- इजरायली वायुसेना ने ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर ले जा रहे ट्रक को सटीक हवाई हमले में नष्ट किया है
- अमेरिकी और इजरायली हमलों का मकसद ईरान की लंबी दूरी की मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना है
- इजरायल ने पिछले साल जून से अब तक ईरान के लगभग दो सौ बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर नष्ट किए हैं
वेस्ट एशिया में जारी युद्ध के बीच इजरायल ने एक नया वीडियो जारी किया है, जिसमें उसकी वायुसेना द्वारा ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर ले जा रहे ट्रक को नष्ट करते हुए दिखाया गया है. यह घटना उस समय सामने आई है जब अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के सैन्य ठिकानों और मिसाइल क्षमता को कमजोर करने के लिए लगातार हमले कर रहे हैं. इजरायली सेना के अनुसार, उनके ड्रोन और खुफिया निगरानी तंत्र ने एक ऐसे ट्रक की पहचान की जो बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर लेकर जा रहा था और संभवतः इज़राइल की ओर मिसाइल दागने की तैयारी कर रहा था.
इसके बाद इजरायली वायुसेना ने सटीक हवाई हमला किया. जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ ही सेकंड में मिसाइल वाहन पर हमला होता है और जोरदार विस्फोट के साथ पूरा लॉन्चर नष्ट हो जाता है. इजरायल का कहना है कि इस तरह के हमलों का उद्देश्य ईरान की लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता को कम करना है, क्योंकि इन्हीं हथियारों का उपयोग करके ईरान इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है.
ईरान के लगभग 200 बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर नष्ट किए- ईरान
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इजरायल की सेना ने रविवार को कहा कि पिछले साल जून से अब तक किए गए हवाई हमलों में उन्होंने ईरान के लगभग 200 बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर नष्ट कर दिए हैं और कई अन्य लॉन्चरों को काम करने लायक नहीं छोड़ा. यह लगभग ईरान के मौजूदा लॉन्चरों का आधा हिस्सा है. सेना ने बताया कि हालिया हमलों और पिछले साल गर्मियों में किए गए हमले, जिसे “राइजिंग लायन” अभियान कहा गया था, में ईरान के मुख्य विस्फोटक बनाने वाले कारखाने को भी निशाना बनाया गया. यह कारखाना मिसाइलों के वारहेड और अन्य हथियारों जैसे रॉकेट, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों के लिए सामग्री तैयार करता है.
पिछले साल इजरायल द्वारा 12 दिन तक किए गए हवाई हमलों से पहले, इजरायली खुफिया एजेंसियों को पता चला था कि ईरान अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन तेजी से बढ़ाने और अपनी भूमिगत सैन्य संरचना को मजबूत करने की कोशिश कर रहा था. उस समय इज़राइल का अनुमान था कि ईरान के पास लगभग 3000 मिसाइलें हैं. लेकिन खुफिया रिपोर्टों के अनुसार ईरान 2027 तक 8000 मिसाइलें बनाने की योजना बना रहा था. रिपोर्ट में कहा गया था कि इससे इज़राइल और पूरे मध्य पूर्व के लिए सीधा और गंभीर खतरा पैदा हो सकता है.
पिछले साल के 12 दिन के संघर्ष से नुकसान होने के बावजूद, इज़राइली अधिकारियों के अनुसार ईरान अपनी मिसाइल बनाने की क्षमता फिर से खड़ी करने की कोशिश कर रहा है. हाल के समय में ईरान हर महीने कई दर्जन मिसाइलें बना रहा है और यह गति बढ़ती हुई दिखाई दे रही है. रिपोर्टों के अनुसार ईरान विदेशों से भी कुछ जरूरी हिस्से मंगाने की कोशिश कर रहा है ताकि वह अपनी जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों का भंडार फिर से तैयार कर सके. इन्हीं मिसाइलों और उनके लॉन्चरों को शनिवार और रविवार को अमेरिका और इज़राइल के हवाई हमलों का मुख्य निशाना बनाया गया.














