- मुज्तबा खामेनेई को अमेरिका और इजरायल के हमले में गंभीर चोटें आई थीं, जिसमें उनके पिता की मौत हुई थी
- हमले के बाद मुज्तबा खामेनेई मानसिक रूप से सक्रिय हैं और बैठकों में ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हिस्सा लेते हैं
- 8 मार्च को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बने मुज्तबा खामेनेई की सेहत और उपस्थिति पर अनिश्चितता बनी हुई है
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के जख्म अब भरने लगे हैं. मुज्तबा खामेनेई अमेरिका और इजरायल के उस हमले में बुरी तरह घायल हो गए थे, जिसमें उनके पिता और तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इस हमले में उनके चेहरे और पैरों पर गंभीर चोटें आई थीं. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने मुज्तबा खामेनेई के करीबी सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है.
यह हमला 28 फवरी को सेंट्रल तेहरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के कंपाउंड में हुआ था. इस हमले में खामेनेई की परिवार के कई लोग मारे गए थे. मुज्तबा खामेनेई इस हमले में बुरी तरह जख्मी हो गए थे. उनका चेहरा बुरी तरह बिगड़ गया था और उनके एक या दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई थीं.
पहले खबर आई थी कि मुज्तबा बुरी तरह घायल हैं और कोमा में हैं. हालांकि, अब रॉयटर्स ने करीबी सूत्रों के हवाले से बताया है कि चोटों के बावजूद वह मानसिक रूप से सचेत हैं और सारे काम में सक्रिय रूप से शामिल हैं. दो सूत्रों ने बताया कि वह ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीनियर अफसरों के साथ होने वाली बैठकों में हिस्सा लेते हैं. जंग और अमेरिका के साथ बातचीत जैसे अहम मुद्दों पर लिए जाने वाले फैसलों में लगातार अपनी भूमिका निभा रहे हैं.
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सुप्रीम लीडर बनने के बाद से दिखे नहीं हैं मुज्तबा
28 फरवरी को अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद 8 मार्च को मुज्तबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया था. उसके बाद से उनकी कोई तस्वीर, वीडियो या ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी नहीं की गई है. इससे उनकी सेहत को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है.
ईरान ने अब तक आधिकारिक रूप से उनकी सेहत को लेकर कुछ कहा नहीं है. वहीं, अमेरिकी इंटेलिजेंस से जुड़े एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया था कि मुज्तबा ने अपना एक पैर खो दिया है. 13 मार्च को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा था कि वह घायल हैं और शायद उनका चेहरा बिगड़ गया है.
ईरान की सरकारी मीडिया ने उनके बारे में सिर्फ सीमित जानकारी दी है. अब तक मुज्तबा के कई संदेश सामने आ चुके हैं लेकिन एक में भी वह खुद नहीं दिखे हैं. उनके संदेशों को न्यूज एंकर ने पढ़कर सुनाया है. इससे पहले अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरानी मीडिया ने उन्हें 'जांबाज' बताया था. यह शब्द उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो युद्ध में गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं.
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क्या पिता की तरह ही ताकतवर होंगे मुज्तबा
ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में सबसे ताकतवर सुप्रीम लीडर होता है. मीडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट के एलेक्स वटांका ने रॉयटर्स से कहा कि इस बात की संभावना कम है कि मुज्तबा खामेनेई तुरंत वैसा ही निंयत्रण हासिल कर पाएंगे, जैसा उनके पिता ने दशकों तक बनाए रखा था.
उन्होंने कहा कि मुज्तबा की आवाज एक आवाज होगी लेकिन यह निर्णायक आवाज नहीं होगी. उन्हें खुद को एक भरोसेमंद, शक्तिशाली और सबसे ऊपर रहने वाली आवाज के तौर पर साबित करना होगा.
लंबे समय तक उनकी गैरमौजूदगी ने ईरान के भीतर तरह-तरह की अटकलों को जन्म दिया है. सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक मीम में रोशनी से जगमगाती एक खाली कुर्सी दिखाई गई है, जिसके नीचे यह कैप्शन लिखा है- 'मुज्तबा कहां हैं?'
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