- विदेश मंत्री जयशंकर ने UAE के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से क्षेत्रीय हालात व प्रभावों पर चर्चा की
- जयशंकर ने यूएई में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के लिए यूएई सरकार का आभार व्यक्त किया
- भारत‑यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी को भविष्य में और मजबूत किए जाने पर जोर दिया गया
मिडिल ईस्ट संकट (Midlle East Crisis) के बीच भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दौरे पर हैं. जहां अबू धाबी में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की. इस मुलाकात को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बेहद ही सार्थक और उपयोगी बताया. साथ ही विदेश मंत्री ने बताया कि बातचीत के दौरान क्षेत्रीय हालात में हो रहे बदलावों और उसके व्यापक प्रभावों पर चर्चा हुई.
विदेश मंत्री ने यूएई सरकार का जताया आभार
एस जयशंकर ने यूएई में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किए जाने के लिए यूएई सरकार के प्रति गहरा आभार जताया. उन्होंने विश्वास जताया कि भारत‑यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी आने वाले समय में और मजबूत होती जाएगी. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अपनी आधिकारिक यात्रा की शुरुआत भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत से की.
ये भी पढ़ें : मुश्किल में दिया साथ... भारत ने कैसे निभाई पड़ोसी बांग्लादेश से दोस्ती
ऊर्जा संबंधों को किया जा रहा और मजबूत
विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को कहा कि जयशंकर और केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का खाड़ी देशों का दौरा, पश्चिम एशिया में बदलते क्षेत्रीय समीकरणों के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है. पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान बोलते हुए, MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ये दौरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर किए जा रहे हैं, ताकि भारत की ऊर्जा साझेदारियों को बढ़ावा दिया जा सके और स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.
ये भी पढ़ें : बांग्लादेश में नियुक्तियों पर विवाद, रुमीन फरहाना ने बीएनपी सरकार पर साधा निशाना
मारीशस के बाद यूएई में जयशंकर
एस जयशंंकर दो-दिवसीय दौरे पर यूएई पहुंचे है. विदेश मंत्री मॉरीशस की अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे. मॉरीशस में उन्होंने नौवें हिंद महासागर सम्मेलन में भाग लिया था. जयशंकर ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा था कि मैंने संयुक्त अरब अमीरात की अपनी यात्रा की शुरुआत भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत से की. मैंने पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच उनकी भलाई और सुरक्षा के लिए भारत सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में बात की. इस कठिन समय में स्थानीय समाज के प्रति उनके योगदान की सराहना की जाती है.














