होर्मुज में नहीं रोके जाएंगे भारत आने-जाने वाले जहाज, ईरान ने किया बड़ा ऐलान

US Israel War against Iran: होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है.

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US Iran War and Strait of Hormuz: ईरान का ऐलान- होर्मुज में भारत के जहाज नहीं रुकेंगे
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  • ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान जैसे दोस्त देशों को दी है
  • होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% गुजरता है
  • भारत सरकार ने मिडिल ईस्ट संकट पर सर्वदलीय बैठक में कहा कि भारत के चार पेट्रोलियम जहाज होर्मुज पार कर चुके हैं
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US Israel War against Iran: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार, 26 मार्च को कहा कि भारत उन 5 दोस्त देशों में शामिल है जहां के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है. मुंबई में ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने एक पोस्ट में कहा कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बयान है कि हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान जैसे दोस्त देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है. यह बयान संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की उस अपील के बाद आया है, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की मांग की थी.

बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है. फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला यह 33-39 किमी चौड़ा मार्ग प्रमुख खाड़ी देशों से तेल निर्यात के लिए इकलौता रास्ता है. जंग शुरू होने के बाद ईरान ने इसे एक तरह से बंद कर दिया है और केवल कुछ ही जहाजों को गुजरने की अनुमति दी है.

इससे पहले 25 मार्च को न्यूयॉर्क में ईरान के मिशन ने कहा था कि वे उन जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति देंगे जो “गैर-शत्रुतापूर्ण जहाज” हैं. यानी दुश्मन देश के नहीं हैं. मिशन ने X पर एक पोस्ट में घोषणा की, “गैर-शत्रुतापूर्ण जहाज, जिनमें अन्य देशों के जहाज भी शामिल हैं या उनसे जुड़े जहाज भी शामिल हैं, उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी जा सकती है- बशर्ते कि वे ईरान के खिलाफ किसी भी आक्रामक कार्रवाई में हिस्सा न लें या उसका समर्थन न करें और घोषित सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें. ऐसा सक्षम ईरानी अधिकारियों के साथ कॉर्डिनेशन में किया जाएगा.”

होर्मुज पर भारत सरकार का जवाब

भारत सरकार ने बुधवार को मिडिल ईस्ट संकट पर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी और यहां बताया गया कि यह एक कूटनीतिक सफलता है कि पेट्रोलियम उत्पाद लेकर भारत आने वाले चार जहाज पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं, जबकि पांच और के जल्द ही पार करने की उम्मीद है. भारत आने वाले 18 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास फंसे हुए हैं. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों का कहना है कि सरकार ने पश्चिम एशिया संघर्ष में कथित मध्यस्थता के संदर्भ में पाकिस्तान को ‘‘दलाल'' राष्ट्र करार दिया.

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संयुक्त राष्ट्र की अपील

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य का लंबे समय तक बंद रहना वैश्विक बुआई के महत्वपूर्ण मौसम में तेल, गैस और उर्वरक की आवाजाही को रोक रहा है. पूरे क्षेत्र और इसके बाहर आम नागरिक गंभीर नुकसान झेल रहे हैं और गहरी असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र युद्ध के परिणामों को कम करने के लिए काम कर रहा है और इन परिणामों को कम करने का सबसे अच्छा तरीका साफ है: युद्ध को तुरंत खत्म किया जाए.”

गुटेरेस ने अमेरिका और इज़राइल से पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध को खत्म करने की अपील की. उन्होंने कहा, “अमेरिका और इजरायल के लिए मेरा संदेश है कि अब युद्ध खत्म करने का समय आ गया है, क्योंकि मानवीय पीड़ा बढ़ती जा रही है, नागरिकों की मौतें बढ़ रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर लगातार विनाशकारी होता जा रहा है. ईरान के लिए मेरा संदेश है कि वे उन पड़ोसी देशों पर हमला करना बंद करें जो इस संघर्ष का हिस्सा नहीं हैं.”

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