प्रदर्शनकारी खुदा के दुश्मन, ईरान सरकार ने दी सबसे बड़ी धमकी

ईरान के क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने अपने नए संदेश में तख्तापलट की बात की है. उन्होंने कहा कि हमारा मकसद अब सिर्फ सड़कों पर उतरना नहीं है, शहर के सेंटर्स पर कब्जा करने और उन्हें कब्जे में रखने की तैयारी करना है.

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  • ईरान में दो हफ्ते से जारी प्रदर्शनों के बीच सरकार ने सेना को तैयार रहने और सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है
  • अटॉर्नी जनरल ने प्रदर्शनकारियों और उनका साथ देने वालों को खुदा का दुश्मन बताते हुए सजा-ए-मौत की चेतावनी दी है
  • उधर निर्वासित प्रिंस रेजा पहलवी ने सिटी सेंटरों पर कब्जा करने के लिए लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की है
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ईरान में दो हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात गंभीर होते जा रहे हैं. निर्वासित प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से फिर से सड़कों पर उतरने और तख्तापलट की बात की है. अपनी ईरान वापसी के संकेत भी दिए हैं. वहीं अयातुल्ला अली खामेनेई सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सेना को तैयार रहने का आदेश दिया है. इसके अलावा प्रदर्शन करने वालों या उनका साथ देने वालों को खुदा के दुश्मन करार देकर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है.  

प्रदर्शनकारियों को मिलेगी सजा-ए-मौत

ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवेहेदी आजाद ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले लोगों को मोहारेब यानी खुदा का दुश्मन (Enemy of God) माना जाएगा. ईरानी कानून में यह ऐसा अपराध है, जिसकी सजा सिर्फ मौत है. सरकारी टीवी पर जारी बयान में कहा गया कि न सिर्फ प्रदर्शन करने वाले बल्कि दंगाइयों की मदद करने वालों पर भी यही आरोप लगाया जाएगा.

क्या है मोहारेब कानून, कितनी सजा?

ईरानी कानून की धारा 186 के मुताबिक, अगर कोई समूह इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ सशस्त्र विरोध में शामिल होता है तो उसके सभी सदस्यों और मददगारों को खुदा का दुश्मन माना जा सकता है. इसमें डराने वाली बात यह है कि भले ही किसी व्यक्ति ने निजी तौर पर हथियार न उठाए हों, लेकिन विरोध का समर्थन करने पर भी उसे अपराधी माना जा सकता है. धारा 190 के तहत इन अपराधियों के लिए जो सजाएं तय की गई हैं, उनमें फांसी पर लटकाना, दाहिना हाथ और बायां पैर काटना या फिर स्थायी रूप से निर्वासित करना शामिल है.

अधिकारियों को बिना रहम के कार्रवाई के आदेश

अटॉर्नी जनरल ने अभियोजकों को निर्देश दिया है कि वो बिना किसी देरी के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार करें. बयान में कहा गया है कि देश के साथ विश्वासघात करने वालों और देश में असुरक्षा पैदा करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाए. कोर्ट को आदेश दिए गए हैं कि इन मुकदमों की सुनवाई के दौरान किसी भी तरह की नरमी या ढील न बरती जाए.

शहरों पर कब्जा करने की पहलवी की अपील

इस बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से अपील की है कि वो सड़कों पर उतरें और सिटी सेंटरों को कब्जे में ले लें. उन्होंने कहा कि अगर खूनी सत्ता के शीर्ष पर बैठे खामेनेई को हटाना है तो ज्यादा संगठित होकर प्रदर्शन करना होगा. पहलवी ने सरकारी कर्मचारियों से सत्ता के खिलाफ उठ खड़े होने का आह्वान किया है. 

प्रिंस ने जल्द ईरान वापसी के संकेत दिए

रेजा पहलवी ने अपने संदेश में तख्तापलट की बात की है. उन्होंने कहा कि हमारा मकसद अब सिर्फ सड़कों पर उतरना नहीं है. मकसद शहर के सेंटर्स पर कब्जा करने और उन्हें अपने कब्जे में रखने की तैयारी करना है. उन्होंने आगे कहा कि वह अपने वतन लौटने की तैयारी भी कर रहे हैं. यह वापसी ऐसे दिन होगी, जिसके बारे में उन्हें लगता है कि वह ज्यादा दूर नहीं है. 

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सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने की अपील

पहलवी ने नया संदेश जारी करके इस्लामिक रिपब्लिक शासन के खिलाफ दो और रातों के प्रदर्शनों और सरकारी कर्मचारियों से देश भर में हड़ताल में शामिल होने की अपील की है.  इसके बाद खामेनेई सरकार ने भी कड़ा रुख अपना लिया है और सेना को तैयार रहने का आदेश दिया है. 

ईरान में हालात तेजी से बदतर होते जा रहे हैं. मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि अब तक प्रदर्शनों में कम से कम 65 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. राजधानी तेहरान में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप हैं और फोन लाइनें काट दी गई हैं ताकि प्रदर्शनकारी एक-दूसरे से संपर्क न कर सकें. 

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