ईरान पर हमले के बारे में क्यों नहीं बताया? ट्रंप का पर्ल हार्बर वाला जवाब, सन्न रह गईं जापानी पीएम

ट्रंप जिस पर्ल हार्बर हमले का जिक्र कर रहे थे वह घटना  7 दिसंबर, 1941 घटी थी. पर्ल हार्बर स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर जापान ने अचानक हवाई हमला किया था, जिसमें 2,390 अमेरिकी मारे गए थे. अगले ही दिन अमेरिका ने जापान के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया था, जिससे द्वितीय विश्व युद्ध में उसकी एंट्री हुई थी.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की बैठक.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमले को गुप्त रखने का बचाव करते हुए पर्ल हार्बर हमले का उदाहरण दिया था
  • ट्रंप ने कहा कि सहयोगियों को पहले से जानकारी न देना सैन्य रणनीति का हिस्सा था ताकि हमले में सरप्राइज बना रहे
  • जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ट्रंप की पर्ल हार्बर टिप्पणी से असहज हुईं और उनके चेहरे के भाव बदल गए
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
वॉशिंगटन:

अमेरिका के व्हाइट हाउस में जापानी पीएम के सामने हालात उस समय बहुत असहज हो गए जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अमेरिकी हमलों को गुप्त रखने के फैसले का बचाव करते हुए पर्ल हार्बर हमले का हवाला दिया. ट्रंप की इस टिप्पणी से जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची एकदम से असहज हो गईं. हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से कुछ कहा नहीं. लेकिन उसके चेहरे के हावभाव से उनकी असहजता साफ नजर आ रही थी.  इससे दोनों देशों के बीच सहयोग के गर्मजोशी भरे प्रदर्शन के बीच एक अटपटा क्षण पैदा हो गया. ये सब उस समय हुआ जब ट्रंप से पूछा गया कि जापान समेत यूरोप और एशिया के सहयोगी देशों को ईरान पर हमले से पहले क्यों नहीं बताया गया.

पत्रकारों के सवाल का ट्रंप ने दिया दो टूक जवाब

दरअसल दोनों विश्व नेता पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे, तभी एक जापानी पत्रकार ने पूछा कि अमेरिका ने ईरान पर हमला करने से पहले जापान समेत यूरोप और एशिया में अपने सहयोगियों को क्यों नहीं बताया. इस पर ट्रंप ने जवाब दिया, “देखिए, एक बात यह है कि आप बहुत ज्यादा संकेत नहीं देना चाहते. जब हम गए, तो हम बहुत जोरदार तरीके से गए, और हमने किसी को इसके बारे में नहीं बताया क्योंकि हम उन्हें चौंकाना चाहते थे." 

इसके बाद ट्रंप ने जापान के 1941 के पर्ल हार्बर हमले का जिक्र किया. ट्रंप ने कहा, “सरप्राइज के बारे में जापान से बेहतर कौन जानता है, ठीक है? आपने मुझे पर्ल हार्बर के बारे में क्यों नहीं बताया.” आप सरप्राइज में हमसे कहीं ज्यादा विश्वास रखते हैं, और हमें उन्हें चौंकाना था, और हमने ऐसा किया.

पर्ल हार्बर हमले के बारे में जानें

  • बता दें कि ट्रंप जिस पर्ल हार्बर हमले का जिक्र कर रहे थे वह घटना  7 दिसंबर, 1941 घटी थी.
  • पर्ल हार्बर स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर जापान ने अचानक हवाई हमला किया था, जिसमें 2,390 अमेरिकी मारे गए थे.
  • अगले ही दिन अमेरिका ने जापान के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया था, जिससे द्वितीय विश्व युद्ध में उसकी एंट्री हुई थी.
  • अगस्त 1945 में अमेरिका द्वारा हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराने के साथ ही युद्ध खत्म हो गया था.
  • उसके बाद अमेरिका और जापान ने सितंबर 1951 में एक शांति संधि पर हस्ताक्षर किए और तब से दोनों सहयोगी हैं.
  • अमेरिका के 32वें राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने इसे एक ऐसी तारीख कहा था, जो हमेशा एक कलंक के रूप में याद की जाएगी.

हमले के बारे में सहयोगियों को क्यों नहीं बताया? ट्रंप का जवाब

उन्होंने तर्क दिया कि सहयोगियों को पहले से जानकारी न देने का फैसला सैन्य बढ़त बनाए रखने के लिए था. “इसी सरप्राइज की वजह से, पहले दो दिनों में हमने शायद 50 प्रतिशत लक्ष्य को खत्म कर दिया और जितना हमने अनुमान लगाया था उससे भी ज्यादा. तो अगर मैं पहले ही सबको बता देता, तो फिर सरप्राइज नहीं रहता, है ना?”

Advertisement

PTI फोटो.

पर्ल हार्बर के जिक्र से जापानी पीएम हुईं असहज

विदेशी मीडिया पूल रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप की इस तुलना पर ताकाइची ने तुरंत प्रतिक्रिया दी. उनके चेहरे के भाव छोड़े अलग थे और मुस्कान गायब हो गई और वह पीछे की ओर झुक गईं, अपने हाथ समेटते हुए, पर्ल हार्बर का अचानक जिक्र होने से स्पष्ट रूप से चौंक गईं. हालांकि उन्होंने इस पर कुछ कहा नहीं. ट्रंप की यह टिप्पणी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि बाकी दौरे के दौरान दोनों नेताओं की भाषा असामान्य रूप से दोस्ताना रही थी. ट्रंप ने बार-बार ताकाइची की तारीफ करते हुए उन्हें “महान महिला” बताया और कहा कि उनके बीच “बहुत अच्छे संबंध” हैं. डिनर के दौरान ट्रंप ने उन्हें “शानदार महिला” कहा और कहा, “व्हाइट हाउस में आपका हमारे साथ होना सम्मान की बात है.”

ये भी पढ़ें- गहराने वाला है युद्ध? ब्रिटेन, फ्रांस समेत 6 देश ईरान के खिलाफ करेंगे अमेरिका की मदद | LIVE अपडेट्स

Advertisement

जापान को ट्रंप का स्पष्ट संदेश

ताकाइची ने भी इस व्यक्तिगत तालमेल को आगे बढ़ाया. उन्होंने ट्रंप से कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि डोनाल्ड और मैं इस साझा लक्ष्य को हासिल करने के लिए सबसे अच्छे साथी हैं,” और बाद में कहा, “जापान वापस आ गया है.” फिर भी, पर्ल हार्बर वाली टिप्पणी ने कुछ समय के लिए इस सावधानीपूर्वक बनाए गए माहौल को तोड़ दिया.

ट्रंप का जापान के लिए व्यापक संदेश यह था कि जब अपने हित सीधे जुड़े हों, तो सहयोगी देशों को “आगे आना चाहिए”, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के संदर्भ में. उन्होंने कहा, “मैं उम्मीद करता हूं कि जापान आगे आएगा क्योंकि हमारे बीच ऐसा संबंध है. ट्रंप ने कहा कि मैंने सुना है कि जापान अपना 90 प्रतिशत से अधिक तेल इसी जलडमरूमध्य से प्राप्त करता है.

Featured Video Of The Day
What is south pars: इस तोते में बंद है ईरान की जान, इजरायल ने कर दिया हमला, अब होगा मौत का तांडव