- इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों को रोककर जब्त किया और उनकी वीडियो जारी की.
- ईरानी नौसेना ने एपामिनोंडास जहाज पर गोलीबारी की क्योंकि उसने चेतावनियों को नजरअंदाज किया था.
- एमएससी फ्रांसेस्का जहाज को नकाबपोश सैनिकों ने रस्सी से चढ़कर जब्त किया और उस पर नियंत्रण किया.
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी नौसेना द्वारा दो जहाजों एपामिनोंडास और एमएससी फ्रांसेस्का - को रोकने और जब्त करने के दृश्य जारी किए है. वीडियो में ईरानी झंडे वाली स्पीडबोटें जहाजों की ओर आती हुई दिखाई दे रही हैं, जिसके बाद चेहरे पर मास्क पहने सैनिक जहाजों पर चढ़ते हैं और राइफलें तान लेते हैं.
ईरान के नूर न्यूज ने बताया कि गार्ड्स ने एपामिनोंडास पर तभी गोलीबारी की जब उसने "ईरानी सशस्त्र बलों की चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया". यूफोरिया नामक एक दूसरे जहाज पर भी गोलीबारी की गई, जिसके बाद वह रुक गया, और एमएससी फ्रांसेस्का नामक एक तीसरे जहाज को भी निशाना बनाया गया.
सरकारी टेलीविजन पर फुटेज प्रसारित किया गया है, जिसमें दिख रहा है कि नकाबपोश सैनिक एक ग्रे रंग की स्पीडबोट में एमएससी फ्रांसेस्का के बगल में पहुंचते हैं. पतवार में बने एक गोले के दरवाजे तक रस्सी की सीढ़ी से चढ़ते हैं और राइफलें लहराते हुए अंदर कूद जाते हैं. फुटेज में एक अन्य जहाज, एपामिनोंडास के दृश्य भी शामिल थे. ईरान ने बुधवार को दोनों जहाजों को पकड़ने का दावा किया और उन पर बिना परमिट के जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था,
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर की नौसेना ने आज सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य में उल्लंघन करने वाले दो जहाजों की पहचान कर उन्हें रोका. गार्ड्स ने एक बयान में कहा कि एमएससी फ्रांसेस्का "जायोनी शासन" से संबंधित था और एपामिनोंडास "नेविगेशन सिस्टम में छेड़छाड़ कर रहा था और समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाल रहा था. आईआरजीसी नौसेना ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवस्था और सुरक्षा को बाधित करना ईरान के लिए एक लक्ष्मण रेखा माना जाता है.
ईरान के सुरक्षा बलों ने बुधवार को होर्मुज से गुजर रहे जिन तीन जहाजों पर हमला किया था, उनमें से एक जहाज भारत की तरफ आ रहा था. हमले के बाद ईरानी सेना ने दो जहाजों को कब्जे में ले लिया. इनमें भारत आ रहा जहाज भी शामिल बताया जा रहा है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और उसके आसपास का इलाका अब भी तनाव में है. यह एक बहुत अहम समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया के करीब वन फिफ्थ तेल व्यापार होता है. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बाद से यहां स्थिति और संवेदनशील हो गई है.













