हिजबुल्लाह चीफ ने ईरान को कहां 'थैंक्‍स', बोले- होर्मुज बंद न करते तो इजरायल-US नहीं करते सीजफायर

इजरायल और लेबनान ने सीजफायर हो गया है. हिजबुल्लाह ने इसका श्रेय ईरान को दिया है. हिजबुल्‍लाह चीफ का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद करने से अमेरिका और इजरायल युद्धविराम के लिए मजबूर हुए.

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  • इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच मध्य पूर्व में मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद सीजफायर हुआ है
  • हिजबुल्लाह महासचिव शेख नईम कासिम ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट बंद करने के लिए धन्यवाद दिया है
  • ईरान के समर्थन से अमेरिका और इजरायल लेबनान में युद्धविराम स्वीकार करने के लिए मजबूर हुए हैं
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नई दिल्‍ली:

Israel Lebanon Ceasefire: इजरायल और हिजबुल्‍लाह में भी सीजफायर हो गए हैं. मिडिल ईस्‍ट में मिसाइल और ड्र्रोन के धमाके थम गए हैं. हिजबुल्‍लाह ने इसका क्रेडिट ईरान को दिया है. हिजबुल्‍लाह महासचिव शेख नईम कासिम ने ईरान का धन्‍यवाद करते हुए कहा कि अगर होर्मुज स्‍ट्रेट को बंद न किया जाता, तो शायद अमेरिका और इजरायल सीजफायर के लिए तैयार नहीं होते और लेबनान पर हमले होते रहे. सीजफायर के बीच अमेरिकी सेना की नाकाबंदी के कारण ईरान ने एक बार फिर होर्मुज बंद कर दिया है, ऐसी खबरें आ रही हैं.    

अगर ईरान होर्मुज बंद नहीं करता... 

अल जजीरा की खबर के मुताबिक, हिजबुल्‍लाह प्रमुख शेख नईम कासिम का कहना है कि ईरान द्वारा होर्मुज स्‍ट्रेट को बंद करने से अमेरिका और इजराइल लेबनान में युद्धविराम स्वीकार करने पर मजबूर हुए. इजरायली आक्रामकता के सामने ईरान के समर्थन के लिए धन्यवाद. अगर ईरान हमारे समर्थन में ये कदम नहीं उठाता, तो लेबनान पर हमले जारी रहते. शनिवार को अपने संबोधन में शेख कासिम ने कहा, "युद्धक्षेत्र ने साबित कर दिया है कि वही अंतिम निर्णायक है. किसी भी सफल राजनीतिक रणनीति को लेबनान के अधिकारों को स्वीकार करने के लिए इजरायली दुश्मन को मजबूर किया गया. इस जमीनी उपलब्धियों से हमें शक्ति हासिल करनी चाहिए."

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हिजबुल्‍लाह ने कहा, "दक्षिणी मोर्चे पर हमारे लड़ाकों के प्रतिरोध के बिना अस्थायी युद्धविराम हासिल नहीं किया जा सकता था. दुश्मन न तो पहले सप्ताह में, जैसा कि उन्होंने योजना बनाई थी, और न ही 45 दिनों के युद्ध के बाद लिटानी नदी तक पहुंचने में सफल रहे. उनकी सारी प्‍लानिंग फेल हो गई."

होर्मुज से ईरान नहीं छोड़ी अपनी पकड़ 

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएससी) ने कहा है कि जब तक युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित नहीं हो जाती, तब तक वह होर्मुज स्‍ट्र्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर अपना नियंत्रण और निगरानी बनाए रखेगा. ईरानी मीडिया के मुताबिक, यह बयान उस समय आया जब ईरान की मुख्य सैन्य कमान ‘खातम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय' ने शनिवार को घोषणा की कि अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहने के कारण होर्मुज स्‍ट्रेट पर फिर से सख्त नियंत्रण शुरू किया जा रहा है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, एसएनएससी ने बताया कि वह इस होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से उनकी जानकारी मांगेगा, उन्हें आने-जाने की अनुमति देगा, सुरक्षा और पर्यावरण सेवाओं के लिए शुल्क लेगा और अपने नियमों तथा युद्धकालीन व्यवस्था के अनुसार जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करेगा.

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