मुस्लिम देश लेबनान में इजरायली सैनिक ने तोड़ी ईसा मसीह की मूर्ति, सेना की जांच में साबित गुनाह

Israel Hezbollah War in Lebanon: इजरायल के विदेश मंत्री गिडियन सार ने इस घटना की निंदा की और इसे “शर्मनाक और अपमानजनक” बताया. उन्होंने ईसाई समुदाय के सभी लोगों से माफी भी मांगी है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
लेबनान में इजरायली सैनिक ने तोड़ी ईसा मसीह की मूर्ति (फोटो- सोशल मीडिया)
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि उसके सैनिक ने लेबनान में यीशु मसीह की मूर्ति को हथौड़े से तोड़ा है
  • यह घटना दक्षिण लेबनान के ईसाई बहुल गांव देबल में हुई है, जो इजरायल की सीमा के करीब स्थित है
  • इजरायली सेना ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि सैनिक ने सेना के मूल्यों के बिल्कुल खिलाफ काम किया है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

Israel Hezbollah War in Lebanon: इजरायल की सेना ने सोमवार, 20 अप्रैल को कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वह तस्वीर असली है, जिसमें उसका एक सैनिक दक्षिण लेबनान में यीशु मसीह की मूर्ति को मारते हुए दिख रहा है. इस तस्वीर में एक इजरायली सैनिक हथौड़े (स्लेजहैमर) से सूली पर चढ़े यीशु मसीह की मूर्ति के सिर पर वार करता हुआ दिखाई देता है. हमले के कारण यीशु उलटे गिर गए हैं. न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार यह मूर्ति दक्षिण लेबनान के ईसाई बहुल गांव देबल में है, जो इजरायल की सीमा के पास है. 

स्थानीय नगर प्रशासन ने एएफपी को बताया कि मूर्ति वहीं है, लेकिन यह साफ नहीं है कि उसे कितना नुकसान हुआ. इसके अलावा इजरायल की सेना ने अपने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट पर कहा कि वह इस घटना को “बहुत गंभीर” मानती है और सैनिक का व्यवहार सेना के मूल्यों के बिल्कुल खिलाफ है. सेना ने कहा, “आज पहले प्रकाशित हुई तस्वीर की शुरुआती जांच के बाद यह पता चला है कि इसमें दिख रहा सैनिक दक्षिण लेबनान में तैनात इजरायली सेना (IDF) का है.”

सेना ने बताया कि इस मामले की जांच नॉर्दर्न कमांड कर रहा है और इसे कमांड की प्रक्रिया के जरिए संभाला जा रहा है. सेना ने कहा कि “जो लोग इसमें शामिल हैं, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.” हालांकि इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है. सेना ने यह भी कहा कि वह स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर “मूर्ति को उसकी जगह पर वापस स्थापित करने” का काम कर रही है.

विदेश मंत्री को मांगनी पड़ी माफी

इजरायल के विदेश मंत्री गिडियन सार ने इस घटना की निंदा की और इसे “शर्मनाक और अपमानजनक” बताया. उन्होंने X पर लिखा, “मुझे भरोसा है कि जिसने यह गंदी हरकत की है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.” उन्होंने कहा, “हम इस घटना के लिए और उन सभी ईसाइयों से माफी मांगते हैं जिनकी भावनाएं आहत हुई हैं.”

Advertisement

बता दें कि मार्च की शुरुआत में लेबनान भी मिडिल ईस्ट की युद्ध में शामिल हो गया था, जब ईरान समर्थित समूह हिज़्बुल्लाह ने ईरानी सुप्रीम लीडर की मौत के बाद ईरान के समर्थन में इजरायल की तरफ रॉकेट दागे. इसके जवाब में इजरायल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर हमले किए और दक्षिण लेबनान में सेना भेजी. दोनों देशों के बीच बीते शुक्रवार से युद्धविराम लागू होने के बावजूद, इजरायली सैनिक अभी भी दक्षिण लेबनान में मौजूद हैं. इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह यहां से नहीं हटेगा, अपना कब्जा बनाए रखेगा और गाजा की तरह यहां भी पोस्ट बनाएगा. 

यह भी पढ़ें: इजरायल ने जंग में लेबनान की कितनी जमीन पर कब्जा कर लिया? खुद मैप जारी करके दिखाई सच्चाई

Advertisement
Featured Video Of The Day
IPL 2026: जो अब तक कोई टीम न कर सकी, पंजाब ने कर दिखाया
Topics mentioned in this article