नाकेबंदी और डर के साए में बात नहीं हो सकती.... ईरान की US को दो टूक, ट्रंप ने अपने राजदूतों का दौरा भी रद्द कर दिया

US-Iran Peace Deal: ईरान-अमेरिका के बीच भले जंग रुक गई हो,लेकिन शांति की मेज पर मतभेद अब भी जारी हैं. दोनों देशों के बीच शांति वार्ता के दूसरे दौर की बातचीत बेनतीजा रही. ट्रंप ने भी अपने दो दूतों जारेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ की यात्रा रद्द कर दी थी.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
iran us peace talks islamabad
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका से कहा कि दबाव और धमकियों के बिना बातचीत संभव नहीं है
  • अमेरिका ने ईरान के साथ शांति वार्ता के दूसरे दौर के बाद राजदूतों के दौरे को रद्द कर दिया है
  • पेजेशकियन ने अमेरिका से समुद्री घेराबंदी और आर्थिक प्रतिबंध हटाने की अपील की है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

ईरान-अमेरिका के बीच भले जंग रुक गई हो,लेकिन शांति की मेज पर मतभेद अब भी जारी हैं. दोनों देशों के बीच शांति वार्ता के दूसरे दौर की बातचीत बेनतीजा रही. ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन ने पाकिस्तान के बहाने अमेरिका से साफ कह दिया है कि नाकेबंदी और डर के साए में बातचीच नहीं हो सकती. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत के लिए साफ ना कह दिया है. प्रेस टीवी के अनुसार, शनिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ फोन पर हुई एक महत्वपूर्ण बातचीत में, पेजेशकियन ने जोर देकर कहा कि ईरान को दबाव या धमकियों के जरिए किसी समझौते के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता. अमेरिका ने भी बातचीत का कोई मतलब न निकलता देख अपने राजदूतों का दौरा भी रद्द कर दिया है. 


ईरानी राष्ट्रपति ने क्या कहा?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस बात पर जोर दिया कि शांति की राह में असली बाधा बातचीत की कमी नहीं, बल्कि अमेरिका की ओर से  की जा रही शत्रुतापूर्ण कार्रवाई है. बातचीत के दौरान, उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान दबाव, धमकी या घेराबंदी के साये में बातचीत नहीं करेगा.जब तक अमेरिका की शत्रुतापूर्ण हरकतें और दबाव बंद नहीं होते, तब तक विश्वास बहाल करना और बातचीत की दिशा में आगे बढ़ना मुश्किल होगा."

ईरान की अमेरिका को ये सलाह 

उन्होंने अमेरिका से अपील की कि वह हालिया तनाव के दौरान खड़ी की गई सैन्य और आर्थिक बाधाओं को हटाकर अपनी गंभीरता दिखाए. उन्होंने आगे कहा, "अमेरिका को हमारी सलाह है कि बातचीत फिर से शुरू करने और मुद्दों को सुलझाने के लिए एक मंच तैयार करने के लिए वह सबसे पहले समुद्री घेराबंदी सहित अन्य बाधाओं को हटाए." इससे पहले इस्लामाबाद में उच्च स्तरीय शांति वार्ता विफल हो गई थी, जिसके बाद 13 अप्रैल से अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी ने ईरान के बंदरगाहों का रास्ता रोक रखा है.

ट्रंप ने भी अपने दूतों का दौरा रद्द किया

ईरान के इस रुख को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान में अपने दूतों, जारेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ की यात्रा रद्द करने के फैसले का बचाव किया. उन्होंने इस यात्रा को बहुत महंगी और गैर-मान्यता प्राप्त अधिकारियों से मिलने के लिए बहुत लंबी बताकर खारिज कर दिया.
पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि तेहरान का प्रस्ताव बहुत कुछ तो दे रहा था लेकिन पर्याप्त नहीं था, खासकर अमेरिकी मांग के जवाब में जिसमें संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) पर 20 साल के निलंबन की बात थी. 

Advertisement

डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को खर्च के प्रति सचेत व्यक्ति बताते हुए कहा, "हम उन लोगों से मिलने के लिए 15-16 घंटे की यात्रा नहीं करने वाले जिन्हें पहले कभी किसी ने सुना तक नहीं है." इसके बावजूद, ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने तुरंत एक संशोधित और बेहतर प्रस्ताव भेजा है.उन्होंने दोहराया कि वाशिंगटन की मुख्य मांग वही है: ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए. उन्होंने संघर्ष विराम (ceasefire) की चिंताओं को भी कमतर बताया और कहा कि उन्होंने इसके बारे में सोचा तक नहीं है.

यह भी पढ़ें- इमिग्रेशन नीति पर आर-पार: ट्रंप प्रशासन ने कोर्ट से कहा- आपको इसमें कोई अधिकार ही नहीं

यह भी पढ़ें- दुनिया के लिए शांतिदूत बना पाकिस्तान घर में ही कर रहा अत्याचार, फोजिया बलोच की गिरफ्तारी से उबाल

Advertisement
Featured Video Of The Day
Pradeep Gupta Exclusive: बंगाल चुनाव पर प्रदीप गुप्ता का चौंकाने वाला दावा! | Bengal Election 2026