फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी पर भड़का ईरान, वापस बुलाए राजदूत, जानें किस बात से है खफा

फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी (E3) ने स्नैपबैक व्यवस्था फिर से लागू करने का फैसला किया है, इसी से ईरान भड़क उठा है. इसका उद्देश्य ईरान पर फिर से परमाणु प्रतिबंध लगाना है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

ईरान ने फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया है. फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी को E3 भी कहा जाता है. ईरान ने इन तीनों देशों पर उकसावे वाली कार्रवाई का आरोप लगाते हुए यह कदम उठाया है. ईरानी विदेश मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी बयान में कहा गया कि ई3 देशों के उकसावे वाले फैसलों के बाद तीनों देशों के राजदूतों को बातचीत के लिए तेहरान बुलाया गया है.

क्या है स्नैपबैक प्रतिबंध?

दरअसल, ई3 देशों ने स्नैपबैक व्यवस्था को फिर से लागू करने का निर्णय लिया है. इसी से ईरान भड़क उठा है. इस व्यवस्था में कहा गया है कि ईरान अगर 2015 के परमाणु समझौते को तोड़ता है तो 30 दिनों के भीतर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को फिर से लागू किया जा सकता है. पिछले महीने ई3 ने औपचारिक रूप से यह व्यवस्था लागू की थी. 

परमाणु पाबंदियां फिर से लागू!

समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 19 सितंबर को संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) के तहत ईरान के लिए प्रतिबंधों में राहत बढ़ाने वाले प्रस्ताव को पारित करने में विफल रही. इसे ईरान परमाणु समझौता भी कहा जाता है. इसके तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित किया गया था ताकि वह परमाणु हथियार न बना सके. बदले में ईरान पर से आर्थिक प्रतिबंध हटाए गए थे. 

हालांकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शुक्रवार को वह प्रस्ताव पारित नहीं हो सका, जिसमें जेसीपीओए और समझौते का समर्थन करने वाले प्रस्ताव दोनों को छह महीने का विस्तार देने की मांग की गई थी. इसका मतलब है कि समझौते के तहत हटाए गए प्रतिबंध शनिवार रात से फिर से लागू हो जाएंगे.

2015 में 5 देशों ने लगाए थे प्रतिबंध

जुलाई 2015 में ईरान और छह विश्व शक्तियों- ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी, रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका ने जेसीपीओए पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन 2018 में वाशिंगटन ने जब इससे हाथ खींच लिया तो तेहरान ने अपनी प्रतिबद्धताओं को धीरे-धीरे कम करना शुरू कर दिया.

अल्जीरिया, चीन, पाकिस्तान और रूस ने शुक्रवार के चीन-रूस द्वारा पेश मसौदा प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया. गुयाना और कोरिया गणराज्य ने मतदान में भाग नहीं लिया. सुरक्षा परिषद के शेष नौ सदस्यों ने इसके खिलाफ मतदान किया. प्रस्ताव पारित होने के लिए नौ पॉजिटिव वोटों की जरूरत थी.

Advertisement

स्नैपबैक सिस्टम फिर से एक्टिव

ईरान परमाणु समझौते के तीन यूरोपीय देशों (ई3) ने दावा किया कि उन्होंने 28 अगस्त को सुरक्षा परिषद को तेहरान के स्नैपबैक तंत्र को सक्रिय कर दिया है. प्रस्ताव संख्या 2231 के तहत, अगर सुरक्षा परिषद ने कोई अलग नहीं लिया तो प्रस्ताव पारित होने से पहले लागू संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध अधिसूचना के 30 दिन बाद फिर से लागू हो जाएगी.

Featured Video Of The Day
UP Elections: Akhilesh भेड़िये से घबरा रहे हैं या भेड़िये से डरा रहे हैं? | CM Yogi |Sawaal India Ka
Topics mentioned in this article