गांवों पर बुलडोजर, जमीन पर कब्जा और सैन्य चौकी... लेबनान में भी गाजा वाला फॉर्मूला अपना रहा इजरायल

Israel Lebanon War: इजरायली सैनिक लेबनान की सीमा से तीसरी लाइन तक के गांवों में आगे बढ़ चुके हैं, जो लेबनान की लितानी नदी से लगभग 20 किलोमीटर दक्षिण में है.

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Israel Lebanon War: लेबनान में भी गाजा वाला फॉर्मूला अपना रहा इजरायल
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  • इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान में गांवों को बुलडोजर से तबाह कर रही है ताकि नए सैन्य ठिकाने बनाए जा सकें
  • लेबनान में इजरायली सैनिक सीमा से तीसरी लाइन तक पहुंच चुके हैं
  • नए ठिकानों का उपयोग हिज्बुल्लाह के खिलाफ हमले, रॉकेट, ड्रोन और एंटी-टैंक मिसाइल चलाने के लिए किया जाएगा
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इजरायल गाजा वाली ही कहानी लेबनान में दोहरा रहा है. दक्षिणी लेबनान हिज्बुल्लाह का मजबूत इलाका है और वहां अपना कंट्रोल करने जमाने के लिए इजरायली सेना धीरे-धीरे गाजा वाला फॉर्मूला अपना रही है. यह तब हो रहा है जब ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल युद्ध जारी रखे हुए है. जबकि दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान मिडिल ईस्ट का संघर्ष खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं. इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) के सैनिकों ने इजरायली अखबार हारेत्ज को बताया कि उनकी “अनौपचारिक” टीमें दक्षिणी लेबनान के गांवों को “गाजा पट्टी जैसे तरीकों से” नष्ट कर रही हैं.

लेबनान में गाजा वाला तरीका अपना रहा इजरायल

रिपोर्ट के अनुसार एक सेना अधिकारी ने कहा कि हम बिल्कुल वैसा ही कर रहे हैं जैसा हमने गाजा में किया था. बुलडोजर इजरायली बॉर्डर से लगे लेबनानी गांवों को “समतल कर रहे हैं” ताकि नए सैन्य ठिकाने बनाए जा सकें. एक सैनिक ने कहा कि ये नई इमारतें “स्थायी” लग रही हैं. एक और सैनिक ने कहा, “हम गाजा जैसा ही कर रहे हैं. घरों की एक लिस्ट है जिन्हें गिराना है, और हम दिन में कितनी इमारतें तोड़ी गईं, इससे सफलता मापते हैं. यह साफ नहीं है कि इतने सैनिकों की जरूरत क्यों है या इसका बड़ा लक्ष्य क्या है.”

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इजरायली सैनिक सीमा से तीसरी लाइन तक के गांवों में आगे बढ़ चुके हैं, जो लेबनान की लितानी नदी से लगभग 20 किलोमीटर दक्षिण में है. लगातार खबर आ रही है कि इजरायली सेना लेबनान के अंदर बॉर्डर के पास नए ठिकाने बना रही है, ताकि हिज्बुल्लाह को लितानी नदी के उत्तर की ओर धकेला जा सके.

पिछले महीने जब लेबनान में इज़राइली जमीनी कार्रवाई फिर शुरू हुई, तब IDF के पास पांच ठिकाने थे, जो नवंबर 2024 के युद्धविराम के बाद भी बने रहे थे. लेकिन अब नए ठिकाने बनने से इनकी संख्या जल्द दोगुनी हो सकती है. IDF के सैनिकों और अधिकारियों ने हारेत्ज को बताया कि इन ठिकानों का इस्तेमाल हिज्बुल्लाह के खिलाफ जमीनी हमले, रॉकेट, ड्रोन और एंटी-टैंक मिसाइल चलाने के लिए होगा.

लेबनान की जमीन पर स्थाई कब्जा करने की तैयारी में इजरायल?

IDF ने यह मानने से इनकार किया कि लड़ाई खत्म होने के बाद लेबनान में कोई स्थायी सुरक्षा क्षेत्र बनाने की आधिकारिक योजना है. लेकिन एक सैनिक ने कहा कि जिस तरह से ये ठिकाने बन रहे हैं, वे अस्थायी नहीं लगते. उसने कहा, “ये स्थायी ठिकाने हैं, जहां लंबे समय तक सैनिक तैनात रहेंगे.” उसने यह भी कहा कि किसी को नहीं पता यह कहां जा रहा है. उत्तर के इलाकों को हमलों से बचाना जरूरी है, इसलिए हमने यह मिशन शुरू किया. लेकिन बड़े सवालों का कोई जवाब नहीं है.

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गाजा वाले फॉर्मूले का यहां कामयाब होना मुश्किल, क्यों?

लेबनान में लड़ रहे एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि IDF वही रणनीति इस्तेमाल कर रही है जो उसने गाजा में की थी, लेकिन दोनों जगहों की जमीन और हालात काफी अलग हैं. उन्होंने कहा कि जो तरीका गाजा में काम कर गया, वह लेबनान में काम नहीं कर सकता. एक अधिकारी ने कहा, “ऐसा लग रहा है जैसे सिस्टम इसे वही (गाजा वाला) युद्ध क्षेत्र मानकर काम कर रहा है.”

उन्होंने समझाया कि गाजा एक समतल इलाका है, जहां नियंत्रण पाना आसान है. लेकिन लेबनान में पहाड़, घने गांव और जटिल जमीन है, जिससे नियंत्रण मुश्किल हो जाता है और हिज्बुल्लाह को फायदा मिलता है. एक अन्य अधिकारी ने कहा, “लेबनान की जमीन हिज्बुल्लाह के लिए फायदेमंद है. इससे वे पास और दूर दोनों जगह से हमारी सेना पर हमला कर सकते हैं.”

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हालांकि, सेना के सूत्रों ने कहा कि लेबनान में इस अभियान के लक्ष्य को रिजर्व सैनिकों का काफी समर्थन मिल रहा है और यह अभियान आगे चलकर दक्षिणी लेबनान में एक तरह का “सुरक्षा क्षेत्र” बना सकता है.

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