Israel Lebanon Ceasefire Talks: अमेरिका और ईरान के बीच तो दो हफ्तों का अस्थाई सीजफायर हो चुका है लेकिन अब नजर इजरायल और लेबनान पर है. लेबनान में इजरायल हिज्बुल्लाह का निशाना बना रहा है. लेकिन इन हमलों की वजह से लेबनान में 2000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. अब उम्मीद मंगलवार, 14 अप्रैल को अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में होने जा रही वार्ता से है. लेबनान और इजरायल के बीच यह बातचीत अमेरिका की मदद से हो रही है, ताकि लेबनान में युद्ध खत्म किया जा सके. लेकिन समझौते की उम्मीद बहुत कम लग रही है.
ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के नेता नईम कासिम ने कहा है कि यह बातचीत शुरू होने से पहले ही रद्द कर देनी चाहिए. उन्होंने इसे “बेकार” बताया. दरअसल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ जंग शुरू किया था. हमले के पहले ही दिन ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. इसके बाद 2 मार्च को हिज्बुल्लाह ने बदला लेने के लिए इजरायल पर हमला कर दिया. हिज्बुल्लाह का पूरा ऑपरेशन लेबनान में बसा है और उसके हमले के साथ ही लेबनान इस बड़े क्षेत्रीय युद्ध में शामिल हो गया.
अमेरिकी विदेश मंत्री की देखरेख में होगी बैठक
यह बैठक अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की देखरेख में होगी. इसमें वॉशिंगटन में इजरायल और लेबनान के राजदूत और बेरूत में अमेरिका के राजदूत शामिल होंगे. अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि यह इजरायल और लेबनान के बीच 1993 के बाद पहली बार इतनी बड़ी और सीधे स्तर की बातचीत है, जिसे अमेरिका ने करवाया है.
उन्होंने कहा कि इस बातचीत में इजराइल की उत्तरी सीमा की सुरक्षा और लेबनान की अपनी जमीन पर पूरा नियंत्रण वापस पाने की बात होगी. लेकिन दोनों देशों की सोच बिल्कुल अलग है. इजराइल सरकार की प्रवक्ता शोष बेड्रोसियन ने कहा कि यह बातचीत हिज्बुल्लाह को हथियार छोड़ने, उसे लेबनान से हटाने और दोनों देशों के बीच शांति बनाने के लिए है. उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल हिज्बुल्लाह के साथ युद्धविराम की बात नहीं करेगा, क्योंकि हिज्बुल्लाह अभी भी इजरायल और आम लोगों पर हमले कर रहा है.
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