ईरान से शांति वार्ता के दूसरे दौर के लिए इस्लामाबाद नहीं जाएंगे जेडी वेंस: AFP

अमेरिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान जाकर इस बातचीत का नेतृत्व नहीं करेंगे.

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  • ट्रंप ने पुष्टि कर दी है कि ईरान से बाचतीत के लिए जेडी वेंस पाकिस्तान नहीं जा रहे हैं.
  • राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुरक्षा कारणों को जेडी वेंस के दौरे में शामिल न होने का मुख्य कारण बताया है
  • ट्रंप ने जेडी वेंस की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे एक शानदार नेता हैं लेकिन सुरक्षा चिंता के कारण वे नहीं जाएंगे
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ईरान और अमेरिका के बीच अगली दौर की बातचीत को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. इस बीच ईरान‑अमेरिका के बीच प्रस्तावित नए परमाणु वार्ता दौर को लेकर अटकलों के बीच अमेरिका से बड़ी जानकारी सामने आई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान जाकर इस बातचीत का नेतृत्व नहीं करेंगे. ट्रंप ने एबीसी न्यूज से बातचीत में इसका कारण सुरक्षा चिंताओं को बताया. ट्रंप ने कहा कि सुरक्षा कारणों की वजह से जेडी वेंस इस दौरे पर नहीं जा रहे हैं.

पहले संकेत मिले, फिर बदला फैसला: ट्रंप ने बताई वजह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि “जेडी वाकई शानदार हैं.” इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज और ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने संकेत दिए थे कि जेडी वेंस इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर सकते हैं. अब ट्रंप के बयान से स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान में होने वाली ईरान‑अमेरिका वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधित्व को लेकर अंतिम फैसला सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है.

धमकियों को दोहराते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान किसी समझौते पर राजी नहीं होता है, तो वह देश के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर देंगे. अब और 'अच्छा आदमी' बनकर नहीं रहूंगा!" अगर कोई समझौता नहीं होता है, तो वॉशिंगटन "ईरान के हर एक पावर प्लांट और हर एक पुल को तबाह कर देगा.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप

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समझौता नहीं हुआ तो इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह सोमवार को ईरान के साथ बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान भेज रहे हैं. साथ ही, उन्होंने अपनी धमकियों को दोहराते हुए कहा कि अगर ईरान किसी समझौते पर राज़ी नहीं होता है, तो वह देश के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर देंगे. "अब और 'अच्छा आदमी' बनकर नहीं रहूंगा!" अमेरिकी नेता ने रविवार को अपने 'ट्रुथ सोशल' अकाउंट पर एक पोस्ट में यह ऐलान किया. उन्होंने कहा कि अगर कोई समझौता नहीं होता है, तो वॉशिंगटन "ईरान के हर एक पावर प्लांट और हर एक पुल को तबाह कर देगा."

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सीजफायर खत्म होने की उलटी गिनती

ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच दो हफ़्तों का सीज़फ़ायर (युद्धविराम) खत्म होने में अब सिर्फ़ तीन दिन बचे हैं. यह सीज़फ़ायर 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के अचानक किए गए हमलों के बाद शुरू हुए मिडिल ईस्ट के युद्ध को रोकने के लिए किया गया था. अब तक सिर्फ़ एक बार, 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में 21 घंटे की लंबी बातचीत का दौर चला, जिसका कोई नतीजा नहीं निकला. हालांकि, उसके बाद भी नई बातचीत के लिए ज़मीनी स्तर पर काम जारी रहा. ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा, "हम एक बहुत ही निष्पक्ष और सही समझौता पेश कर रहे हैं, और मुझे उम्मीद है कि वे इसे मान लेंगे."

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पाकिस्तान में सुरक्षा चाक-चौबंद

इस्लामाबाद में, होने वाली बातचीत को देखते हुए रविवार को सुरक्षा साफ़ तौर पर बढ़ा दी गई. अधिकारियों ने पूरे शहर में, साथ ही पड़ोसी शहर रावलपिंडी में भी सड़कों को बंद करने और ट्रैफ़िक पर पाबंदियां लगाने की घोषणा की. AFP के पत्रकारों ने इस्लामाबाद के सबसे सुरक्षित होटलों मैरियट और सेरेना के पास हथियारबंद गार्ड और चेकपॉइंट देखे. शहर के एक अधिकारी ने 'X' पर पोस्ट करते हुए कहा, "नागरिकों से पूरी विनम्रता के साथ अनुरोध है कि वे सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करें."

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