ईरान सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए रविवार यानी 5 जुलाई 2026 को तेहरान की सड़कों पर लाखों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. पूरा देश गम में डूबा था, लेकिन इस ऐतिहासिक और भावुक मौके पर सबकी नजरें एक ऐसे शख्स को ढूंढ रही थीं जो वहां मौजूद नहीं था. वह ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई थे.
तेहरान में हुई जनाजे की नमाज में अली खामेनेई के तीन बेटे तो शामिल हुए, लेकिन उनके उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई का सार्वजनिक रूप से सामने न आना कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है. उनकी सुरक्षा और सेहत को लेकर कयासों का बाजार बेहद गर्म है.
इस दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर-इन-चीफ अहमद वाहिदी भी नमाज में शामिल हुए. वीडियो में खामेनेई के बेटे मसूद काफी भावुक दिखे, वे फिलिस्तीनी एकजुटता और क्रांतिकारी आदर्शों के प्रतीक 'केफिएह' (चेकदार स्कार्फ) से अपने आंसू पोंछते नजर आए.
अली खामेनेई का ताबूत ईरानी झंडे में लिपटा हुआ था और उसके ऊपर उनकी पहचान रही काली पगड़ी रखी गई थी. उनके ताबूत के बगल में परिवार के चार अन्य सदस्यों के भी ताबूत रखे थे, जो फरवरी में हुए हवाई हमलों में मारे गए थे. इनमें खामेनेई की एक मासूम पोती भी शामिल थी. अधिकारियों का अनुमान है कि देश भर में चल रहे इस शोक कार्यक्रमों में 1 करोड़ से ज्यादा लोग हिस्सा लेंगे.
क्यों सामने नहीं मोजतबा खामेनेई?
मार्च के महीने में अपने पिता की जगह ईरान के सर्वोच्च नेता का पद संभालने के बाद से मोजतबा खामेनेई का इस तरह गायब रहना हैरान करने वाला है. जब से उन्हें इस पद पर नियुक्त किया गया है, न तो उन्हें सार्वजनिक रूप से देखा गया है और न ही उनकी आवाज सुनी गई है.
ईरानी अधिकारियों ने भी इस बात पर चुप्पी साध रखी है कि वे अंतिम संस्कार के किसी हिस्से में शामिल होंगे या नहीं. जनाजा योजना समिति के प्रमुख अली अकबर पोरजमशीदियां ने पिछले हफ्ते एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, "सुप्रीम लीडर के शामिल होने का मामला मेरे अधिकार क्षेत्र और जानकारी में नहीं है." उन्होंने कहा कि इससे जुड़ी कोई भी जानकारी सीधे उनके कार्यालय से आएगी.
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