आम सीआईए एजेंट से अलग थे. व्हाइट हाउस की विशेष जांच इकाई के हिस्से के रूप में, उन्होंने वाटरगेट कांड की साजिश रचने में मदद की थी और जिस रात उन्होंने कैडी के साथ भोजन किया, उस रात वे एग्लिन वायु सेना अड्डे पर स्थित संघीय जेल शिविर में अपनी सजा शुरू करने वाले थे. रात के खाने के दौरान, कैडी ने हंट से वाटरगेट कांड का कारण पूछा. हंट ने कहा, 'हमें विश्वास था कि अंदर कैनेडी की हत्या से संबंधित महत्वपूर्ण क्यूबा के दस्तावेज थे.'

जॉन एफ कैनेडी

बाद में, जब वे जा रहे थे, फुटपाथ पर कैडी ने फिर से पूछा कि उन फाइलों में क्या हो सकता था. हंट ने शांत स्वर में जोर देकर उत्तर दिया: 'कैनेडी की हत्या इसलिए की गई क्योंकि वह हमारा सबसे महत्वपूर्ण रहस्य सोवियत संघ को बताने वाले थे.'

'वह क्या था?' कैडी ने पूछा.

हंट ने उन्हें ध्यान से देखा और उत्तर दिया: 'एलियंस की उपस्थिति.'

फिर उन्होंने कैडी से हाथ मिलाया और जेल जाने की तैयारी में चले गए. यह उनकी आखिरी मुलाकात थी.

कैडी ने मुझे बताया कि वह इस जानकारी से हैरान थे. ऐसा क्या सबूत था कि कैनेडी सोवियत संघ के साथ एलियंस के बारे में चर्चा करने वाले थे? क्या हंट का इशारा यह था कि सीआईए ने उनकी हत्या की थी?

हालांकि, उस समय बहुत कम लोग जानते थे, कैनेडी की लंबे समय से अज्ञात एलियंस में रुचि थी. वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ ओवरसियर्स में थे और उन्होंने खगोल विज्ञान को अपना विशेष रुचि का विषय चुना था. वह खगोल विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. डोनाल्ड मेंजेल के मित्र बन गए थे. मेंजेल एक गुप्त जीवन जीते थे. वह एमजे12 के गुप्त सदस्य थे, उनका राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) से लंबा संबंध था, और अपनी अति-गोपनीय सुरक्षा मंजूरी के साथ उन्होंने सीआईए के लिए काम किया था. डॉ. वैनेवर बुश, जिन्होंने राष्ट्रपति ट्रूमैन को एमजे12 की स्थापना की सलाह दी थी, भी उनके करीबी सहयोगी थे.

एलियंस के बारे में और जानने की कोशिश

1960 में कैनेडी और मेंजेल के बीच हुए एक पत्राचार का पता चला है, जिसमें मेंजेल ने एनएसए के बारे में बात करते हुए लिखा था: 'एक-दूसरे को उचित सुरक्षा मंजूरी मिलने पर मैं इस संवेदनशील क्षेत्र में मदद कर सकता हूं.'

ऐसा लगता है कि कैनेडी और अधिक जानने के लिए उत्सुक थे. अपनी हत्या से दस दिन पहले, राष्ट्रपति ने सीआईए के प्रति-खुफिया निदेशक एंगलटन को एक अति-गोपनीय ज्ञापन लिखा, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाली सभी यूएफओ खुफिया फाइलों की समीक्षा करने का आह्वान किया और नासा के मिशन निदेशकों को उनकी रक्षात्मक जिम्मेदारियों में सहायता करने के लिए 'अज्ञात' जानकारियों को नासा के साथ साझा करने का अनुरोध किया.

इससे भी अधिक उत्तेजक बात यह थी कि उसी नवंबर में, उन्होंने रूस के राष्ट्रपति निकिता ख्रुश्चेव को फोन करके यूएफओ का पता लगाने में उनका सहयोग मांगा.

यह सब सीआईए के लिए अच्छी खबर नहीं थी. 1947 में अपनी स्थापना के बाद से, इसने यूएफओ के अस्तित्व से इनकार करने की एक क्रूर नीति अपनाई थी, जबकि उनकी तकनीक को अनलॉक करने के लिए गुप्त रिवर्स इंजीनियरिंग कार्यक्रम स्थापित किए थे. कैनेडी की पहल ने सब कुछ दांव पर लगा दिया था. सीआईए की गतिविधियों पर गठित कई सीनेट आयोगों ने बाद में अन्य कारणों से एजेंसी पर कैनेडी की हत्या में शामिल होने का संदेह जताया, लेकिन उनके पास सबूतों की कमी रही.

फिदेल कास्त्रो की प्रेमिका ने भी दिया बयान

लेकिन अक्टूबर 1977 में, फिदेल कास्त्रो की पूर्व प्रेमिका, मारिता लोरेंज ने अमेरिकी कांग्रेस

फिदेल कास्त्रो की पूर्व प्रेमिका मारिता लोरेंज

समिति के सामने एक असाधारण बयान दिया. उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ली हार्वे ओसवाल्ड (जिसे कैनेडी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था) से मियामी में हुई थी और कैनेडी के काफिले को मियामी से डलास ले जाने के बाद, वह ओसवाल्ड और सीआईए के ठेकेदार फ्रैंक स्टर्गिस के साथ डलास गई थीं. उन्होंने बताया कि एजेंट हंट डलास में उनके मोटल के कमरे में आया और स्टर्गिस को नकदी से भरा एक लिफाफा दिया. कुछ साल बाद डोरोथी किलगालेन की भी हत्या मुनरो की तरह ही कर दी गई.

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