- ईरान ने अपनी अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी का वीडियो जारी कर अपनी सैन्य क्षमता का छोटा हिस्सा दिखाया है
- वीडियो में दिखाए गए ठिकाने इतने गहरे हैं कि बंकर बस्टर बमों का भी उनपर कोई असर नहीं होगा
- ईरान का दावा है कि उसके पास कई ऐसे ठिकाने हैं जो लंबी लड़ाई के लिए पर्याप्त मिसाइल भंडार रखते हैं
Iran Israel War: ईरान ने अपनी अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी का वीडियो जारी कर बता दिया है कि अभी वह झुकेगा नहीं, उसके पास हथियार अभी खत्म नहीं हुए हैं. उसके पास अभी इतनी मिसाइल हैं कि वह अभी काफी दिनों तक जंग लड़ने में सक्षम है. इस वीडियो में ईरान ने अपनी अंडग्राउंड मिसाइल सिटी की झलक दुनिया को दिखाई है. ईरान ने अपने सरकारी मीडिया के जरिए बेहद गहराई में बनी सुरंगों का वीडियो जारी किया है, जहां लंबी दूरी की मिसाइलों का विशाल भंडार दिख रहा है. ईरान का कहना है कि यह 'टिप ऑफ द आइसबर्ग' यानि उसकी सैन्य क्षमता का बहुत छोटा-सा हिस्सा है.
पाताललोक में ईरान की 'मिसाइल सिटी'
ईरान की पाताललोक में स्थित 'मिसाइल सिटी' को देख अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के माथे पर पसीना जरूर आ गया होगा. क्योंकि अमेरिका और इजरायल ये सोचकर जंग में उतरे थे कि 7 दिनों में ईरान घुटनों पर आ जाएगा. इसके बाद ईरान पर पूरी तरह से अमेरिका का कंट्रोल हो जाएगा. हालांकि, जंग के 25वें दिन भी ईरानी सेना पूरी मजबूती के साथ टिकी हुई है. सऊदी अरब से लेकर इजरायल तक में मिसाइल और ड्रोन अटैक कर रही है. ईरान द्वारा जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि कंक्रीट की बनी सुरंगों में एक के बाद एक सैकड़ों बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें रखी हुई हैं.
मिसाइल सिटी पर बंकर बस्टर बम भी बेअसर!
ईरान ने अमेरिका-इजरायल से जारी जंग के बीच जिस मिसाइल सिटी का वीडियो जारी किया है, वो कहां पर है, ये तो नहीं पता. लेकिन ऐसा बताया जा रहा है कि ये ठिकाने जमीन के इतने नीचे बनाए गए हैं कि इन पर लेटेस्ट बंकर-बस्टर बमों का भी असर नहीं होगा. ईरान का दावा है कि उसकी सेना के पास ऐसे और कई ठिकाने हैं. ये वीडियो जारी कर ईरान ने बताया दिया है कि ये जंग अभी लंबी चलने वाली है. वहीं, रूस भी ईरान के समर्थन में खड़ा नजर आ रहा है. ऐसे में ट्रंप और नेतन्याहू की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं.
क्या यह साइकोलॉजिकल वॉर की शुरुआत!
यह पहला मौका नहीं है, जब ईरान ने अपने 'अंडरग्राउंड' हथियारों के ठिकानों का वीडियो जारी किया है. कुछ दिनों पहले भी ईरान ने एक ऐसा ही वीडियो जारी किया था, जिसमें मिसाइल से लेकर नौका ड्रोन (USV) तक का जखीरा एक अंडरग्राउंड ठिकाने पर रखे हुए थे. ये वीडियो क्या जंग के बाद शूट किये गए या पहले, ये भी साफ नहीं है. ऐसे में क्यों ईरान अपने सैन्य ठिकानों के वीडियो जारी कर रहा है? क्या यह साइकोलॉजिकल वॉर की शुरुआत है? क्या ईरान इन वीडियो के जरिए दुनियाभर को यह मैसेज देना चाहता है कि अगर उस पर फिर से हमला हुआ, तो जवाबी कार्रवाई इतनी घातक होगी कि अमेरिका और इजरायल के करीबियों को संभालना मुश्किल हो जाएगा.
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क्या सच में हो रही ईरान और अमेरिका की बातचीत?
इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ चल रही बातचीत मध्य पूर्व में लंबे समय के लिए स्थिरता ला सकती है. यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और लाखों प्रवासियों का घर भी है. फ्लोरिडा में ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बहुत मजबूत बातचीत हुई है और वे एक संभावित समझौते के करीब हैं. उन्होंने कहा कि चर्चा में लगभग सभी सहमति बिंदुओं को शामिल किया गया है. यह जल्द ही एक समझौते की दिशा में बढ़ सकती है. ट्रंप ने कहा कि दोनों पक्ष पांच दिन की अवधि के भीतर प्रगति का आकलन कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत विफल रही तो सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती है. अगर सब ठीक रहा तो हम इसे सुलझा लेंगे, नहीं तो हम बमबारी जारी रखेंगे. हालांकि, ईरान की ओर से ट्रंप के साथ बातचीत होने को लेकर कोई आधिकारिक बयान तो नहीं आया, लेकिन ईरानी मीडिया का कहना है कि ऐसी कोई बातचीत ईरान और अमेरिका के साथ नहीं हो रही है. ये बयान सिर्फ बढ़ती तेल की कीमतों को रोकने के लिए दिया गया है.
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